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Hanumangarh: स्वर्गवासी संन्यासी भाई की कुटिया को तिलक कर बहन ने दिया भात का न्योता, फिर जो हुआ हैरान कर देगा
Thu, 16 Mar 2023 04:08 PM IST
अर्पित याज्ञनिक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हनुमानगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हनुमानगढ़
Published by: अर्पित याज्ञनिक
Updated Thu, 16 Mar 2023 04:08 PM IST
सार
हनुमानगढ़ के भादरा विधानसभा क्षेत्र के सबसे बड़े गांव नेठराना में दिलचस्प मायरा देखने को मिला। यहां समाज में अकेली महिला ने अपनी बेटियों की शादी के लिए स्वर्गवासी संन्यासी भाई की कुटिया को तिलक कर भात का न्योता दिया।
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मायरा लेकर पहुंचे गांव वाले
- फोटो : Amar Ujala Digital
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विस्तार
राजस्थान का नानी बाई का मायरा तो जग प्रसिद्ध है। जब अपने भक्त नरसी जी की मदद करने स्वयं भगवान कृष्ण धरती पर मायरा भरने आए थे। ऐसा ही दिलचस्प मायरा एक बार फिर भादरा विधानसभा क्षेत्र के सबसे बड़े गांव नेठराना में देखने को मिला। मानो इस बार भगवान श्री कृष्ण पूरे गांव के रूप में मामा का फर्ज निभाने आए हों।
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भादरा उपखंड के गांव नेठराना की बेटी मीरा जो फतेहाबाद जिले के गांव जांडवाला बागड़ हरियाणा में ब्याही हुई है। मीरा की दो बेटियां हैं, जिनकीं शादी 15 मार्च को तय हुई थी। मीरा के पति जोराराम काफी समय पहले गुजर चुके हैं। पिता का साया भी सिर पर नहीं है। पीहर नेठराना में संन्यासी भाई का भी दस वर्ष पहले स्वर्गवास हो गया था। ऐसे में मीरा ने नेठराना अपने पीहर जाकर स्वर्गवासी भाई की कुटिया को टिक्का (तिलक) निकाल दिया और कुटिया को भात को न्योता देकर अपने ससुराल वापस आ गई। मीरा को हैरानी तब हुई जब 15 मार्च को शादी वाले दिन बुधवार को सोनू और मीनो के विवाह के दिन उसके पीहर नेठराना से एक-दो नहीं बल्कि 500 लोग भाती ढोल नगाड़े के साथ शादी में पहुंचे। मायके (पीहर) से आए लोगों को देखकर मीरा की आंखें छलक उठीं। भातियों ने यहां वो हर रस्म अदा की, जोकि मामा करता है।
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लाखों रुपये का भरा मायरा
अब सरपंच राजेन्द्र निमीवाल, मंगल सैन ऐचरा ने बताय कि भाई की कुटिया से मीरा के जाने के बाद ग्रामीणों ने इकट्ठे होकर निर्णय लिया कि मीरा बाई का मायरा भरा जाए। ग्रामीणों ने सैकड़ों की संख्या में इकट्ठे होकर लगभग सात लाख रुपये का नकद मायरा और अन्य बान व कन्यादान, जेवरात, कपड़े समेत करीब 10 लाख रुपये का मायरा भरा है।