मां-बाप के खिलाफ कोर्ट पहुंची 15 साल की लड़की, चौंका देगी वजह
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उदयपुर के स्पेशल कोर्ट में एक ऐसी याचिका पहुंची जिसे देखकर हर कोई अचंभे में था। जहां एक 15 साल की किशोरी ने अपने मां बाप के खिलाफ याचिका दायर कर अपनी देखभाल और संरक्षण का हक मांगा, जो उसे स्वीकार करने से इंकार कर रहे थे।
किशोरी के माता पिता उसके किसी युवक के साथ चले जाने से नाराज थे। परिजनों ने मामले में पुलिस से शिकायत की थी जिस पर पुलिस ने उसे ढूंढ निकाला।
लेकिन परिजन बीमारी से जूझती लड़की को सामाजिक बहिष्कार करने के डर से स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं थे। मामले में कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद परिजनों को उसे स्वीकार करना पड़ा।
वापस लौटी तो परिजनों ने अपनाने से किया इंकार
टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार 15 वर्षीय शकुंतला परिवार की मदद के लिए कुछ अतिरिक्त आय करना चाहती थी। उसके पिता बहरालाल बंसवारा के जैताना गांव में आटा चक्की चलाते हैं।
उसकी मां कला गांव में ही एक सरकारी स्कूल में केयरटेकर के तौर पर काम करती हैं। ऐसे में मां बाप की मदद के लिए उसने एक साथी के साथ कुछ दिन पहले गांव छोड़ दिया। जिसके बाद दोनों कुछ दिन के लिए सूरत में रहे।
वहीं उसके गायब होने के बाद परिजनों ने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करा दी। बीते 2 जुलाई को पुलिस लड़की को वापस बंसवारा ले आई। इस बीच शकुंतला तपेदिक की बीमारी से पीड़ित हो गई।
मामले में कोर्ट ने दिया आदेश
पुलिस जब किशोरी को लेकर उसके घर पहुंची तो मां बाप ने सामाजिक बहिष्कार के डर से उसे स्वीकार करने से इंकार कर दिया। पुलिस ने किशोरी को डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विस अथॉरिटी के सुपुर्द कर दिए जिन्होंने उसे 4 जुलाई को राज्य सेल्टर होम में भिजवा दिया।
वहीं परिजनों का रवैया देख किशोरी ने उदयपुर की स्पेशल कोर्ट में माता पिता के संरक्षण और उसकी देखभाल को लेकर याचिका दायर कर दी। कोर्ट ने मामले में बंसवारा पुलिस को किशोरी के उसके परिजनों की सुपुर्दगी में देने और चाइल्ड वेलफेयर कमेटी को उसकी देखभाल करने के आदेश जारी किए।