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Ajmer: हक की लड़ाई में फंसी अजमेर-दिल्ली वंदे भारत, रेल कर्मियों ने दी काम ठप करने की चेतावनी, ये है विवाद
Tue, 04 Apr 2023 03:21 PM IST
अर्पित याज्ञनिक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेर
Published by: अर्पित याज्ञनिक
Updated Tue, 04 Apr 2023 03:21 PM IST
सार
वंदेभारत ट्रेन के संचालन की जिम्मेदारी जयपुर मंडल को देने के प्रस्ताव का हो रहा विरोध। रेल कर्मचारियों ने प्रस्ताव को वापस लेने की मांग करते हुए काम ठप करने की चेतावनी दी है।
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vande bharat express
- फोटो : social media
विस्तार
अजमेर से दिल्ली के बीच चलने वाली वंदे भारत ट्रेन अभी पटरी पर दौड़ी भी नहीं और हक की लड़ाई शुरू हो गई। दरअसल वंदे भारत ट्रेन के संचालन की जिम्मेदारी को लेकर ये विवाद खड़ा हुआ है। प्रस्ताव में ये जिम्मेदारी जयपुर मंडल को देने की बात हुई है। इसको लेकर अजमेर नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे एंप्लाइज यूनियन ने रेलवे स्टेशन पर प्रदर्शन कर अपनी नाराजगी व्यक्त जाहिर की है। नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे एम्पलाइज यूनियन के बैनर तले रेल कर्मियों ने अजमेर रेलवे स्टेशन पर प्रदर्शन किया। रेल कर्मचारियों ने प्रस्ताव को वापस लेने की मांग करते हुए काम ठप करने की चेतावनी दी है।
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अब तक अजमेर निभाई जिम्मेदारी
यूनियन के मंडल अध्यक्ष मोहन चेलानी ने बताया कि ट्रेन में जयपुर मंडल का स्टाफ लगाने की बात सामने आ रही है, जबकि हक के हिसाब से ट्रेन संचालन में अजमेर का स्टाफ होना चाहिए। उन्होंने बताया कि गाड़ी के संचालन में जिस मंडल को कार्य मिलता है, उस मंडल के कर्मचारियों को भी आर्थिक लाभ मिलेगा। साथ ही जब कोई नई गाड़ी शुरू होती है तो नए पद भी बनते हैं। चेकिंग स्टॉफ और रनिंग स्टॉफ को किलोमीटर के हिसाब से भत्ता मिलता है। जयपुर का स्टाफ लगाने के पीछे मंशा यही है कि जयपुर मंडल को फायदा पहुंचाया जा रहा है।
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संचालन का जिम्मा अजमेर का
चेलानी ने बताया कि ट्रेन के चेन्नई से अजमेर पहुंचने और ट्रायल तक मेंटेनेंस का काम अजमेर मंडल ही संभालता आया है। लोगों के साथ-साथ रेल कर्मचारी भी ट्रेन शुरू होने से काफी उत्साहित हैं। यूनियन की मांग है कि ट्रेन के संचालन का जिम्मा अजमेर मंडल को मिलना चाहिए। गार्ड, टीटी, लोको पायलट सहित अन्य कर्मचारी भी अजमेर मंडल के ही होने चाहिए।