जेल में बंद आसाराम ने लगाए सनसनीखेज आरोप
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नाबालिग से बलात्कार के आरोप में जेल में बंद कथावाचक आसाराम ने कोर्ट में पेशी के दौरान डाक विभाग पर ही सनसनीखेज आरोप लगा डाले। आसाराम ने कहा कि डाक विभाग उसके खिलाफ साजिश रच रहा है, उसके समर्थकों द्वारा भेजे जा रहे खतों को उस तक पहुंचाया ही नहीं जा रहा है।
टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार आसाराम ने शनिवार को कोर्ट के सामने आरोप लगाया कि एक हजार के करीब पत्र उसके समर्थकों द्वारा पिछले कुछ दिनों से उसे जेल में भेजे गए हैं, लेकिन डाक विभाग ने उन्हें उस तक नहीं पहुंचाया है।
आसाराम के अनुसार इनमें से काफी खत तो रक्षाबंधन के त्यौहार पर उसे भेजे गए थे लेकिन डाक विभाग की अनिच्छा के कारण वह उस तक नहीं पहुंच पाए।
वहीं शुक्रवार को आसाराम ने जेल से अदालत आने के दौरान मीडिया के सामने खुद के कैंसर पीड़ित होने की बात कहकर भी सनसनी फैला दी थी। उसने कहा था कि, मेरा दर्द बढ़ता जा रहा है, मुझे कैंसर भी हो सकता है। जिसका इलाज जोधपुर में संभव नहीं है।'
कोर्ट ने दिए थे मीडिया से बात न करने के आदेश
उसने आगे कहा कि वह इस बारे में कुछ ज्यादा नहीं कह सकता क्योंकि इससे उसके समर्थकों की दिक्कतें बढ़ सकती हैं। बता दें कि कुछ दिन पहले 11 सितंबर को कोर्ट ने जेल परिसर में ही अदालत लगाकर उसके मामले की सुनवाई की अपील खारिज कर दी थी।
अदालत ने आसाराम से भी उससे मिलने के लिए कोर्ट परिसर में आने होने वाले समर्थकों से न आने की अपील करने को कहा था। इसके अलावा उसे मीडिया से भी बात न करने के लिए कहा गया था। दूसरी ओर उसके मुकदमे में शनिवार को कोई कार्यवाही नहीं हो सकी।
पीड़ित लड़की के वकील पीसी सोलंकी ने बताया कि पिछली सुनवाई के दौरान मामले की जांच अधिकारी चंचल मिश्रा किसी सरकारी कार्य के कारण अदालत नहीं पहुंच सकी थी इसलिए मामले की सुनवाई आगे नहीं बढ़ सकी। जिसके बाद जज मनोज कुमार व्यास द्वारा सुनवाई 26 अक्टूबर तक के लिए स्थगित कर दी गई।