राजस्थान: एफएसएल की टीम पहुंची अलवर, सीन रिक्रिएट कर जानी दुर्घटना की थ्योरी, 9वें दिन भी खुलासा नहीं
जानकारी के अनुसार जयपुर से एफएसएल टीम बुधवार सुबह दस बजे अलवर पहुंची और दुर्घटना के वक्त लोक परिवहन सेवा की बस एवं जोमैटो वाले की बाइक का एफएसएल टीम द्वारा निरीक्षण किया।
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राजस्थान के अलवर के तिजारा पुलिया पर लहूलुहान हालत में मिली मूक बधिर बालिका के मामले में एफएसएल टीम आज एक बार फिर अलवर पहुंची। सीबीआई जांच से पहले अलवर पुलिस इस मामले को दुर्घटना के रूप में जांच कर रही है और बुधवार रात 8 बजे एफएसएल टीम अलवर पुलिस और डीएसटी टीम ने एफएसएल टीम के साथ मिलकर सीन क्रिएट किया। इस दौरान आगे-आगे बाइक चल रही थी। बाइक हर रफ्तार से चलाकर देखी गई। उसके पीछे लोग और परिवहन सेवा की बस चल रही थी। बस में गुलाबी ड्रेस पहना कर एक डमी लेकर आए और जिस स्थान पर वह लड़की मिली थी उसी स्थान पर डमी को गिराया गया और सीन रिक्रिएट किया गया। लेकिन वह दुर्घटना के अनुसार नहीं मिला।
एफएसएल की टीम बुधवार सुबह दस बजे अलवर पहुंची
जानकारी के अनुसार जयपुर से एफएसएल की टीम बुधवार सुबह दस बजे अलवर पहुंची और दुर्घटना के वक्त लोक परिवहन सेवा की बस एवं जोमैटो वाले की बाइक का एफएसएल टीम द्वारा निरीक्षण किया। यह दोनों गाड़ियां अरावली विहार थाने में खड़ी थीं जहां पुलिस अधिकारियों के देखरेख में एफएसएल टीम द्वारा जांच की गई। इसके अलावा दोपहर में यह टीम चुपचाप आई और पुलिया पर घटनास्थल को देखा उसके बाद टीम वापस चली गई । शाम 5:15 बजे पुलिस उपाधीक्षक अमित सिंह के नेतृत्व में पुल के पास लगे समर ईमित्र के कैमरे से पुल से चढ़ने और जिस स्थान पर लड़की मिली थी उस स्थान तक पहुंचने में कितना समय लगा इसकी जांच की गई।
इसके बाद एफएसएल टीम, डीएसटी टीम प्रभारी जहीर अब्बास, पुलिस उपाधीक्षक अमित सिंह शाम 8 बजे बस को और बाइक को लेकर मौके पर पहुंचे और सीन रिक्रिएट किया गया। पहले बस को बाइक को आगे दौड़ाया गया उसके पीछे बस को दौड़ाया गया। बस में डमी रखी गई और जहां लड़की मिली थी उसी स्थान पर डमी को गिराया गया लेकिन जिस मकसद से पुलिस सीन क्रिएट करना चाह रही थी उस मकसद में उन्हें कामयाबी ज्यादा हासिल नहीं हुई । यहां सबसे गंभीर बात यह रही कि पुलिस ने इस प्रोसीजर में करीब 30 मिनट लगाए लेकिन आवागमन को पूरी तरह प्रतिबंधित नहीं किया जिससे पुलिस को अपनी ही इस कार्रवाई में काफी परेशान होना पड़ा। टीम वापस चली गई । संभवतः कल फिर यही सीन क्रीएट का काम किया जाएगा।
बस चालक ने कहा-हमने लड़की को उतार दिया, फिर क्या हुआ हमें नहीं पता
बस के चालक सत्य प्रकाश के अनुसार वह भिवाड़ी से अलवर चलकर आ रहे थे और पुलिया से पहले ही एक सवारी उतरने के लिए चिल्ला रही थी तो मैंने सवारी को उतारने के लिए जैसे ही ब्रेक लगाया और उस सवारी को पुल पर उतार दिया । हमने यहां कुछ नहीं देखा, ना ही कोई बाइक हमारे आगे चल रही थी लेकिन कुछ सवारियां कह रही थीं कि पीछे कोई बाइक से टकरा गया है। उन्होंने इस बात से इनकार किया कि उन्होंने अपनी गाड़ी के आगे कोई बाइक देखी है।
उल्लेखनीय है कि गत दिनों अलवर शहर की तिजारा फाटक पुलिया पर एक लहूलुहान हालत में मूक-बधिर बालिका मिली थी जिसके प्राइवेट पार्ट्स काफी डैमेज थे और ब्लडिंग हो रही थी उसे तुरंत अलवर के सामान्य चिकित्सालय लाया गया। जहां 2 घंटे बाद जयपुर के लिए रेफर कर दिया गया। वहां करीब 4 घंटे 7 डॉक्टरों की टीम ने उसकी सर्जरी की । वह लड़की अभी किसी भी तरह कोई जानकारी देने में असमर्थ है और एक्सपर्ट की मदद से उसके इशारे को समझने की कोशिश की जा रही है। राजस्थान सरकार ने इस मामले में परिजनों की मांग पर इसकी जांच सीबीआई को सौंपने का निर्णय लिया है जिसके लिए राजस्थान सरकार ने सीबीआई को पत्र भेज दिया है अब इस मामले की जांच सीबीआई करेगी