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Jodhpur: जमानत पाने के लिए फर्जी दस्तावेज देकर फंसे आसाराम, सीजेएम कोर्ट में हुई पेशी, जानिए क्या बोले
Thu, 19 Jan 2023 09:38 AM IST
अर्पित याग्निक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोधपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोधपुर
Published by: अर्पित याग्निक
Updated Thu, 19 Jan 2023 09:38 AM IST
सार
सुप्रीम कोर्ट से जमान लेने के लिए जोधपुर सेंट्रल जेल की डिस्पेंसरी का फर्जी सर्टिफिकेट तैयार करने के मामले में आसाराम को सीजेएम कोर्ट में पेश किया गया। वहीं, जोधपुर के रातानाडा थाने में उनके पैरोकार रविराय पर केस दर्ज किया गया है।
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जोधपुर जेल में बंद है आसाराम।
- फोटो : Social Media
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विस्तार
जोधपुर के रातानाडा थाने में आसाराम को लेकर एक नया मामला सामने आया है। यहां कोर्ट में फर्जी दस्तावेज पेश करने के मामले में आसाराम को आरोपी बनाया गया है। इस मामले बुधवार जोधपुर सीजेएम मेट्रो कोर्ट में आसाराम को पेश किया गया जहां कोर्ट ने आसाराम को आरोप सुनाए। बता दें कि अपने ही गुरुकुल की नाबालिग छात्रा से यौन दुराचार करने के मामले आसाराम को पहले ही आखिरी सांस तक जेल में रहने की सजा सुनाई गई है।
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जानकारी के अनुसार आसाराम पर जमानत पाने के लिए जोधपुर जेल डिस्पेंसरी का फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट सुप्रीम कोर्ट में पेश करने का आरोप है। इसी के चलते उनको बुधवार को जोधपुर सीजेएम मेट्रो कोर्ट में पेश किया गया। अधिवक्ता विजय चौधरी ने बताया कि रविराय और आसाराम के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में झूठे दस्तावेज पेश कर जमानत हासिल करने का आरोप है। पैरोकार रविराय की ओर से जोधपुर सेंट्रल जेल की डिस्पेंसरी का फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट पेश कर सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई गई थी।
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आसाराम ने आरोपों का किया खंडन
सुप्रीम कोर्ट पेश जोधपुर सेंट्रल जेल की डिस्पेंसरी के मेडिकल सर्टिफिकेट में आसाराम की कई गंभीर बीमारियों का जिक्र था। ये मामला वर्ष 2017 का है। इस सर्टिफिकेट की सुप्रीम कोर्ट ने जांच करवाई तो मामला फर्जी निकला। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने मामला दर्ज करने का आदेश पारित कर दिया। इस मामले में जोधपुर के रातानाडा थाने में पैरोकार रविराय एफआईआर दर्ज हुई और मामले में आसाराम को भी आरोपी बनाया गया। वहीं, इस पूरे प्रकरण में आसाराम ने अपनी भूमिका का खंडन किया है। उनका कहना है कि इस मसले को लेकर न तो वो कभी रविराय से मिले न ही फोन पर बात हुई।
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