दुर्घटना में हुई थी मौत, 1.90 करोड़ मुआवजा
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छह साल पहले हुए एक सड़क हादसे में एक मौत हुई थी, उस मौत के साथ ही मर गए परिवार के सपने और बिखर गई तमाम खुशियां। जिनकी मौत हुई थी वो एक मीडिया हाऊस में एक्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर थे, करियर उठान पर था लेकिन काल बन गया एक ट्रक।
अब छह साल के बाद मोटर एक्सीडेंट क्लेम्स ट्रब्यूनल ने एक फैसला सुनाया है जिसके मुताबिक पीड़ित परिवार को एक करोड़ 90 लाख रुपये दिये जाएंगे। इस रकम में 1.37 करोड़ मुआवजे के हैं जबकि इस पर 2009 से 7.5% ब्याज भी लगाया गया है।
28 जून 2008 में दिल्ली के रहने वाले पलाश कुमार अपनी पत्नी मनीषा और बेटी मल्लिका के साथ सरिस्का टाइगर रिजर्व देखने जा रहे थे। दुर्घटना अलवर में पापड़ी गांव के करीब घटी जहां एक ट्रक ने उनकी कार को रौंद दिया।
इस घटना में पलाश की मौत हो गई जबकि उनके परिवार को भी गंभीर चोटें आईं।
जज का आदेश, मिले मुआवजा
जांच में पुलिस ने पाया कि ट्रक ड्राइवर अय्यूब खान दुर्घटना के वक्त ट्रक को बेहद तेज चला रहा था। पलाश के परिवार ने 8.23 का दावा किया था। उन्होंने कहा था कि पलाश की अचानक हुई मौत से परिवार टूट गया है और बेहद बड़ी आर्थिक हानि भी हुई है।
मोटर एक्सीडेंट क्लेम्स ट्रब्यूनल के जज वीके भारवानी ने ड्राइवर और ट्रक मालिक को दोषी माना और इंश्योरेंस कंपनी को ब्याज समेत पैसा देने के आदेश दिए।
पीड़ित के अधिवक्ता ने फैसले पर संतोष जाताया और कहा कि,"जिस वक्त पलाश की मौत हुई उनका करियर पीक पर था। मुआवजे की गणना इस तरह की गई कि उनके रिटायरमेंट की उम्र तक उनकी अनुमानित आय क्या होती।"