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Ajmer: जेल प्रहरी परीक्षा पहली पारी में शांतिपूर्ण तरीके से हुई संपन्न, अभ्यर्थियों ने बताया- 'पेपर सरल था'
Sat, 12 Apr 2025 08:40 PM IST
अजमेर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेर
Published by: अजमेर ब्यूरो
Updated Sat, 12 Apr 2025 08:40 PM IST
सार
Ajmer: परीक्षा देकर बाहर निकले अभ्यर्थियों ने बताया कि पेपर सिलेबस के अनुरूप था और अपेक्षाकृत सरल रहा। अधिकांश प्रश्न सामान्य ज्ञान, राजस्थान से जुड़े विषयों, तर्कशक्ति और करंट अफेयर्स पर आधारित थे।
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पेपर देकर परीक्षा केंद्र से बाहर आते अभ्यर्थी
- फोटो : अमर उजाला डिजिटल
विस्तार
अजमेर में राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा आयोजित जेल प्रहरी भर्ती परीक्षा की पहली पारी शनिवार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। परीक्षा दो पारियों में आयोजित की गई, जिसमें अजमेर सहित किशनगढ़ के कुल 91 परीक्षा केंद्रों पर 28 हजार से अधिक अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया था। अभ्यर्थियों को परीक्षा समय से दो घंटे पूर्व केंद्र पर पहुंचने का निर्देश दिया गया था। निर्धारित समयानुसार सुबह 10 बजे से पहली पारी शुरू हुई, जो दोपहर 12 बजे तक चली। दूसरी पारी अपराह्न 3 बजे शुरू होगी और शाम 5 बजे समाप्त होगी।
परीक्षा के लिए 81 केंद्र अजमेर शहर में तथा शेष 10 केंद्र किशनगढ़ में बनाए गए थे। परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। अभ्यर्थियों को ई-एडमिट कार्ड के साथ मूल फोटोयुक्त पहचान पत्र दिखाकर ही प्रवेश दिया गया। इनमें आधार कार्ड अनिवार्य रूप से मान्य था। यदि आधार उपलब्ध नहीं था, तो पेनकार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट या मतदाता पहचान पत्र में से किसी एक की अनुमति दी गई।
महिला अभ्यर्थियों के लिए ड्रेस कोड सख्ती से लागू किया गया। उन्हें सलवार सूट, चुन्नी या साड़ी पहनने, आधी या पूरी आस्तीन के कुर्ते या ब्लाउज की अनुमति थी। बालों में केवल सामान्य रबर बैंड की अनुमति रही, जबकि किसी भी प्रकार के गहने जैसे अंगूठी, कंगन, बाली, ब्रासलेट आदि प्रतिबंधित रहे। केवल लाख या कांच की पतली चूड़ियों की अनुमति दी गई। पुरुष अभ्यर्थियों के लिए भी ड्रेस कोड निर्धारित था। उन्हें पूरी आस्तीन की शर्ट या कुर्ता पहनने की अनुमति थी, लेकिन कपड़ों में बड़े बटन, मेटल बटन, बैज, फूल, बैंड, हेयरपिन, मफलर, स्कार्फ आदि पर रोक थी। अभ्यर्थी केवल चप्पल, सैंडल, या टखने तक के जूते-मोजे पहनकर आ सकते थे। मेटल चेन वाले जूते प्रतिबंधित रहे।
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पढ़ें: बाड़मेर में संत पीपाजी महाराज की जयंती पर ऊंट, घोड़ों के साथ निकली शोभायात्रा, भक्तगण हुए शामिल
परीक्षा देकर बाहर निकले अभ्यर्थियों ने बताया कि पेपर सिलेबस के अनुरूप था और अपेक्षाकृत सरल रहा। अधिकांश प्रश्न सामान्य ज्ञान, राजस्थान से जुड़े विषयों, तर्कशक्ति और करंट अफेयर्स पर आधारित थे। परीक्षा में किसी प्रकार की तकनीकी गड़बड़ी या अनुचित गतिविधि की सूचना नहीं मिली, जिससे अभ्यर्थियों ने राहत की सांस ली। परीक्षा के सफल आयोजन को लेकर बोर्ड और जिला प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्थाएं सराहनीय रहीं। अब अभ्यर्थियों को परीक्षा परिणाम की प्रतीक्षा है, जो बोर्ड द्वारा तय समयसीमा में घोषित किया जाएगा।
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परीक्षा के लिए 81 केंद्र अजमेर शहर में तथा शेष 10 केंद्र किशनगढ़ में बनाए गए थे। परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। अभ्यर्थियों को ई-एडमिट कार्ड के साथ मूल फोटोयुक्त पहचान पत्र दिखाकर ही प्रवेश दिया गया। इनमें आधार कार्ड अनिवार्य रूप से मान्य था। यदि आधार उपलब्ध नहीं था, तो पेनकार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट या मतदाता पहचान पत्र में से किसी एक की अनुमति दी गई।
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महिला अभ्यर्थियों के लिए ड्रेस कोड सख्ती से लागू किया गया। उन्हें सलवार सूट, चुन्नी या साड़ी पहनने, आधी या पूरी आस्तीन के कुर्ते या ब्लाउज की अनुमति थी। बालों में केवल सामान्य रबर बैंड की अनुमति रही, जबकि किसी भी प्रकार के गहने जैसे अंगूठी, कंगन, बाली, ब्रासलेट आदि प्रतिबंधित रहे। केवल लाख या कांच की पतली चूड़ियों की अनुमति दी गई। पुरुष अभ्यर्थियों के लिए भी ड्रेस कोड निर्धारित था। उन्हें पूरी आस्तीन की शर्ट या कुर्ता पहनने की अनुमति थी, लेकिन कपड़ों में बड़े बटन, मेटल बटन, बैज, फूल, बैंड, हेयरपिन, मफलर, स्कार्फ आदि पर रोक थी। अभ्यर्थी केवल चप्पल, सैंडल, या टखने तक के जूते-मोजे पहनकर आ सकते थे। मेटल चेन वाले जूते प्रतिबंधित रहे।
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परीक्षा देकर बाहर निकले अभ्यर्थियों ने बताया कि पेपर सिलेबस के अनुरूप था और अपेक्षाकृत सरल रहा। अधिकांश प्रश्न सामान्य ज्ञान, राजस्थान से जुड़े विषयों, तर्कशक्ति और करंट अफेयर्स पर आधारित थे। परीक्षा में किसी प्रकार की तकनीकी गड़बड़ी या अनुचित गतिविधि की सूचना नहीं मिली, जिससे अभ्यर्थियों ने राहत की सांस ली। परीक्षा के सफल आयोजन को लेकर बोर्ड और जिला प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्थाएं सराहनीय रहीं। अब अभ्यर्थियों को परीक्षा परिणाम की प्रतीक्षा है, जो बोर्ड द्वारा तय समयसीमा में घोषित किया जाएगा।