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Ajmer News: अजमेर में किसका बनेगा मेयर? भाजपा-कांग्रेस में मंथन, निर्दलीय तय करेंगे बाजी

Tue, 15 Sep 2026 02:42 PM IST
अजमेर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेर Published by: अजमेर ब्यूरो Updated Tue, 15 Sep 2026 02:42 PM IST
सार

अजमेर नगर निगम में कांग्रेस 37 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी है, जबकि भाजपा को 32 सीटें मिली हैं। 11 निर्दलीय पार्षदों के कारण मेयर की कुर्सी का फैसला अब समर्थन जुटाने के गणित पर निर्भर है। दोनों दलों में मेयर पद के नाम को लेकर मंथन जारी है।
 

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Who will become the mayor of Ajmer? BJP and Congress are in the midst of a debate
अजमेर नगर निगम - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अजमेर नगर निगम चुनाव के नतीजे सामने आने के बाद अब शहर की सरकार बनाने को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। 80 वार्डों वाले अजमेर नगर निगम में किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है। कांग्रेस 37 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, जबकि भाजपा को 32 वार्डों में जीत मिली है। 11 निर्दलीय पार्षदों ने भी जीत दर्ज की है। ऐसे में नगर निगम में मेयर और डिप्टी मेयर की कुर्सी तक पहुंचने के लिए भाजपा और कांग्रेस दोनों को निर्दलीय पार्षदों के समर्थन की जरूरत है।
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बहुमत से चार कदम दूर कांग्रेस
बहुमत का आंकड़ा 41 है। कांग्रेस को बहुमत के लिए चार पार्षदों की जरूरत है, जबकि भाजपा बहुमत से नौ सीट दूर है। यही वजह है कि अब दोनों प्रमुख दलों की नजर निर्दलीय पार्षदों पर टिक गई है। दोनों ही दल अपने-अपने स्तर पर निर्दलीयों के समर्थन का दावा कर रहे हैं और बोर्ड बनाने का भरोसा जता रहे हैं।
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36 साल बाद टूटा भाजपा का किला
अजमेर नगर निगम की राजनीति में इस बार का परिणाम भाजपा के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। भाजपा पिछले करीब 36 साल से नगर निकाय में अपना बोर्ड बनाने में सफल रही थी, लेकिन इस बार उसका यह सिलसिला टूट गया। वहीं कांग्रेस ने 37 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में अपनी स्थिति मजबूत की है। हालांकि बहुमत से चार सीट दूर होने के कारण कांग्रेस को भी बोर्ड बनाने के लिए निर्दलीयों का साथ जरूरी है।
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मेयर पद के लिए इन नामों पर नजर
अजमेर का मेयर पद अनारक्षित महिला के लिए आरक्षित है। ऐसे में भाजपा और कांग्रेस दोनों में महिला पार्षदों में से मेयर पद के दावेदार की तलाश चल रही है। फिलहाल किसी भी पार्टी ने आधिकारिक रूप से प्रत्याशी के नाम का ऐलान नहीं किया है। पार्टी के भीतर कई नामों को लेकर रायशुमारी की जा रही है।

भाजपा की ओर से मेयर पद के लिए रश्मि शर्मा (वार्ड 69), किरण गढ़वाल (वार्ड 57) और बबीता सैन (वार्ड 59) के नाम चर्चा में बताए जा रहे हैं। वहीं कांग्रेस में रश्मि हिंगरोनी (वार्ड 24) सहित अन्य महिला पार्षदों के नामों पर विचार किया जा रहा है। हालांकि अंतिम फैसला पार्टी स्तर पर रायशुमारी के बाद ही होगा।

पुष्कर के रिसोर्ट में पार्षदों की रायशुमारी
भाजपा और कांग्रेस दोनों ही पार्टियों के पार्षद फिलहाल बाड़ाबंदी में हैं। दोनों दलों ने अपने-अपने पार्षदों को पुष्कर के रिसोर्ट में रखा हुआ है। यहां पार्टी नेतृत्व पार्षदों से मेयर और डिप्टी मेयर के संभावित नामों को लेकर रायशुमारी कर रहा है।

दोनों दलों के जिलाध्यक्षों का दावा है कि उनके पास बोर्ड बनाने के लिए पर्याप्त निर्दलीय पार्षदों का समर्थन है। हालांकि निर्दलीयों की ओर से समर्थन को लेकर अंतिम स्थिति नामांकन और मतदान के समय ही स्पष्ट होगी। पार्टी नेताओं का कहना है कि मेयर पद के प्रत्याशी का निर्णय पार्षदों की राय के आधार पर प्रदेश स्तर पर किया जाएगा।

कांग्रेस का दावा, 5 से ज्यादा निर्दलीय संपर्क में
कांग्रेस की ओर से बोर्ड बनाने को लेकर सबसे मजबूत दावा किया जा रहा है। पूर्व आरटीडीसी चेयरमैन धर्मेंद्र सिंह राठौड़ ने दावा किया है कि कांग्रेस अजमेर नगर निगम में अपना बोर्ड बनाने जा रही है और मेयर भी कांग्रेस का ही होगा। उन्होंने कहा कि पांच से अधिक निर्दलीय पार्षद कांग्रेस के संपर्क में हैं, जबकि तीन निर्दलीय पार्षद कांग्रेस की बाड़ाबंदी में शामिल हो चुके हैं।

कांग्रेस 37 पार्षदों के साथ बहुमत के आंकड़े से महज चार कदम दूर है। ऐसे में यदि कांग्रेस चार या उससे अधिक निर्दलीयों को अपने पक्ष में करने में सफल रहती है तो वह आसानी से बोर्ड बनाने की स्थिति में आ सकती है।

भाजपा भी निर्दलीयों को साधने में जुटी
दूसरी ओर भाजपा भी नगर निगम में अपना बोर्ड बनाने के लिए पूरी ताकत लगा रही है। भाजपा के पास 32 पार्षद हैं और उसे बहुमत के लिए नौ पार्षदों के समर्थन की जरूरत है। भाजपा भी निर्दलीयों को अपने साथ होने का दावा कर रही है। पार्टी के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपने पार्षदों को एकजुट रखने के साथ निर्दलीयों का पर्याप्त समर्थन जुटाने की है।

38 महिला पार्षद, इन्हीं में से बनेगा मेयर
मेयर पद महिला के लिए आरक्षित होने के कारण इस बार महिला पार्षदों की भूमिका सबसे अहम हो गई है। नगर निगम के 80 वार्डों में कुल 38 महिला पार्षद चुनाव जीतकर आई हैं। इनमें भाजपा की 16, कांग्रेस की 18 और चार निर्दलीय महिला पार्षद शामिल हैं। ऐसे में मेयर पद के लिए महिला पार्षदों के बीच ही मुकाबला होना तय है।

आज रात तक सामने आ सकता है नाम
मेयर और डिप्टी मेयर के नाम को लेकर दोनों दलों में दिनभर मंथन जारी रहेगा। पार्टी स्तर पर पार्षदों की राय लेने के बाद आज रात तक मेयर पद के प्रत्याशी का नाम तय किए जाने की संभावना है। इसके बाद कल नामांकन दाखिल किए जाएंगे।


फिलहाल अजमेर नगर निगम की राजनीति में हर एक निर्दलीय पार्षद की अहमियत बढ़ गई है। 37 सीटों वाली कांग्रेस बहुमत से सिर्फ चार कदम दूर है, जबकि 32 सीटों वाली भाजपा सत्ता की दौड़ में बने रहने के लिए निर्दलीयों का समर्थन जुटाने में लगी है। ऐसे में अगले 24 घंटे अजमेर नगर निगम की नई सरकार की दिशा तय करने वाले माने जा रहे हैं। मेयर की कुर्सी किसके खाते में जाएगी और निर्दलीय पार्षद किसका साथ देंगे, इसका फैसला अब सियासी जोड़-तोड़ के बीच होगा।
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