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आदमखोर जानवर 150 की टीम के साथ खेल रहा है लुका-छिप्पी, फिलहाल सुराग नहीं
टीम डिजिटल / ब्यूरो, राजस्थान
Updated Mon, 13 Feb 2017 03:10 PM IST
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अलवर स्थित सरिस्का के जंगल में 150 की टीम आदमखोर बघेरे को ढूंढ रही है, लेकिन अभी कोई सुराग नहीं लगा है। सीलीबावड़ी और जैतपुर इलाके में बघेरे द्वारा 11 घंटे में लगातार तीन शिकार की घटनाओं को अंजाम देने के बाद वन विभाग ने बघेरे को गोली मारने के आदेश जारी कर दिए हैं।
फिलहाल टीमों को बघेरे का कोई मूवमेंट नजर नहीं आया है। बघेरे को वन विभाग, पुलिस व प्रशासन के हथियार बंद लोग ढूंढ रहे हैं। मौके पर कलक्टर, एसपी और वन विभाग के आला अधिकारी भी मौजूद हैं।
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फिलहाल टीमों को बघेरे का कोई मूवमेंट नजर नहीं आया है। बघेरे को वन विभाग, पुलिस व प्रशासन के हथियार बंद लोग ढूंढ रहे हैं। मौके पर कलक्टर, एसपी और वन विभाग के आला अधिकारी भी मौजूद हैं।
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बघेरे को ढूंढ रही टीम सुबह से मशक्कत कर रही है, लेकिन अब तक हाथ खाली हैं। बघेरे के तीन शिकार में से एक महिला और पुरूष की मौत हो गई, जबकि एक गंभीर घायल है। ग्रामीणों ने बताया कि बीती रात बघेरे के गुर्राने की आवाज सुनाई दी थी। लेकिन सुबह से ऐसी आवाज सुनाई नहीं दी है।
अधिकारियों का कहना है कि तीन-चार किलोमीटर के क्षेत्र में सर्च किया गया है, लेकिन अब तक पगमार्क भी नहीं दिखे हैं। ये जानवर पेड़ पर भी घंटों बिता सकता है। सीलीबावड़ी और जैतपुर इलाका सरिस्का के जंगलों से सटा हुआ है। ऐसे में यहां जंगली जानवर आ सकता है। यहां दैनिक जरूरतों के लिए गांवों के लोग भी जंगल में प्रवेश कर जाते हैं।
अधिकारियों का कहना है कि तीन-चार किलोमीटर के क्षेत्र में सर्च किया गया है, लेकिन अब तक पगमार्क भी नहीं दिखे हैं। ये जानवर पेड़ पर भी घंटों बिता सकता है। सीलीबावड़ी और जैतपुर इलाका सरिस्का के जंगलों से सटा हुआ है। ऐसे में यहां जंगली जानवर आ सकता है। यहां दैनिक जरूरतों के लिए गांवों के लोग भी जंगल में प्रवेश कर जाते हैं।