Ajmer: आंबेडकर समर्थकों ने अमित शाह का पुतला फूंका, देश से माफी मांगने की मांग, DM को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन
राजस्थान के अजमेर जिले में संविधान निर्माता बाबा साहब भीमराव आंबेडकर के समर्थकों ने देश के गृहमंत्री अमित शाह का पुतला फूंका। साथ ही समर्थकों ने अमित शाह से माफी मांगने की भी बात कही।
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गृहमंत्री अमित शाह द्वारा संविधान के निर्माता एवं भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के विरोध में शुक्रवार को डॉ. आंबेडकर मेमोरियल वेलफेयर सोसाइटी राजस्थान के बैनर तले अंबेडकर समर्थकों ने राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं पूर्व विधायक डॉ. राजकुमार जयपाल एवं नगर निगम अजमेर में नेता प्रतिपक्ष डॉ. द्रौपदी कोली के नेतृत्व में विशाल जुलूस निकालकर विरोध प्रदर्शन किया। सोसाइटी के जिलाध्यक्ष कशिश बायला ने बताया, आंबेडकर समर्थकों ने आज डाक बंगले पर एकत्रित होकर कलेक्टर तक पैदल मार्च किया। कलेक्टरी पर जमकर नारेबाजी कर गृहमंत्री अमित शाह का पुतला फूंका और शाह से देश से माफी मांगने की मांग की। आंबेडकर समर्थकों ने जिला कलेक्टर अजमेर को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन देकर गृहमंत्री अमित शाह को बर्खास्त करने की मांग की।
इस अवसर पर राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं पूर्व विधायक डॉ. राजकुमार जयपाल ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी कि केंद्र सरकार संविधान बदलने की मंशा रखती थी। अब संविधान बदलने का मंसूबे पूरे नहीं होने के कारण वह बाबा साहब भीमराव आंबेडकर पर अन्नर्गल टिप्पणियां कर सामाजिक समरसता बिगाड़ रही है, जिसे देश बर्दाश्त नहीं करेगा।
उन्होंने कहा कि गृहमंत्री अमित शाह ने संसद में बाबा साहब भीमराव आंबेडकर के लिए अपमानजनक बयान दिया। इससे सरकार की मनुवादी सोच उजागर होती है। बाबा साहब के संविधान में दलितों, अल्पसंख्यकों, गरीबों और महिलाओं को बराबरी का हक मिला है। इस अवसर पर नगर निगम अजमेर की नेता प्रतिपक्ष एवं अजमेर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के प्रत्याशी रही डॉ. द्रौपदी कोली ने कहा कि देश के दलितों, पिछड़ों, आदिवासियों के लिए डॉ. बाबा साहब आंबेडकर ने जो काम किया है, वो काम भगवान ही करता है। इस देश के पिछड़ों-दलितों के लिए बाबा साहब भगवान ही हैं, गृहमंत्री अमित शाह को देश से माफी मांगनी चाहिए एवं अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए।
इस अवसर पर राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव डॉ. सुनील लारा, फकरे मोईन, शिवकुमार बंसल, डॉ. चेतराम रायपुरिया, लक्ष्मी धौलखडिया, हितेश्वरी टॉक, चंदन सिंह, नरेश सत्यावना, विजय नागौरा, नरेश सारवान, निर्मल बैरवाल, लक्ष्मी बुंदेल, कुशाल कोमल, पिकी बालोटिया, आरिफ खान, वसीम खान, सुनील धानका, नकुल खण्डेलवाल, चन्द्रशेखर बालोटिया, समीर शर्मा, गुलाम मुस्तफा, सुनिल केन, मुकेश कालेसरा, तेजाराम मेघवंशी, चेतन काला, ईश्वर राजोरिया, शमशुद्दीन, पुष्पा टेलर, सर्वेश पारीक, नोरत गुर्जर, हरिप्रसाद जाटव, अशोक सुकरिया, मनीष सैन, कमल बैरवा, जितेन्द्र खेतावत और हनुमान शर्मा सहित बड़ी सख्या में आंबेडकर समर्थक मौजूद रहे।