आसाराम को कोर्ट ने दिया एक और झटका
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नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म मामले में न्यायिक हिरासत झेल रहे आसाराम को पीडि़ता के उम्र की जांच की मांग भारी पड़ गई।
आसाराम ने पीडि़ता की आयु की जांच को लेकर अदालत में प्रार्थना पत्र पेश किया था, जिसे अदालत ने बृहस्पतिवार को उन पर पांच हजार रुपए जुर्माना लगाते हुए खारिज कर दिया।
सेशन न्यायाधीश (जोधपुर जिला) मनोज कुमार व्यास ने गत पांच मई को इस मामले में बहस सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रखा था।
कानूनी दांव-पेच से नहीं बचे आसाराम
आसाराम ने यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम-2012 (पोक्सो) की धारा 34 के तहत पेश इस प्रार्थना पत्र में पीडिता की आयु के सम्बन्ध में जांच करवाने का अनुरोध किया था।
अभियोजन पक्ष की ओर से विशिष्ट लोक अभियोजक राजूलाल मीणा और पीडिता की ओर से प्रमोद कुमार वर्मा व पी.सी. सोलंकी का कहना था कि बार-बार एक ही तरह के प्रार्थना पत्र पेश करने का कोई औचित्य नहीं है।
इससे पूर्व भी पीडिता की आयु से सम्बन्धित एक अन्य प्रार्थना पत्र न्यायालय खारिज कर चुका है। तीनों ने अदालत से मांग की कि इस प्रार्थना पत्र को जुर्माने के साथ खारिज किया जाए।