Jaipur: PM मोदी के साथ सीएम गहलोत के मंच साझा करने पर भड़के आप नेता, कहा- दोनों पार्टियों की मिलीभगत का सबूत
सीएम अशोक गहलोत पर निशाना साधते हुए पालीवाल ने कहा कि पीएम मोदी के सामने एक बार फिर ईस्टर्न कैनाल प्रोजेक्ट की मांग रखना केवल चुनावी रोटियां सेकना है। सीएम चुनावों में मुद्दा बनाए रखने के लिए हर बार इसका ज़िक्र करते हैं। जबकि सीएम गहलोत चाहते तो 5 सालों में यह प्रोजेक्ट पूरा हो चुका होता।
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आम आदमी पार्टी राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष नवीन पालीवाल ने कहा कि नाथद्वारा में बुधवार को पीएम नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री गहलोत ने मंच साझा करते हुए एक दूसरे की पीठ थपथपाई। यह बीजेपी-कांग्रेस की मिलीभगत को सबसे बड़ा सबूत है।
प्रदेश अध्यक्ष पालीवाल ने कहा कि पहले तो दोनों नेताओं ने एक साथ मंच साझा किया और बाद में जनता में सही साबित होने की कोशिश भी की। इससे एक बार फिर से साबित हो गया है कि बीजेपी और कांग्रेस एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। आप के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि एक तरफ पीएम मोदी कह रहे हैं कि कुछ लोग देश में अच्छा होते हुए देखना नहीं चाहते। दूसरी तरफ पीएम खुद को मुख्यमंत्री का मित्र बताते हैं। अगर पीएम मोदी को लगता है कि देश में कांग्रेस विकास कार्यों में अड़चने पैदा कर रही है, तो यह मित्रता क्या कहलाती है? नवीन पालीवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री जी ये दो तरफा खेल अब नहीं चलेगा, देश और राजस्थान की जनता सब समझ चुकी है, इसलिए चुनावी मौसम में इधर-उधर की बातें न करके मुद्दों की बात करो।
पीएम मोदी के सामने फिर ईस्टर्न कैनाल प्रोजेक्ट की मांग
सीएम अशोक गहलोत पर निशाना साधते हुए पालीवाल ने कहा कि पीएम मोदी के सामने एक बार फिर ईस्टर्न कैनाल प्रोजेक्ट की मांग रखना केवल चुनावी रोटियां सेकना है। सीएम चुनावों में मुद्दा बनाए रखने के लिए हर बार इसका ज़िक्र करते हैं। जबकि सीएम गहलोत चाहते तो 5 सालों में यह प्रोजेक्ट पूरा हो चुका होता। दूसरी तरफ पीएम पर इस मांग का कोई असर ही नहीं हो रहा। इसका मतलब साफ है कि दोनों ही वोट लेकर जनता को ठगने की कोशिश कर रहे हैं। पालीवाल ने कहा कि दिल्ली सीएम केजरीवाल ने जयपुर में पहले ही कह दिया था कि बीजेपी कांग्रेस आपस में मिली हुई है और आज हम खुली आंखों से यह सब होते देख रहे हैं।
गहलोत की आलाकमान वसुंधरा राजे हैं- पालीवाल
पालीवाल ने कहा इतना ही नहीं अब तो कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने भी कह दिया कि गहलोत की आलाकमान वसुंधरा राजे हैं। उन्होंने प्रदेश में अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच तकरार पर भी तंज कसते हुए कहा कि राजस्थान में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद विकास कार्य कम और कांग्रेस के बड़े नेताओं की आपसी वर्चस्व की लड़ाई ज्यादा हुई है। अब तो सचिन पायलट ने भी कह दिया है कि जिनकी राजनीति सिर्फ पैसे पर टिकी हो, उन्हें पैसा ही दिखाई देगा, जिससे ये साफ हो गया है कि कांग्रेस की गहलोत सरकार ने पिछले साढ़े चार साल में सिर्फ अपना विकास किया है। जबकि जनता ने कांग्रेस को बहुमत विकास कार्य के लिए दिया था। जिससे आम जनता का सीधे तौर पर नुकसान हुआ है।
राजस्थान में कांग्रेस और बीजेपी दोनों पार्टियां आपसी कलह की शिकार
नवीन पालीवाल ने कहा कि राजस्थान में कांग्रेस और बीजेपी दोनों पार्टियां आपसी कलह की शिकार हैं। इनके नेताओं में जनहित को लेकर नहीं बल्कि कुर्सी को लेकर आपस में होड़ मची है। जबकि, आम आदमी पार्टी ही ऐसी पार्टी है जो सिर्फ जनहित और सामाजिक मुद्दों को लेकर ही जनता के बीच जाती है, और बिना शोर शराबे के विकास कार्य में जुटती है। इसलिए प्रदेश की जनता इस बार आम आदमी पार्टी को अपना समर्थन देने का मन बना चुकी है ताकि राजस्थान का समग्र विकास किया जा सके।