Sunil Jakhar Joins BJP: पंजाब में कमल खिलाने में कितने होंगे मददगार? 2024 लोकसभा चुनाव में होगी अग्निपरीक्षा
सुनील जाखड़ के भाजपा में आने का रास्ता काफी पहले ही तैयार हो गया था, लेकिन इसके लिए उपयुक्त समय की प्रतीक्षा की जा रही थी। माना जा रहा है कि कांग्रेस के उदयपुर चिंतन शिविर (13-15 मई 2022) के बीच 14 मई को जाखड़ का इस्तीफा करवा कर भाजपा ने कांग्रेस नेताओं के मनोबल को चोट पहुंचाने की रणनीति अपनाई...
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कांग्रेस से इस्तीफा देने के छह दिन बाद ही सुनील जाखड़ ने भाजपा का दामन थाम लिया। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई। अब वे पंजाब में कमल खिलाने की कोशिश करते हुए दिखाई पड़ेंगे। पिता बलराम जाखड़ की राजनीतिक विरासत संभालने वाले सुनील जाखड़ के रूप में भाजपा को पंजाब में एक बड़ा स्थानीय चेहरा मिल गया है, जो उसके अभियान को आगे बढ़ाने में मददगार साबित हो सकता है। सुनील जाखड़ पंजाब के एक बड़े हिंदू मतदाता वर्ग को आकर्षित कर सकते हैं। पंजाब के मालवा क्षेत्र में ज्यादा प्रभावशाली होने के कारण वे भाजपा को इन क्षेत्रों में आगे बढ़ाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
- Gajendra Singh Shekhawat (@gssjodhpur) 19 May 2022
लेकिन बड़ा सवाल है कि जो जाखड़ कांग्रेस में प्रदेश अध्यक्ष रहते हुए अपनी पार्टी के लिए कुछ नहीं कर पाए, वे भाजपा के लिए कितने मददगार साबित होंगे? उनकी असली अग्निपरीक्षा 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान होगी जब भाजपा चुनावी मैदान में उतरेगी। बताया जा रहा है कि सुनील जाखड़ के भाजपा में आने का रास्ता काफी पहले ही तैयार हो गया था, लेकिन इसके लिए उपयुक्त समय की प्रतीक्षा की जा रही थी। माना जा रहा है कि कांग्रेस के उदयपुर चिंतन शिविर (13-15 मई 2022) के बीच 14 मई को जाखड़ का इस्तीफा करवा कर भाजपा ने कांग्रेस नेताओं के मनोबल को चोट पहुंचाने की रणनीति अपनाई। चिंतन शिविर की समाप्ति के बाद जाखड़ को भाजपा में शामिल करवाकर कांग्रेस को एक और चोट देने की कोशिश की गई है। बुधवार को सुनील जाख़ड़ ने भाजपा नेता अमित शाह से मुलाकात की थी। इसके बाद उनके भाजपा में आने की रूपरेखा तैयार की गई और गुरुवार को उन्हें भाजपा में शामिल कर लिया गया। उनके कुछ समर्थक भी जल्दी ही पार्टी में शामिल हो सकते हैं।
कांग्रेस में कितने सफल?
कांग्रेस के पंजाब प्रदेश अध्यक्ष रहते हुए सुनील जाखड़ राज्य में कोई बड़ा प्रदर्शन नहीं कर सके। हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा के चुनाव में वे पार्टी को कोई जीत नहीं दिला सके। अंतिम समय में वे पंजाब के मुख्यमंत्री बनने का सपना पाले हुए पार्टी के नेताओं के साथ ही बगावत कर बैठे। माना जा रहा है कि इसी खींचतान के चलते कांग्रेस की पंजाब में भारी दुर्गति हुई। ऐसे में वे भाजपा को पंजाब में मजबूत करने में कितनी भूमिका निभा पाएंगे, यह बड़ा सवाल है? खासकर यह बात देखते हुए कि पंजाब में अब आम आदमी पार्टी भगवंत मान की सरकार है, जो लोकप्रिय नीतियां बनाकर लगातार अपनी जमीन मजबूत करने में जुटी हुई है। जाखड़ की टीम मान को रोकने में कितनी मददगार साबित होगी, यह देखने वाली बात होगी।
2022 में होगी अग्निपरीक्षा
सुनील जाखड़ की पहली अग्निपरीक्षा 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान होगी। भाजपा राज्य में अब तक अकाली दल के सहयोग से चुनाव लड़ती रही थी। 13 लोकसभा सीटों वाले पंजाब में भाजपा तीन सीटों पर चुनाव लड़ती थी। वह चंडीगढ़, गुरदासपुर और अमृतसर के इलाके में मजबूत बताई जाती है। हालांकि, पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान पार्टी कोई करिश्मा नहीं कर सकी थी।
जाखड़ बोले- कभी स्वार्थ की राजनीति नहीं की
भाजपा में शामिल होते समय जाखड़ ने कहा कि वे पार्टी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह की स्वीकृति से पार्टी में शामिल हुए हैं। उन्होंने कहा कि 1972 से उनका परिवार कांग्रेस में रहा है। पिछले 50 सालों में उनकी तीन पीढ़ियों ने कांग्रेस की सेवा की। उन्होंने हमेशा देश को जोड़ने की कोशिश की है और उन्होंने कभी स्वार्थ की राजनीति नहीं की। उन्होंने कहा कि आज राष्ट्रीयता कहीं से चालू होती है तो वह भाजपा से ही है। उन्होंने कहा कि जब 50 साल का कांग्रेस से रिश्ता तोड़ने की स्थिति आई, तो उसके पीछे कोई स्वार्थ नहीं, बल्कि राष्ट्रीयता की भावना थी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने पंजाब को जाति-धर्म के आधार पर बांटने की कोशिश की, जिसका उन्होंने विरोध किया और उनकी आवाज को स्वार्थ से जोड़कर देखा गया। उन्होंने कहा कि आज पंजाब के सामने बड़ा खतरा है। देशविरोधी ताकतें राज्य में मजबूत होती दिख रही हैं, इसलिए पूरे देश के साथ-साथ पंजाब राज्य में राष्ट्रीयता का मजबूत होना जरूरी है। इसी कारण से उन्होंने भाजपा से जुड़ने को प्राथमिकता दी।
मोदी की तारीफ
उन्होंने कहा कि पीएम मोदी पंजाब की नब्ज समझते हैं। उन्होंने लालकिले से गुरु को सम्मान देकर यही संकेत दिया है कि वे पंजाब की नब्ज को समझते हैं। उनके इस कदम से पूरे पंजाब में बेहद सकारात्मक संदेश गया है। पूरे पंजाब में लोग उनके इस कदम से अभीभूत हो गए हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब देश को हमेशा एक राह दिखाता आया है, वह राह राष्ट्रीयता की रही है। पंजाब सबको साथ लेकर चलने वाले का साथ देता है, लेकिन कांग्रेस ने लोगों को जाति-धर्म के नाम पर बांटने की कोशिश की जिसके कारण उन्हें नाराजगी हुई। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की राष्ट्रीय भावाना से प्रेरित होकर ही वे भाजपा में शामिल हो रहे हैं।
मां बीमार हो तो उसे अकेला नहीं छोड़ते
चंडीगढ़ कांग्रेस की प्रभारी रितु चौधरी ने अमर उजाला से कहा कि पार्टी ने सुनील जाखड़ को सर्वोच्च सम्मान दिया और उन्हें पार्टी ने प्रदेश में सबसे ऊंचा पद प्रदान किया। लेकिन इसके बाद भी वे पार्टी के न होकर दूसरी पार्टियों के साथ संबंध निभाते रहे। उन्होंने कहा कि यदि मां बीमार हो तो उसे अकेला नहीं छोड़ते, बल्कि उसकी सेवा कर उसे दुबारा स्वस्थ करने की कोशिश करते हैं। लेकिन सुनील जाखड़ जैसे लोगों ने यही साबित किया है कि वे केवल व्यक्तिगत स्वार्थ की राजनीति करते हैं। आज वे अवसरवादी राजनीति को देखते हुए भाजपा में शामिल हुए हैं।