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Jan Sangharsh Yatra: पायलट बोले- पेपर लीक की तह तक जाना जरूरी, अधिकारियों-नेताओं को क्लीन चिट नहीं दे सकते
Fri, 12 May 2023 02:41 PM IST
रवींद्र भजनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: रवींद्र भजनी
Updated Fri, 12 May 2023 02:41 PM IST
सार
कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने किशनगढ़ में मीडिया से रूबरू होकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे दोनों को जमकर आड़े हाथों लिया।
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झुंझुनू में सचिन पायलट
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने किशनगढ़ में पत्रकारों से बातचीत में आरोप लगाया कि जन संघर्ष यात्रा की शुरुआत की है। इस यात्रा का मकसद है कि नौजवानों में विश्वास कायम रखें। इस पेपरलीक मामले में तह तक जाना बहुत जरूरी है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पेपर लीक मामले में नेताओं अधिकारियों को क्लीन चिट देने के बयान पर सवाल उठाते हुए पायलट ने कहा- जांच से पहले यह कहना 'इसमें कोई अधिकारी-नेता इनवॉल्व नहीं है' ग़लत है।
आरपीएससी सदस्य कटारा के यहां बुलडोजर क्यों नहीं चला?
सचिन पायलट ने कहा कि अजमेर शिक्षा का सेंटर है। हम राजधानी जयपुर की ओर जा रहे हैं। हम प्रतिशोध की भावना से काम नहीं कर रहे हैं। एक का मकान तोड़ दिया, लेकिन आरपीएससी सदस्य कटारा के यहां बुलडोजर क्यों नहीं चला? RPSC का चयन पारदर्शी नहीं है। मैं करप्शन के मुद्दे लम्बे समय से उठा रहा हूं। छह-सात महीने ही सरकार में बचे हैं। मैंने अनशन किया, क्या कुछ नहीं किया। इस यात्रा से जनता जुड़ रही है। इससे हम सभी को ताकत और हिम्मत मिल रही है।
वसुंधरा राजे जी को तब निशाना पर लिया, जब वो सत्ता में थीं
पूर्व डिप्टी सीएम पायलट ने पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के सचिन पायलट पर लगाए गए आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा- हमने तो वसुंधरा राजे जी को तब निशाना पर लिया, जब वो सत्ता में थीं। उन पर शराब, खान घोटाले के आरोप लगाए। उनकी जांच हो। पायलट ने आगे कहा- जनता सब जानती है। अमर्यादित भाषा कौन बोलता है। यह सब जानते हैं। जो मुद्दा उठा रहे हैं उन्हीं पर सवाल खड़े किए। आप सबको अटकलें लगाने की जरूरत नहीं है। मैंने जो बोला, सबके सामने बोला है। मुझ पर पद की आकांक्षा का आरोप नहीं लगा सकते हैं।
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अनुशासनहीनता तो 25 सितम्बर को हुई
पायलट ने कहा- मैंने आरोप वसुंधरा राजे सरकार पर लगाया, तो ये पार्टी की अनुशासनहीनता कैसे हो गई। अनुशासनहीनता 25 सितम्बर को हुई। यह इतिहास में पहली बार हुआ, जब आलाकमान के भेजे नेताओं को बेइज्जत किया गया। सचिन पायलट ने आगे कहा कि राजस्थान में पिछले 25 साल में सरकार रिपीट नहीं हुई। सीएम सरकार का फेस होता है। विपक्ष में प्रदेशाध्यक्ष फेस होता है। उन्होंने कहा-इस तरह के आरोप लग सकते हैं। मैंने देश के सभी टफ राज्यों में प्रचार किया।सचिन पायलट की जन संघर्ष पदयात्रा किशनगढ़ शहर से गुजरी। तो यात्रा के साथ बड़ी संख्या में आमजन भी चले। सड़कों और मकानों पर भी यात्रा देखने लोग खड़े दिखे। पायलट ने हाथ हिलाकर सभी का अभिवादन किया।
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आरपीएससी सदस्य कटारा के यहां बुलडोजर क्यों नहीं चला?
सचिन पायलट ने कहा कि अजमेर शिक्षा का सेंटर है। हम राजधानी जयपुर की ओर जा रहे हैं। हम प्रतिशोध की भावना से काम नहीं कर रहे हैं। एक का मकान तोड़ दिया, लेकिन आरपीएससी सदस्य कटारा के यहां बुलडोजर क्यों नहीं चला? RPSC का चयन पारदर्शी नहीं है। मैं करप्शन के मुद्दे लम्बे समय से उठा रहा हूं। छह-सात महीने ही सरकार में बचे हैं। मैंने अनशन किया, क्या कुछ नहीं किया। इस यात्रा से जनता जुड़ रही है। इससे हम सभी को ताकत और हिम्मत मिल रही है।
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वसुंधरा राजे जी को तब निशाना पर लिया, जब वो सत्ता में थीं
पूर्व डिप्टी सीएम पायलट ने पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के सचिन पायलट पर लगाए गए आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा- हमने तो वसुंधरा राजे जी को तब निशाना पर लिया, जब वो सत्ता में थीं। उन पर शराब, खान घोटाले के आरोप लगाए। उनकी जांच हो। पायलट ने आगे कहा- जनता सब जानती है। अमर्यादित भाषा कौन बोलता है। यह सब जानते हैं। जो मुद्दा उठा रहे हैं उन्हीं पर सवाल खड़े किए। आप सबको अटकलें लगाने की जरूरत नहीं है। मैंने जो बोला, सबके सामने बोला है। मुझ पर पद की आकांक्षा का आरोप नहीं लगा सकते हैं।
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अनुशासनहीनता तो 25 सितम्बर को हुई
पायलट ने कहा- मैंने आरोप वसुंधरा राजे सरकार पर लगाया, तो ये पार्टी की अनुशासनहीनता कैसे हो गई। अनुशासनहीनता 25 सितम्बर को हुई। यह इतिहास में पहली बार हुआ, जब आलाकमान के भेजे नेताओं को बेइज्जत किया गया। सचिन पायलट ने आगे कहा कि राजस्थान में पिछले 25 साल में सरकार रिपीट नहीं हुई। सीएम सरकार का फेस होता है। विपक्ष में प्रदेशाध्यक्ष फेस होता है। उन्होंने कहा-इस तरह के आरोप लग सकते हैं। मैंने देश के सभी टफ राज्यों में प्रचार किया।सचिन पायलट की जन संघर्ष पदयात्रा किशनगढ़ शहर से गुजरी। तो यात्रा के साथ बड़ी संख्या में आमजन भी चले। सड़कों और मकानों पर भी यात्रा देखने लोग खड़े दिखे। पायलट ने हाथ हिलाकर सभी का अभिवादन किया।