Ajmer: MDSU के दीक्षांत समारोह में 179 स्टूडेंट्स को गोल्ड मेडल, 'नई शिक्षा नीति में प्राचीन ज्ञान की धरोहर'
महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में बुधवार को 179 स्टूडेंट्स को गोल्ड मेडल दिए गए। राज्यपाल कलराज मिश्र ने कहा, नई शिक्षा नीति प्राचीन ज्ञान की जानकारी के साथ समाज को एक नई दिशा देगी। इससे स्टूडेंट्स हमारी संस्कृति के जीवन मूल्यों से जुड़ रहकर आधुनिक विकास की ओर आगे बढ़ सकेंगे।
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राज्यपाल कलराज मिश्र बुधवार को अजमेर में महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय में 10वें दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति के तहत भारतीय विश्वविद्यालयों को वर्ल्ड रैंकिंग में स्थान दिलाने के लिए काम किया जाए, ताकि वह रोजगार मांगने के बजाए देने की सोच विकसित करें। राज्यपाल ने कहा कि नई शिक्षा नीति में ऐसे अनुसंधान और एजुकेशन से जुड़े विश्वविद्यालयों की स्थापना पर जोर दिया गया है, जिससे स्टूडेंट्स इनोवेशंस और नए सब्जेक्ट्स की रिसर्च के लिए मोटिवेट हो सकें।
राज्यपाल मिश्र ने कहा कि नई एजुकेशन पॉलिसी में आदिवासी और स्वदेशी ज्ञान सहित भारतीय ज्ञान प्रणालियों को सटीक और वैज्ञानिक तरीके से सिलेबस में शामिल करने पर ज़ोर दिया गया है। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति ऐसे सेक्टर्स पर ध्यान केंद्रित करने वाली है, जिसमें बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स आर्थिक, सामाजिक या जाति बाधाओं का सामना कर रहे हैं। इस शिक्षा नीति के तहत ऐसे जिलों को ‘विशेष शैक्षिक क्षेत्र’ के रूप में नॉमिनेट कर उनके विकास की बात कही गई है।
हायर एजुकेशन में नॉमिनेशन बढ़ाना होगा...
राज्यपाल कलरज मिश्र ने कहा कि हायर एजुकेशन में सकल नामांकन अनुपात (जीईआर) केवल 27.1 प्रतिशत है, जो विश्व की तुलना में बहुत कम है। हमें इस अनुपात को बढ़ाने के लिए योजनाबद्ध रूप से लगातार काम करना होगा। उन्होंने विश्वविद्यालयों से ऐसे कोर्सेस और इनोवेशन करने को कहा, जिनसे उच्च शिक्षा में क्वालिटी में सुधार के साथ ही नामांकन में बढ़ोतरी हो। राज्यपाल मिश्र ने कहा कि विश्वविद्यालय भी स्थानीय उद्योगों से कॉर्डिनेशन कर ऐसे ट्रेनिंग प्रोग्राम और एंटरप्रेन्योरशिप के इनोवेशन को बढ़ावा दें, जिससे भविष्य में स्टूडेंट्स के कौशल का देश के डवलपमेंट में ज़्यादा से ज़्यादा इस्तेमाल हो सके।
एजुकेशनल डेवलपमेंट में यूनिवर्सिटिज की अहम भूमिका...
उच्च शिक्षा मंत्री राजेन्द्र सिंह यादव ने कहा कि राजस्थान के एजुकेशनल डेवलपमेंट में यूनिवर्सिटीज की अहम भूमिका है। युवा अपनी नॉलेज को और गहरा और व्यापक बनाएं। इसमें प्राचीन ज्ञान के साथ मॉडर्न और लेटेस्ट एजुकेशन भी शामिल हो। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नेतृत्व में राज्य सरकार ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बेहतरीन काम किया है।
दीक्षांत समारोह में 179 स्टूडेंट्स को गोल्ड मेडल दिए गए...
कुलपति प्रोफेसर अनिल शुक्ल ने विश्वविद्यालय का प्रतिवेदन पेश किया। उन्होंने बताया कि दीक्षांत समारोह में 179 स्टूडेंट्स को गोल्ड मेडल दिए गए। साथ ही अपाला होस्टल और मॉडर्न फैसिलिटी वाले स्वराज ऑडिटोरियम का लोकार्पण किया गया। इससे पहले राज्यपाल के अजमेर पहुंचने लर बीजेपी सांसद भागीरथ चौधरी, राजस्थान धरोहर प्रोन्नति प्राधिकरण के पूर्व अध्यक्ष ओंकार सिंह लखावत, संभागीय आयुक्त बीएल मेहरा, जिला कलेक्टर अंशदीप, पुलिस अधीक्षक चूनाराम जाट ने स्वागत किया।