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फलौदी जेल से फरार 16 कैदी: सीसीटीवी से हुआ खुलासा, दौड़ते आए और स्कॉर्पियो में बैठकर भाग निकले
Tue, 06 Apr 2021 06:46 PM IST
सुरेंद्र जोशी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फलौदी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फलौदी
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Tue, 06 Apr 2021 06:46 PM IST
सार
- फरार कैदियों का अब तक कोई सुराग नहीं
- जेलर समेत चार को किया सस्पेंड
- 2010 में चित्तौड़गढ़ जेल से भागे थे 23 कैदी
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जेल (प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : iStock
विस्तार
राजस्थान के जोधपुर जिले की फलौदी जेल से सोमवार रात भागे 16 कैदियों का अब तक कोई सुराग नहीं मिला है। मंगलवार को जारी सीसीटीवी फुटेज से पता चलता है कि जिस ढंग से कैदी जेल से भागते हुए निकले और बाहर खड़ी स्कॉर्पियो में सवार होकर रफूचक्कर हो गए, उससे लगता है कि यह मिलीभगत व साजिश का हिस्सा है।
धक्का दिया, मिर्च फेंकी और महिला गार्ड को उठाकर फेंका...
बता दें, सोमवार रात करीब आठ बजे एक साथ 16 कैदी फरार हो गए थे। दिन में इन्हें बैरकों के आगे खुली जगह में रखा गया था। शाम को इन्हें वापस बैरकों में डाला जा रहा था, तभी बंदियों ने गेट का ताला खोल रहे कांस्टेबल, उनके पास खड़े कार्यवाहक जेलर और एक सिपाही को धक्का दिया और बाहर भाग गए। इसके बाद वहां खड़े एक सिपाही की आंखों में मिर्ची और सब्जी का घोल फेंक दिया। वहीं कुछ आगे तैनात महिला गार्ड को उठाकर फेंक दिया और फरार हो गए।
इन्हें किया गया सस्पेंड
मामले में प्रथम दृष्ट्या दोषी पाए जाने पर प्रभारी जेलर नवीबख्श्, जेल गार्ड सुनील कुमार, मदनपाल सिंह और मधु देवी को निलंबित कर दिया गया। मामले की जांच जोधपुर रेंज के डीआईजी जेल सुरेन्द्र सिंह शेखावत को सौंपी गई है।
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17 की क्षमता, बंद थे 60, स्टाफ 16 में से सिर्फ 4
फलौदी जेल में क्षमता 17 बंदियों की है, लेकिन सोमवार को वहां 60 कैदी बंद थे। यहां जेलर समेत 16 का स्टाफ मंजूर है, लेकिन नियुक्ति—9 की ही है। पिछले माह ही जेलर एक मामले में सस्पेंड हो चुके हैं, इसलिए प्रभारी जेलर कामकाज संभाल रहे थे। उन्हें भी अब सस्पेंड कर दिया गया है। सोमवार शाम घटना के वक्त जेल में चार कर्मचारी ही थे। पांच कर्मचारी छुट्टी पर चल रहे हैं।
इसलिए है साजिश की आशंका
पुलिस अब भी खाली हाथ
कैदियों के भागने की साजिश को लेकर पुलिस दूसरे दिन भी कोई खास नहीं कर पाई। जेल में तैनात गार्डों से पूछताछ की जा रही है। जेल के बाहर लगे कैमरों के सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर पता चला कि कैदी जेल से दौड़ते हुए बाहर निकले और वहां पहले से खड़ी एक स्कॉर्पियों में सवार होकर चल दिए। फरार कैदियों में से ज्यादातर तस्करी से जुड़े हैं। वे फलौदी क्षेत्र व आसपास के ही रहने वाले हैं।
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धक्का दिया, मिर्च फेंकी और महिला गार्ड को उठाकर फेंका...
बता दें, सोमवार रात करीब आठ बजे एक साथ 16 कैदी फरार हो गए थे। दिन में इन्हें बैरकों के आगे खुली जगह में रखा गया था। शाम को इन्हें वापस बैरकों में डाला जा रहा था, तभी बंदियों ने गेट का ताला खोल रहे कांस्टेबल, उनके पास खड़े कार्यवाहक जेलर और एक सिपाही को धक्का दिया और बाहर भाग गए। इसके बाद वहां खड़े एक सिपाही की आंखों में मिर्ची और सब्जी का घोल फेंक दिया। वहीं कुछ आगे तैनात महिला गार्ड को उठाकर फेंक दिया और फरार हो गए।
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इन्हें किया गया सस्पेंड
मामले में प्रथम दृष्ट्या दोषी पाए जाने पर प्रभारी जेलर नवीबख्श्, जेल गार्ड सुनील कुमार, मदनपाल सिंह और मधु देवी को निलंबित कर दिया गया। मामले की जांच जोधपुर रेंज के डीआईजी जेल सुरेन्द्र सिंह शेखावत को सौंपी गई है।
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17 की क्षमता, बंद थे 60, स्टाफ 16 में से सिर्फ 4
फलौदी जेल में क्षमता 17 बंदियों की है, लेकिन सोमवार को वहां 60 कैदी बंद थे। यहां जेलर समेत 16 का स्टाफ मंजूर है, लेकिन नियुक्ति—9 की ही है। पिछले माह ही जेलर एक मामले में सस्पेंड हो चुके हैं, इसलिए प्रभारी जेलर कामकाज संभाल रहे थे। उन्हें भी अब सस्पेंड कर दिया गया है। सोमवार शाम घटना के वक्त जेल में चार कर्मचारी ही थे। पांच कर्मचारी छुट्टी पर चल रहे हैं।
इसलिए है साजिश की आशंका
- कैदियों के पीछे जेल स्टाफ उनका पीछा करते नजर नहीं आया।
- कैदी आसानी से जेल से निकले और भाग निकले।
- बहुत देर बाद जिला पुलिस व प्रशासन को सूचना दी गई।
- नाकेबंदी कराई गई, लेकिन तब तक कैदी शहर छोड़ चुके थे
पुलिस अब भी खाली हाथ
कैदियों के भागने की साजिश को लेकर पुलिस दूसरे दिन भी कोई खास नहीं कर पाई। जेल में तैनात गार्डों से पूछताछ की जा रही है। जेल के बाहर लगे कैमरों के सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर पता चला कि कैदी जेल से दौड़ते हुए बाहर निकले और वहां पहले से खड़ी एक स्कॉर्पियों में सवार होकर चल दिए। फरार कैदियों में से ज्यादातर तस्करी से जुड़े हैं। वे फलौदी क्षेत्र व आसपास के ही रहने वाले हैं।