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बांसवाड़ा राजनीति में बड़ा उलटफेर: 15 साल जिला प्रमुख रहीं रेशम मालवीया ने समिति सदस्य के लिए भरा पर्चा
Thu, 22 Oct 2026 10:27 AM IST
बांसवाड़ा ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांसवाड़ा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांसवाड़ा
Published by: बांसवाड़ा ब्यूरो
Updated Thu, 22 Oct 2026 10:27 AM IST
सार
बांसवाड़ा में लगातार 15 साल जिला प्रमुख रहीं रेशम मालवीया ने नाहरपुरा पंचायत समिति के वार्ड 11 से नामांकन दाखिल कर सबको चौंका दिया। वहीं डूंगरपुर में पहले चरण में 139 सीटों पर मतदान के लिए 5.21 लाख मतदाता तैयार हैं।
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पंचायत समिति सदस्य के लिए नामांकन दाखिल करती रेशम मालवीया।
विस्तार
बांसवाड़ा। पंचायतीराज चुनाव के अंतर्गत बांसवाड़ा में राजनीति की एक उलटबांसी देखने को मिली है। पिछले तीन चुनाव से जीत हासिल करने के बाद लगातार 15 साल तक जिला प्रमुख रही रेशम मालवीया ने बुधवार को पंचायत समिति सदस्य के लिए नामांकन दाखिल किया। उनका यह कदम राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है।
निवर्तमान जिला प्रमुख रेशम मालवीया ने बुधवार को नाहरपुरा पंचायत समिति के वार्ड 11 से अपना पर्चा दाखिल कर सभी को चौंका दिया। इस बार पंचायतीराज चुनाव की नामांकन प्रक्रिया से पहले ही पूर्व मंत्री महेंद्रजीत सिंह मालवीया ने यह घोषणा कर दी थी कि उनके परिवार का कोई भी सदस्य जिला परिषद सदस्य के लिए चुनाव नहीं लड़ेगा और न ही जिला प्रमुख पद के लिए दावेदारी करेगा।
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि जिला परिषद और जिला प्रमुख पद के लिए मालवीया परिवार ने दावेदारी नहीं की है, लेकिन पंचायत समिति सदस्य के रूप में चुनाव जीतने के बाद रेशम मालवीय प्रधान बन सकती हैं। यह कदम चौंकाने वाला जरूर है, किंतु उनके राजनीतिक करियर की दृष्टि से उचित भी है। मालवीया यदि प्रधान बनती हैं तो जिला परिषद और प्रशासनिक स्तर पर उनका दखल बना रहेगा।
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ये भी पढ़ें: राजस्थान: उदयपुर में पुलिस-सीआईडी का छापा! थाईलैंड की तीन महिलाएं डिटेन; एक पहले भी हो चुकी थी भारत से डिपोर्ट
डूंगरपुर में होगा 139 सीटों पर मतदान
इधर, डूंगरपुर जिले में पंचायत चुनाव के प्रथम चरण के मतदान के तहत 7 पंचायत समितियों की 119 सीटों और जिला परिषद की 20 सीटों सहित कुल 139 सीटों पर गुरुवार को मतदान होगा।
प्रथम चरण के चुनाव में पंचायत समिति की 119 सीटों पर 404 उम्मीदवार और जिला परिषद की 20 सीटों पर 65 प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। कुल 5,21,601 मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग करेंगे। इसके लिए जिलेभर में 596 मतदान केंद्र बनाए गए हैं।
108 बूथ संवेदनशील
जिला निर्वाचन अधिकारी देशलदान के अनुसार, जिले के 108 मतदान केंद्रों को संवेदनशील और अतिसंवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। इन केंद्रों पर सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। अतिसंवेदनशील बूथों पर राइफलधारी जवान तैनात रहेंगे। साथ ही, मतदान प्रक्रिया की निगरानी के लिए वीडियोग्राफी भी करवाई जाएगी। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिले में 71 पुलिस मोबाइल दल और 71 सेक्टर मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त निगरानी रखी जाएगी।
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निवर्तमान जिला प्रमुख रेशम मालवीया ने बुधवार को नाहरपुरा पंचायत समिति के वार्ड 11 से अपना पर्चा दाखिल कर सभी को चौंका दिया। इस बार पंचायतीराज चुनाव की नामांकन प्रक्रिया से पहले ही पूर्व मंत्री महेंद्रजीत सिंह मालवीया ने यह घोषणा कर दी थी कि उनके परिवार का कोई भी सदस्य जिला परिषद सदस्य के लिए चुनाव नहीं लड़ेगा और न ही जिला प्रमुख पद के लिए दावेदारी करेगा।
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राजनीतिक जानकारों का कहना है कि जिला परिषद और जिला प्रमुख पद के लिए मालवीया परिवार ने दावेदारी नहीं की है, लेकिन पंचायत समिति सदस्य के रूप में चुनाव जीतने के बाद रेशम मालवीय प्रधान बन सकती हैं। यह कदम चौंकाने वाला जरूर है, किंतु उनके राजनीतिक करियर की दृष्टि से उचित भी है। मालवीया यदि प्रधान बनती हैं तो जिला परिषद और प्रशासनिक स्तर पर उनका दखल बना रहेगा।
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डूंगरपुर में होगा 139 सीटों पर मतदान
इधर, डूंगरपुर जिले में पंचायत चुनाव के प्रथम चरण के मतदान के तहत 7 पंचायत समितियों की 119 सीटों और जिला परिषद की 20 सीटों सहित कुल 139 सीटों पर गुरुवार को मतदान होगा।
प्रथम चरण के चुनाव में पंचायत समिति की 119 सीटों पर 404 उम्मीदवार और जिला परिषद की 20 सीटों पर 65 प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। कुल 5,21,601 मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग करेंगे। इसके लिए जिलेभर में 596 मतदान केंद्र बनाए गए हैं।
108 बूथ संवेदनशील
जिला निर्वाचन अधिकारी देशलदान के अनुसार, जिले के 108 मतदान केंद्रों को संवेदनशील और अतिसंवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। इन केंद्रों पर सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। अतिसंवेदनशील बूथों पर राइफलधारी जवान तैनात रहेंगे। साथ ही, मतदान प्रक्रिया की निगरानी के लिए वीडियोग्राफी भी करवाई जाएगी। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिले में 71 पुलिस मोबाइल दल और 71 सेक्टर मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त निगरानी रखी जाएगी।