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NSP छात्रवृत्ति घोटाले का बड़ा खुलासा: 85 सिम, 2100 बैंक खाते और 2000 आधार कार्ड के साथ दो साइबर ठग गिरफ्तार
Mon, 22 Jun 2026 07:30 PM IST
अजमेर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेर
Published by: अजमेर ब्यूरो
Updated Mon, 22 Jun 2026 07:30 PM IST
सार
नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल पर फर्जी आवेदन कर अल्पसंख्यक छात्रों की छात्रवृत्ति राशि हड़पने वाले साइबर ठग गिरोह के दो सदस्यों को अजमेर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 85 सिम कार्ड, लैपटॉप, मोबाइल, फिंगरप्रिंट डिवाइस, एटीएम कार्ड और बड़ी मात्रा में डिजिटल डेटा बरामद हुआ है।
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NSP फर्जीवाड़े का पुलिस ने किया खुलासा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल पर फर्जी तरीके से आवेदन कर अल्पसंख्यक छात्रों की छात्रवृत्ति राशि हड़पने वाले साइबर ठग गिरोह के दो सदस्यों को अजमेर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 85 अलग-अलग कंपनियों के मोबाइल सिम कार्ड, दो लैपटॉप, दो प्रिंटर, सात चांस फिंगर प्रिंट, एक फिंगर प्रिंट मशीन, सात बैंक एटीएम कार्ड, तीन मोबाइल फोन, बैंक पासबुक और अन्य डिजिटल उपकरण बरामद किए गए हैं।
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छात्रवृत्ति योजना में फर्जीवाड़े की शिकायत से खुला मामला
सीओ नॉर्थ शिवम जोशी ने बताया कि दो जून 2025 को जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी, अजमेर की ओर से शिकायत दी गई थी कि वर्ष 2021-22 और 2022-23 में भारत सरकार के अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय की छात्रवृत्ति योजनाओं के तहत 30 शिक्षण संस्थानों के आवेदकों ने NSP पोर्टल पर गलत जानकारी देकर लाखों रुपये की छात्रवृत्ति राशि धोखाधड़ी से प्राप्त कर राजकोष को नुकसान पहुंचाया। इस संबंध में सिविल लाइंस थाने में प्रकरण संख्या 177/2025 के तहत धारा 420 और 120-बी आईपीसी में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
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विशेष टीम ने पश्चिम बंगाल तक पहुंचकर दबोचे आरोपी
मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर एवं मुख्यालय हिमांशु जांगिड़ तथा वृताधिकारी उत्तर नगर शिवम जोशी के सुपरविजन में विशेष टीम का गठन किया गया। जांच के दौरान पुलिस टीम ने तकनीकी विश्लेषण और साइबर इनपुट के आधार पर पश्चिम बंगाल के बांग्लादेश सीमा से सटे काजीगच्छ और चकलागच्छ गांवों तक पहुंच बनाई। संदिग्धों को डिटेन कर पूछताछ के बाद 12 जून और 14 जून 2026 को गिरफ्तार कर ट्रांजिट रिमांड पर अजमेर लाया गया।
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कोरोना काल की ऑनलाइन प्रक्रिया का उठाया फायदा
पुलिस के अनुसार आरोपियों ने कोरोना काल के दौरान छात्रवृत्ति आवेदनों की ऑनलाइन जांच प्रक्रिया का फायदा उठाया। गिरोह के सदस्यों ने विभिन्न संस्थानों के नोडल अधिकारियों से फर्जी सत्यापन करवाकर छात्रवृत्ति राशि हासिल की। एनपीएस पोर्टल पर आवेदकों की जानकारी ऑनलाइन जुटाकर फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से छात्रवृत्ति के लिए आवेदन किए गए।
कौन हैं गिरफ्तार आरोपी?
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान तबिबार रहमान (35) पुत्र समिरूददीन निवासी ग्राम चकलागच्छ, पोस्ट अशारूबस्ती, थाना चोपड़ा, जिला उत्तर दिनाजपुर (पश्चिम बंगाल) तथा साहनामाज (25) पुत्र बिशु मोहम्मद निवासी ग्राम काजीगच्छ, पोस्ट लखीपुर, थाना चोपड़ा, जिला उत्तर दिनाजपुर (पश्चिम बंगाल) के रूप में हुई है।
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2100 बैंक खाते और 2000 आधार कार्ड की जानकारी मिली
आरोपियों से जब्त लैपटॉप और मोबाइल फोन की जांच में करीब 2100 बैंक खातों की जानकारी, 1000 से अधिक फिंगरप्रिंट रिकॉर्ड, 2000 लोगों के आधार कार्ड और फोटो, तथा करीब 1500 स्टांप की फोटो प्रतियां मिली हैं। पुलिस इन सभी डिजिटल साक्ष्यों का गहन विश्लेषण कर रही है और पूरे साइबर गिरोह के नेटवर्क की जांच जारी है।