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Barmer: ट्रेलर हादसे में जिंदा जलने वाले तीनों मृतकों की हुई पहचान, जिंदा निकले लक्ष्मणराम ने बताई आपबीती
Tue, 25 Apr 2023 11:11 AM IST
अर्पित याज्ञनिक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बाड़मेर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बाड़मेर
Published by: अर्पित याज्ञनिक
Updated Tue, 25 Apr 2023 11:11 AM IST
सार
बाड़मेर के पास दो ट्रेलर में टक्कर के बाद लगी भीषण आग में तीन लोग जिंदा जलकर मौत के शिकार हो गए। तीनों की पहचान हो गई है। घटना सोमवार की है।
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हादसे में जान गंवाने वाले प्रदीप, शरीफ खान और रफीक का फाइल फोटो।
- फोटो : Amar Ujala Digital
विस्तार
बाड़मेर जिले के गुड़ामालानी आदूराम पेट्रोल पंप के पास हुई सड़क दुर्घटना में तीन लोग काल कलवित हो गए। आग से धधकते दो ट्रेलरों पर पानी फेंकने और आग बुझाने महिलाएं कोशिश कर ही रहीं थी कि लाइट कट गई। एक व्यक्ति मौके से थोड़ी दूर बैठा रो रहा था। बोला- उसके भतीजे समेत तीन लोग आग में जिंदा जल गए। हादसा बाड़मेर जिले के गुड़ामालानी आदूराम पेट्रोल पंप के पास का है।
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दोनों ट्रेलर में दो-दो ड्राइवर थे
दरअसल, दोनों ट्रेलर में दो-दो ड्राइवर थे। मोरबी गुजरात से टाइल्स भरकर पंजाब जा रहे ट्रेलर में चाचा लक्ष्मणराम और भतीजा प्रदीप (23) थे। दोनों बीकानेर के नोखा के रहने वाले थे। भतीजा ट्रेलर चला रहा था। चाचा पास में सो रहा था। गुड़ामालानी पेट्रेाल पंप के पास सामने से आ रहे मिट्टी से भरे से दूसरे ट्रेलर से उनकी टक्कर हो गई।
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डीजल टैंक फटने से लगी आग
चाचा लक्ष्मणराम कुछ समझ पाता इससे पहले आग लग गई। भतीजे को बचाने की कोशिश करता, इससे पहले डीजल टैंक फट गया। वहीं, मिट्टी से भरे ट्रेलर में मोहम्मद शरीफ खान (40) पुत्र सामू खान, मोहम्मद रफीक (34) पुत्र हुसैन खान दोनों जिंदा जल गए। दोनों ही बीकानेर के नाल के रहने वाले थे।
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आग से जिंदा निकले चाचा लक्ष्मणराम की आपबीती...
लक्ष्मणराम ने कहा कि टक्कर के बाद हमारे ट्रेलर के ड्राइवर साइड जाम हो गया। सामने वाले ट्रेलर का तो पूरा केबिन जाम हो गया। दोनों ड्राइवर और एक अन्य युवक को बाहर नहीं निकाला जा सका। डीजल टंकी फटने से आग ने दोनों ट्रेलर को घेर लिया। मैंने तीनों को बचाने का प्रयास किया, लेकिन आग बेकाबू हो गई थी। चाहकर भी उनको बचा नहीं पाया। एक मिनट के अंदर ही दोनों ट्रेलर में आग लग गई। मैं मदद के लिए चिल्लाया। मैंने अपने स्तर पर बाहर निकालने का प्रयास किया। डीजल टैंक फटने से दोनों ट्रेलर में आग भड़क गई। मेरी आंखों के आगे तीनों जिंदा जल गए। मैं कुछ नहीं कर पाया। मैं 20 साल से ड्राइविंग कर रहा हूं। हादसों की वजह खतरनाक मोड़ हैं। उस वजह से हादसे हो रहे हैं। भतीजा पांच साल से गाड़ी चला रहा था। परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
पूजा देवी पानी का पाइप लेकर आग बुझाने दौड़ी
घटनास्थल से पूजा देवी का मकान सिर्फ 60 मीटर दूर था। पूजा देवी बोलीं- सुबह चार बचे के आसपास हमारे परिवार में सब लोग उठ जाते हैं। जैसे उठे तो धमाके की आवाज आई। कुछ सेकेंड में आग लग गई। आग देखते ही पुलिस को फोन लगाने की कोशिश की, लेकिन फोन लगा नहीं। कुएं से पाइप लाइन ले जाकर ट्रेलर में लगी आग को बुझाने की कोशिश की। पानी गिराने के दौरान ही लाइट कट गई। तब दोबारा पुलिस व लाइटवालों को फोन लगाया। हमारे दिमाग में यही था कि शायद पाइप से पानी डालने से आग बुझ जाएगी और लोग बच जाएंगे।
प्रत्यक्षदर्शी बोले- टायरों में ब्लास्ट होने से लगा बम फट रहे हों
प्रत्यक्षदर्शी पेट्रोल पंप मैनेजर हनुमानराम ने बताया- डीजल टैंक में ब्लास्ट होने के साथ ही दो-तीन मिनट में आग ने विकराल रूप ले लिया। हम लोग भी कुछ नहीं कर पाए। कुछ ही मिनट में चिल्लाने-चीखने की आवाज दब गई। इस दौरान टायरों के फटने के धमाके होने लगे। हमने फायर बिग्रेड और पुलिस को फोन करके सूचना दी।
महिला बोली- आग गोला देख लगा डर, लाइट बंद नहीं होती आग ढाणी तक पहुंच जाती
करीब 60 मीटर दूरी पर रहने वाली राजीदेवी पत्नी लाधूराम ने बताया कि मैं कुछ काम कर रही थी कि जोर से आवाज सुनाई दी। इधर-उधर देखा तो आग की लपटें दिखीं। जोर-जोर से रोने और चिल्लाने की आवाज आ रही थी। उस समय घर में कोई आदमी नहीं था तो मैं और मेरी बहू हाईवे की तरफ भागे। आग गोला देखकर डर लगा। हमने बिजली बंद कराई ताकि ढाणी और पशुओं के बाड़े तक आग न पहुंच पाए।
एक ट्रेलर लगा था एक्स्ट्रा डीजल टैंक
जानकारी के मुताबिक एक ट्रेलर में डीजल का एक्स्ट्रा टैंक लगा हुआ था। चंद सेकेंड में आग के फैलने और बेकाबू होने में यह भी एक वजह हो सकती है। राजस्थान में डीजल मंहगा है, इसलिए भी ट्रेलर ड्राइवर एक्स्ट्रा टैंक लगवाते हैं, ताकि यहां से निकलते वक्त डीजल नहीं भरवाना पड़े।
तीन मृतक में दो शादीशुदा
मिट्टी के ट्रेलर में जिंदा जले शरीफ खान की शादी 12 साल पहले हुई थी। इसके डेढ़ साल, 4 साल और 6 साल के तीन बच्चे हैं। यह 4 साल से ड्राइविंग कर रहा था। वहीं, मोहम्मद रफीक की 18 साल पहले शादी हुई थी। बुजुर्ग पिता की दो माह पहले मौत हुई थी। इनके तीन लड़कियां और एक लड़का है। सबसे बड़ी लड़की 17 साल की है। सबसे छोटा लड़का 11 साल का है। टाइल्स से भर ट्रेलर में जलने वाले प्रदीप (23) पुत्र रामचंद्र की शादी नहीं हुई थी। अगले साल परिवार वाले शादी करने वाले थे।