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पहलू खान मॉब लिंचिंग मामले में दो नाबालिग दोषी करार, सात अप्रैल को सुनाई जाएगी सजा
Sat, 07 Mar 2020 05:28 AM IST
गौरव पाण्डेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलवर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलवर
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Sat, 07 Mar 2020 05:28 AM IST
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पहलू खान मॉब लिचिंग केस में अलवर स्थित किशोर न्याय बोर्ड ने दो नाबालिग आरोपियों को दोषी करार दिया है। सजा सात अप्रैल को तय की जाएगी। उधर, चश्मदीद गवाहों के बयान दर्ज किए बिना ही किशोर न्याय बोर्ड द्वारा आरोपियों को दोषी करार दिए जाने पर पीड़ित और उनके वकील संतुष्ट नहीं हैं। सजा सुनाने से पहले सभी गवाहों के बयान दर्ज कराने के लिए 12 मार्च को अदालत में अर्जी लगाई जाएगी।
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पीड़ितों के वकील असद हयात ने बताया कि पहलू हत्या मामले में पुलिस ने नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जिनमें से छह को अदालत ने बरी कर दिया जबकि 16 वर्ष से कम आयु के दो आरोपियों पर किशोर न्याय बोर्ड और 17 वर्षीय एक आरोपी का जिला सत्र पोक्सो कोर्ट में ट्रायल चल रहा था। उन्होंने बताया कि 17 वर्षीय आरोपी के ट्रायल के दौरान सभी गवाहों के करीब छह माह पहले बयान दर्ज किए गए थे और उन्होंने आरोपी को पहचान लिया था।
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किशोर न्याय बोर्ड में दो नाबालिगों के चल रहे केस में बोर्ड ने समन तो जारी किए थे, लेकिन पीड़ितों तक तामील नहीं कराए गए और न ही पहलू खान के पुत्रों इरशाद और आरिफ के साथ-साथ घायल अजमत व रफीक के बयान दर्ज करवाए गए। उन्होंने कहा कि, जिस नाबालिग का वकील पोक्सो अदालत में केस लड़ रहा है, वही वकील किशोर न्याय बोर्ड में सरकारी वकील है।
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आरोपियों ने ही छह महीने पहले पोक्सो अदालत में गवाहों के दिए बयानों की प्रमाणित कॉपी न्याय बोर्ड को दे दी और असल गवाहों के बयानों की जरूरत नहीं समझी। नियमानुसार दूसरी अदालत में दिए बयानों की कोई मान्यता नहीं होती क्योंकि उनमें बचाव पक्ष के वकीलों को बहस करने का मौका नहीं मिलता और ऊपरी अदालत में आरोपियों को फायदा मिल जाता है।
पहलू खान के बेटे आरिफ और इरशाद ने कहा कि वे अपने पिता के हत्यारों को सजा दिलाने के लिए गवाही देने को तैयार है, लेकिन आज तक कोई समन नहीं आया। गौरतलब है कि पहली अप्रैल 2017 को अलवर जिले के बहरोड थाने में नूंह जिले के गांव जयसिंहपुर निवासी पहलू खान की उस समय हत्या कर दी थी जब वह जयपुर के पशु मेले से दुधारू गाय खरीदकर ला रहा था।