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भीख मांगकर कमाए थे लाखों रुपये, मौत के बाद घरवालों ने पुलवामा के शहीदों के नाम किए दान
Thu, 21 Feb 2019 07:04 PM IST
रचना शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: रचना शर्मा
Updated Thu, 21 Feb 2019 07:04 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
14 फरवरी को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले में हुए आतंकी हमले में शहीद हुए जवानों की शहादत पर देश शोक व्यक्त कर रहा है, वहीं कई लोग जवानों के परिवार की आर्थिक मदद के लिए आगे आए हैं। इसी कड़ी में राजस्थान के अजमेर से एक अनोखा मामला आया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यहां एक बुजुर्ग महिला भीख मांगकर अपना गुजारा करती थी। जिसकी मौत पिछले साल अगस्त महीन हो गई थी। उस महिला ने भीख मांगकर 6.61 लाख रुपये जमा किए थे। महिला के घरवालों ने अब उनकी आखिरी इच्छा की वजह के चलते सारी रकम पुलवामा में शहीद हुए सीआरपीएफ जवानों के नाम पर दान दी।
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रिपोर्ट के मुताबिक, मरने से पहले महिला (नंदिनी शर्मा) ने एक वसीयत छोड़ी थी। जिसमें उन्होंने उनके सारे पैसे को देश और समाज सुधार के काम में लगाने जाने की इच्छा व्यक्त की थी। बता दें कि नंदिनी शर्मा अजमेर के बजरंगगढ़ में एक अंबे माता के मंदिर के बाहर भीख मांगा करती थी। जहां से उन्होंने यह रकम इकट्ठा की। महिला भीख मांगकर इकट्ठा हुए अपने पैसे हर दिन बैंक में जमा कर देती थी। अपने खाते में उन्होंने दो लोगों को अपना नॉमिनी बना रखा था।
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महिला के संरक्षक इस पैसे को दान करने के लिए सही वक्त का इंतजार कर रहे थे। महिला के संरक्षकों के मुताबिक, पुलवामा हमले के बाद उन्हें लगा कि यही सही मौका है और इसमें दान कर देने से नंदिनी शर्मा की आत्मा को सच्ची श्रद्धांजलि मिलेगी।
अजमेर के जिलाधिकारी विश्व मोहन शर्मा ने कहा, 'नंदिनी के संरक्षक बुधवार को मेरे ऑफिस में आए और उन्होंने इन पैसों को मुख्यमंत्री राहत कोष में दान देने के लिए कहा। इसके बाद लीगल सेल ने औपचारिकताएं पूरी की और पैसा लेकर उन्हें एक सर्टिफिकेट दे दिया।'