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Rajasthan: भरतपुर के सहकारी बैंक में घोटाला, किसानों के नाम आए 27 करोड़ रुपये हड़प गए बैंक अधिकारी

Wed, 08 Jun 2022 11:52 AM IST
रोमा रागिनी न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, भरतपुर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, भरतपुर Published by: रोमा रागिनी Updated Wed, 08 Jun 2022 11:52 AM IST
सार

बैंक अधिकारियों ने किसानों के लिए आए पैसे को लोन अकाउंट्स में जमा कराने की जगह पर सेविंग अकाउंट्स में जमा कर लिया। अब इस मामले के जांच कर दो महीने में रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए गए हैं।

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Bank officials did scam of Rs 27 crore for farmers in cooperative bank of Bharatpur
भरतपुर बैंक घोटाला - फोटो : Social Media

विस्तार

राजस्थान के भरतपुर स्थित केंद्रीय सहकारी बैंक में लगभग 26 करोड़ रुपये के गबन की जांच के दौरान एक और बड़े घोटाले का खुलासा हुआ है। बैंक अधिकारियों ने किसानों की कर्ज माफी के बदले सरकार की ओर से आए पैसे हड़प लिए। बैंक अधिकारियों ने करीब 26.96 करोड़ रुपए ऋण खातों में जमा कराने के बजाय बचत खातों में जमा कर गबन कर लिया।

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मीडिया रिपोर्टस के अनुसार बैंक अधिकारियों ने सरकार की ओर से दिए गए करीब 29.96 करोड़ रुपये लोन अकाउंट्स में जमा कराने की जगह पर सेविंग अकाउंट्स में जमा कर लिए। मामला सामने आने के बाद बैंक के चार अफसरों को सस्पेंड कर दिया गया है। वहीं सहकारी विभाग ने राजस्थान सहकारी सोसाइटी अधिनियम 2001 की धारा 55 के तहत मामले की विस्तृत जांच कराने का भी फैसला किया है। संयुक्त रजिस्ट्रार विभा खेतान को जांच सौंपी गई है। वे दो माह में जांच पूरी कर रिपोर्ट पेश करेंगी।

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तीन ब्रांच में घोटाला
यह घोटाला केंद्रीय सहकारी बैंक की कलेक्ट्रेट, कामां और डीग ब्रांच में किया गया है। इनमें सबसे अधिक करीब 22 करोड़ की गड़बड़ी कामां ब्रांच में हुई। इसके साथ ही करीब तीन-तीन करोड़ रुपए की गड़बड़ी डीग और कलक्ट्रेट ब्रांच में हुई। कहा जा रहा है कि जांच में यह आंकड़ा और बढ़ सकता है। 

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कैसे खुली पोल

पिछले साल भरतपुर के सहकारी बैंक में 300 से अधिक छद्म नामों से एफडी तैयार कर ब्याज की रकम हड़प ली गई थी। मामले की जांच अक्टूबर 2021 में शुरू की गई थी। इस दौरान अपेक्स बैंक ने एक टीम भरतपुर भेजी थी। जांच शुरू होते ही आरोपी अधिकारियों ने गबन की पूरी रकम जमा करा दी। रकम इसलिए जमा कराई गई थी कि जांच में और परतें नहीं खुलें। 

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