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अंता के इन व्यापारियों की कमाई इस कारण रह गई आधी
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Tue, 07 Mar 2017 01:54 PM IST
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राजस्थान के बारां जिले के अंता कस्बे में रोजमर्रा की उपभोक्ता वस्तुएं बेचने वाले दुकानदारों की कमाई आधी से भी कम रह गई है। हालात यह है कि कस्बे से बाहर की कोई गाड़ी इस तरह का सामान लेकर यहां आती है तो इन दुकानदारों की धड़कनें बढ़ जाती है।
स्थानीय दुकानदारों में इस धबराहट की वजह यहां कस्बे के कई गांवों तक घरेलू सामान की होम डिलिवरी होना है। हालात यह है कि किसी को लाल मिर्च चाहिए या नमक की थैली या कोई अन्य घरेलू सामान, जो अक्सर रसोई में काम आता है सब कुछ घर तक पहुंचाया जा रहा है। इसके लिए कोटा और बारां में बैठे बड़े व्यापारियों ने गाड़ियां लगाई हुई हैं।
यही नहीं कुछ वाहन चालक भी ऐसा कर रहे हैं। ये लोग शहर के बाजार से सामान खरीदकर लाते हैं और अन्ता कस्बे में लोगों को घर तक मुहैया कराने लगे हैं। इसके चलते अन्ता कस्बे के छोटे दुकानदारों का व्यवसाय लगभग आधा ही रह गया है। जैसे ही ये व्यापारी कस्बे में किसी वाहन पर सामान लदा देखते हैं तो अपनी दुकानों से बाहर आकर कौतुहलवश पूछने लगते हैं कि आज किसने मंगाया है। हालांकि कुछ बेरोजगार युवकों को इससे रोजगार मिला है तो दूसरी ओर छोटे दुकानदारों की रोजी—रोटी पर संकट खड़ा हो गया है।
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स्थानीय दुकानदारों में इस धबराहट की वजह यहां कस्बे के कई गांवों तक घरेलू सामान की होम डिलिवरी होना है। हालात यह है कि किसी को लाल मिर्च चाहिए या नमक की थैली या कोई अन्य घरेलू सामान, जो अक्सर रसोई में काम आता है सब कुछ घर तक पहुंचाया जा रहा है। इसके लिए कोटा और बारां में बैठे बड़े व्यापारियों ने गाड़ियां लगाई हुई हैं।
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यही नहीं कुछ वाहन चालक भी ऐसा कर रहे हैं। ये लोग शहर के बाजार से सामान खरीदकर लाते हैं और अन्ता कस्बे में लोगों को घर तक मुहैया कराने लगे हैं। इसके चलते अन्ता कस्बे के छोटे दुकानदारों का व्यवसाय लगभग आधा ही रह गया है। जैसे ही ये व्यापारी कस्बे में किसी वाहन पर सामान लदा देखते हैं तो अपनी दुकानों से बाहर आकर कौतुहलवश पूछने लगते हैं कि आज किसने मंगाया है। हालांकि कुछ बेरोजगार युवकों को इससे रोजगार मिला है तो दूसरी ओर छोटे दुकानदारों की रोजी—रोटी पर संकट खड़ा हो गया है।
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