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Rajasthan: 54 साल बाद बुजुर्ग दंपति के घर गूंजी किलकारी, 70 साल की महिला ने दिया बेटे को जन्म
Tue, 09 Aug 2022 03:10 PM IST
वीरेंद्र शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, राजस्थान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, राजस्थान
Published by: वीरेंद्र शर्मा
Updated Tue, 09 Aug 2022 03:10 PM IST
सार
अलवर में 70 साल की बुजुर्ग महिला ने एक बच्चे को जन्म दिया है। डॉक्टर का दावा है कि इतनी उम्र में बच्चे को जन्म देने का राजस्थान का यह अनोखा मामला है। करीब 2 साल पहले इलाज महिला का इलाज किया गया।
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बुजुर्ग महिला ने दिया बेटे को जन्म
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
राजस्थान के अलवर में 70 साल की बुजुर्ग महिला ने एक बच्चे को जन्म दिया है। शादी के करीब 54 साल बाद बुजुर्ग दंपत्ति को घर संतान पैदा होने से खुशी का माहौल है। महिला के पति की उम्र 75 साल है। आईवीएफ तकनीक के जरिए बुजुर्ग माता-पिता बने है। डॉक्टर का दावा है कि इतनी उम्र में बच्चे को जन्म देने का राजस्थान का यह अनोखा मामला है।
आईवीएफ प्रक्रिया टेस्ट ट्यूब बेबी की मदद से महिला ने बेटे को जन्म दिया है। अलवर जिले के एकमात्र रजिस्टर्ड आईवीएफ सेंटर इंडो आईवीएफ टेस्ट ट्यूब बेबी सेंटर ने अपने स्थापना के दस साल बाद यह चमत्कार किया है। IVF (इन विट्रो फर्टिलाइजेशन ) एक्सपर्ट डॉ. पंकज गुप्ता ने बताया कि चंद्रवती और गोपी सिंह झुंझुनू के सिंघाना गांव के रहने वाले हैं। इससे पहले भी उन्होंने कई जगह आईवीएफ तकनीकी से बच्चा पैदा करने की कोशिश की थी, लेकिन सफलता नहीं मिली। उन्होंने करीब 2 साल पहले इलाज कराया था। 9 माह पहले आईवीएफ प्रक्रिया से गर्भवती हुई थी।
50 साल से ऊपर की महिला आईवीएफ तकनीकी के जरिए टेस्ट ट्यूब बेबी नहीं कर सकती है। सरकार ने टेस्ट ट्यूब बेबी को लेकर असिस्टेड रीप्रोडेक्टिव टेक्नीक कानून बना दिया है। जून 2022 को यह कानून लागू हो गया है। इस तकनीकी से बच्चे पैदा करने के लिए महिला की उम्र 50 साल से कम होने चाहिए। बताया गया है कि कानून बनने से पहले का यह केस है।
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रिटायर्ड फौजी बने है पिता
गोपी सिंह रिटायर्ड फौजी हैं। फौज से रिटायर्ड हुए 40 साल हो चुके हैं। इन्होंने बांग्लादेश के युद्ध में गोली भी खाई थी। 1983 में सेना से रिटायर हुए और 1968 से बच्चे का इंतजार था। उनके घर में चिराग जला है।
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आईवीएफ प्रक्रिया टेस्ट ट्यूब बेबी की मदद से महिला ने बेटे को जन्म दिया है। अलवर जिले के एकमात्र रजिस्टर्ड आईवीएफ सेंटर इंडो आईवीएफ टेस्ट ट्यूब बेबी सेंटर ने अपने स्थापना के दस साल बाद यह चमत्कार किया है। IVF (इन विट्रो फर्टिलाइजेशन ) एक्सपर्ट डॉ. पंकज गुप्ता ने बताया कि चंद्रवती और गोपी सिंह झुंझुनू के सिंघाना गांव के रहने वाले हैं। इससे पहले भी उन्होंने कई जगह आईवीएफ तकनीकी से बच्चा पैदा करने की कोशिश की थी, लेकिन सफलता नहीं मिली। उन्होंने करीब 2 साल पहले इलाज कराया था। 9 माह पहले आईवीएफ प्रक्रिया से गर्भवती हुई थी।
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50 साल से ऊपर की महिला आईवीएफ तकनीकी के जरिए टेस्ट ट्यूब बेबी नहीं कर सकती है। सरकार ने टेस्ट ट्यूब बेबी को लेकर असिस्टेड रीप्रोडेक्टिव टेक्नीक कानून बना दिया है। जून 2022 को यह कानून लागू हो गया है। इस तकनीकी से बच्चे पैदा करने के लिए महिला की उम्र 50 साल से कम होने चाहिए। बताया गया है कि कानून बनने से पहले का यह केस है।
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रिटायर्ड फौजी बने है पिता
गोपी सिंह रिटायर्ड फौजी हैं। फौज से रिटायर्ड हुए 40 साल हो चुके हैं। इन्होंने बांग्लादेश के युद्ध में गोली भी खाई थी। 1983 में सेना से रिटायर हुए और 1968 से बच्चे का इंतजार था। उनके घर में चिराग जला है।