{"_id":"66d318ac93fe3d6ab10ccf50","slug":"case-registered-against-those-involved-in-irregularities-and-embezzlement-of-ration-at-fair-price-shops-in-nagaur-ajmer-news-c-1-1-noi1346-2054937-2024-08-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Nagaur News: उचित मूल्य दुकानों में हो रहा गड़बड़ घोटाला, रसद विभाग ने अनियमितता की जांच कर रिपोर्ट पेश की","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Nagaur News: उचित मूल्य दुकानों में हो रहा गड़बड़ घोटाला, रसद विभाग ने अनियमितता की जांच कर रिपोर्ट पेश की
Sat, 31 Aug 2024 07:24 PM IST
अजमेर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नागौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नागौर
Published by: अजमेर ब्यूरो
Updated Sat, 31 Aug 2024 07:24 PM IST
सार
जिले में उचित मूल्यों की दुकानों पर हो गड़बड़ घोटाले और वहां मिलने वाले राशन में गबन और अनियमितता बरतने वाले दुकानदारों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। जिले के हरसौर की उचित मूल्य की दुकानों में अनियमितता की शिकायत मिलने पर यह कार्रवाई की गई।
विज्ञापन
जांच करते अधिकारी
विस्तार
नागौर में उचित मूल्य की दुकानों में अनियमितता और गबन की शिकायत के बाद रसद विभाग ने ऐसे दुकानदारों के खिलाफ जांच शुरू कर दी है। जिले के हरसौर स्थित उचित मूल्य की दुकान चलाने वाले दुकानदार शंकरलाल, नेमीचंद और गोगाराम के खिलाफ शिकायत मिलने पर जिला रसद अधिकारी ने जांच कमेटी का गठन कर उनके खिलाफ कार्रवाई की।
परिवर्तन निरीक्षक रामलाल जाट, रामनिवास बारवाल व बजरंग के नेतृत्व में गठित टीम ने जांच के बाद उचित मूल्य दुकानदार शंकरलाल, नेमीचंद और गोगाराम के विरुद्ध थांवला थाने में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करवाई है। जिला रसद अधिकारी देवाराम ने बताया कि तीनों उचित मूल्य दुकानदारों के विरुद्ध प्राप्त शिकायतों की जांच की गई, जिसमें उनकी दुकानों में मौजूद स्टॉक और दर्ज स्टॉक में हेराफेरी पाई गई, जिसके चलते इन दुकानदारों के खिलाफ रिपोर्ट पेश की गई है।
विज्ञापन
परिवर्तन निरीक्षक रामलाल जाट, रामनिवास बारवाल व बजरंग के नेतृत्व में गठित टीम ने जांच के बाद उचित मूल्य दुकानदार शंकरलाल, नेमीचंद और गोगाराम के विरुद्ध थांवला थाने में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करवाई है। जिला रसद अधिकारी देवाराम ने बताया कि तीनों उचित मूल्य दुकानदारों के विरुद्ध प्राप्त शिकायतों की जांच की गई, जिसमें उनकी दुकानों में मौजूद स्टॉक और दर्ज स्टॉक में हेराफेरी पाई गई, जिसके चलते इन दुकानदारों के खिलाफ रिपोर्ट पेश की गई है।
विज्ञापन