ओवैसी का तंज: ख्वाजा के दर पर भेजे गए पीएम मोदी की चादर से अब कोई फायदा नहीं, खोदाई भी करा रहे और...
अजमेर शरीफ दरगाह में पीएम नरेंद्र मोदी के चादर भेजने को लेकर सियासी बयानबाजी का दौर जारी है। अब इस पर एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने निशाना साधा है। उन्होंने कहा, एक तरफ तो पीएम दरगाह के लिए चादर भेज रहे हैं तो वहीं दूसरी तरफ खोदाई करा रहे हैं।
विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू को अजमेर शरीफ दरगाह पर चादर चढ़ाने के लिए भेजे जाने पर AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि भाजपा, संघ परिवार और पूरे देश में उनके संगठन कोर्ट जा रहे हैं कि यहां-वहां खोदाई होनी चाहिए। वे कह रहे हैं कि यह मस्जिद नहीं है, वह दरगाह नहीं है। अगर पीएम चाहें तो यह सब बंद हो जाएगा। पिछले 10 साल से भाजपा की सरकार है और नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री हैं। सात से ज्यादा मस्जिदें और दरगाहें उत्तर प्रदेश से हैं, जहां भाजपा सत्ता में है और जहां से प्रधानमंत्री सांसद हैं। चादर भेजने से कुछ नहीं होने वाला है।
#WATCH | Hyderabad: On PM Modi presented Chadar to Union Minister Kiren Rijiju to be offered at the Ajmer Sharif Dargah, AIMIM chief Asaduddin Owaisi, says "BJP, Sangh Parivar and their organizations in the whole country is going to the Court that there should be digging here and… pic.twitter.com/BhHlsAkkd0
— ANI (@ANI) January 4, 2025विज्ञापन
बता दें कि ओवैसी के इस बयान के बाद अजमेर स्थित ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह प्रमुख के उत्तराधिकारी ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि उनका बयान एक राजनीतिक नेता के दृष्टिकोण से है और केवल वे ही इसके पीछे की मंशा और संदर्भ को स्पष्ट कर सकते हैं। इसलिए, मैं उनके बयान पर सीधे टिप्पणी नहीं करूंगा। हालांकि, अगर इस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया गया है, जैसा कि आपने उल्लेख किया है कि दरगाह पर चादर भेजने से कुछ हासिल नहीं होता है, तो यह उचित नहीं है। ख्वाजा गरीब नवाज की पवित्रता में लाखों लोगों की आस्था है। संतों की दरगाह पर चादरें मनोकामना पूरी करने के लिए भेजी जाती हैं और श्रद्धा और सम्मान के प्रतीक के रूप में भेजी जाती हैं।
सैयद नसरुद्दीन चिश्ती
उल्लेखनीय है कि केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से अजमेर शरीफ दरगाह पर चादर चढ़ाई। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दो जनवरी को केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू को एक चादर सौंपी थी, जो 13वीं सदी के सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती के ‘उर्स’ के अवसर पर अजमेर शरीफ दरगाह पर चढ़ाई जाती है। केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने राजस्थान के अजमेर में 813वें उर्स समारोह के दौरान अजमेर शरीफ दरगाह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संदेश भी पढ़ा।
दरगाह में चादर चढ़ाते हुए केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि हम आज अजमेर दरगाह आए हैं, और हमारे प्रधानमंत्री ने यहां चादर भेजी है। हम सब बहुत खुशकिस्मत है कि हम आज यहां आए हैं। हम प्रधानमंत्री मोदी की ओर से चादर लेकर आए हैं। मैंने प्रधानमंत्री मोदी का संदेश भी पढ़ा। हमने यहां अमन चैन के लिए दुआ मांगी है। प्रधानमंत्री मोदी का संदेश पढ़ते हुए रिजिजू ने कहा, गरीब नवाज के 813वें उर्स के मौके पर दुनिया भर में उनके अनुयायियों और अजमेर शरीफ में आए सभी श्रद्धालुओं को हार्दिक शुभकामनाएं।