Rajasthan: मेडिकल कॉलेज के 326 पदों पर कॉन्ट्रैक्ट के आधार पर की जाएगी नियुक्ति, सहकारी समिति का भी होगा गठन
प्रस्ताव के अनुसार मेडिकल कॉलेजों में स्टाफ को राजस्थान कॉन्ट्रैक्चुअल हायरिंग टू सिविल पोस्ट रूल्स-2022' के अनुसार भर्ती किया जाएगा। इनमें 18 तरह के कुल 326 पदों को भरा जाएगा। साथ ही 4 प्रकार की सेवाओं के 58 पद जॉब बेसिस पर लिए जाएंगे।
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राजस्थान में इसी साल के अंत में विधानसभा चुनाव हैं। दोनों पार्टियां जनता से वादे कर रही हैं, एलान कर रहे हैं। सोमवार को राजस्थान के 7 जिलों डूंगरपुर, भरतपुर, चूरू, सीकर, भीलवाड़ा, बाड़मेर और पाली मेडिकल कॉलेज में नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ के लिए 326 पोस्ट क्रिएट एलान किया गया है। साथ ही प्रदेश के हर ब्लॉक में महिला ग्राम सेवा सहकारी समिति भी बनाई जाएगी। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस संबंध में प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
यह है पूरा मामला
प्रस्ताव के अनुसार मेडिकल कॉलेजों में स्टाफ को राजस्थान कॉन्ट्रैक्चुअल हायरिंग टू सिविल पोस्ट रूल्स-2022' के अनुसार भर्ती किया जाएगा। इनमें 18 तरह के कुल 326 पदों को भरा जाएगा। साथ ही 4 प्रकार की सेवाओं के 58 पद जॉब बेसिस पर लिए जाएंगे। गहलोत के इस निर्णय से मेडिकल कॉलेजों में प्रशासनिक और एकेडमिक कामों में आसानी होगी और मेडिकल स्टूडेंट्स को राहत मिल सकेगी।
अन्य घोषणाएं भी की गई
मुख्यमंत्री गहलोत ने प्रत्येक ब्लॉक में महिला ग्राम सेवा सहकारी समिति का गठन करने का प्रस्ताव भी मंजूर किया है। इसमें 10.53 करोड़ रुपए अंशदान राशि राज्य सरकार वहन करेगी। महिला सशक्तिकरण और महिला उत्थान के लिए प्रत्येक ब्लॉक में एक महिला ग्राम सेवा सहकारी समिति का गठन किया जाएगा। प्रत्येक समिति की अंशदान की 3 लाख रुपए राशि भी राज्य सरकार वहन करेगी। इस तरह राज्य में 351 ब्लॉक में बनने वाली ग्राम सहकारी सेवा समितियों के लिए कुल 10.53 करोड़ रुपए का वित्तीय भार राज्य सरकार वहन करेगी।
एक ग्राम पंचायत में दो ग्राम सहकारी सेवा समितियां नहीं
प्रारूप के अनुसार, समिति के कार्यक्षेत्र में न्यूनतम 1 ग्राम पंचायत होगी और न्यूनतम सदस्य संख्या 300 होगी। न्यूनतम हिस्सा राशि 3 लाख रुपए होगी। सामान्य क्षेत्रों में सदस्यों से न्यूनतम अमानत राशि 1 लाख रुपए और अनुसूचित जनजाति क्षेत्रों में अमानत राशि 75 हजार रुपए होगी। किसी भी एक ग्राम पंचायत में दो ग्राम सहकारी सेवा समितियां नहीं होंगी। नई समितियों में फर्नीचर्स और अन्य संसाधनों के लिए 50 हजार रुपए प्राथमिक कृषि ऋणदात्री सहकारी समितियों (पैक्स) से दिए जाएंगे। इससे सहकारिता क्षेत्र में महिलाओं का सक्रिय सहयोग बढ़ेगा।