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प्रेरणा देती कहानी: सात वर्षीय बच्ची ने अपने और मां के हौसले से जीती ब्लड कैंसर की जंग

Fri, 04 Feb 2022 02:46 PM IST
निवेदिता वर्मा नरिंदर वैद्य, संवाद न्यूज एजेंसी, जालंधर
नरिंदर वैद्य, संवाद न्यूज एजेंसी, जालंधर Published by: निवेदिता वर्मा Updated Fri, 04 Feb 2022 02:46 PM IST
सार

जालंधर की रहने वाली 7 वर्षीय बच्ची की माता परमिंदर कौर का कहना है कि जब उन्हें इस बात का पता चला कि उनकी बच्ची को कैंसर है तो उन्हें कुछ भी नहीं सूझा। उसने बस अपनी बच्ची की सलामती की दुआ की और तुरंत उसका इलाज शुरू करवाया।

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success story of seven year old fighting blood cancer in Jalandhar
कैंसर

विस्तार

एक महिला अपनी 7 साल की बच्ची के अचानक गिर जाने के बाद जब डॉक्टर के पास जाती है तो उसे बताया जाता है कि उसकी बच्ची को पहले स्तर का ब्लड कैंसर है। यह सुनते ही उक्त महिला के शरीर में डर की लहर दौड़ जाती है। उसकी बच्ची को कैंसर है, इस बात का विश्वास करना मुश्किल तो था, लेकिन उक्त महिला ने धैर्य और निडरता से काम लेते हुए अपनी बच्ची को इस बीमारी से छुटकारा दिलाया। इस 7 वर्षीय बच्ची ने खुद भी बड़ी ही निडरता के साथ इस बीमारी का सामना करते हुए इस जंग पर जीत प्राप्त की है।  

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जालंधर की रहने वाली 7 वर्षीय बच्ची की माता परमिंदर कौर का कहना है कि जब उन्हें इस बात का पता चला कि उनकी बच्ची को कैंसर है तो उन्हें कुछ भी नहीं सूझा। उसने बस अपनी बच्ची की सलामती की दुआ की और तुरंत उसका इलाज शुरू करवाया। पहले पहले जब उनकी बेटी की कीमो होती थी तो वह बच्ची की हालत देख घबरा जाती थी, लेकिन अस्पताल की डॉक्टर ने बहुत अच्छे से इलाज करते हुए काफी हौसला दिया।
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परमिंदर कौर ने कहा कि इलाज काफी मंहगा था, टेस्ट से लेकर दवाओं और अस्पताल का खर्चा काफी था, लेकिन उन्हें बच्ची के अलावा कुछ दिखाई नहीं दे रहा था। इलाज के लिए उनके परिवार ने उनकी काफी मदद की। हालांकि इलाज के लिए सरकार से पैसे भी मिले, लेकिन इलाज काफी मंहगा है। पैसे तो काफी लगे, जिसका हिसाब ही नहीं, लेकिन उनको खुशी है कि उसकी बेटी अब काफी हद तक ठीक है। 

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घबराएं नहीं बच्चों के माता-पिता, कैंसर को हराना संभव : परमिंदर कौर

बच्ची की माता परमिंदर कौर ने कहा, वह तो यही कहेंगी कि ऐसे बच्चों के इलाज के लिए सरकार को ज्यादा से ज्यादा मदद करनी चाहिए। अस्पताल में उन्होंने ऐसे बच्चे देखे हैं, जिनकी पारिवारिक स्थिति काफी कमजोर है और इलाज करवाने में काफी दिक्कत आती है। सरकार को इस बारे में जरूर कुछ न कुछ करना चाहिए। उन सभी बच्चों के माता-पिता जिनके बच्चों को कैंसर है, को बताना चाहती हैं कि वे घबराएं नहीं, कैंसर ठीक हो जाता है। 

बच्चों में तेजी से बढ़ रहा कैंसर, प्रोसेस्ड फूड से बचें : डॉ. श्रुति कक्कड़

बच्चों में बढ़ते कैंसर के खतरे के बारे में डीएमसी अस्पताल की डॉ. श्रुति कक्कड़ का कहना है कि जब उन्होंने 2013 में डीएमसी ज्वाइन किया था तो उस वर्ष अस्पताल में कैंसर से पीड़ित 13 बच्चे दाखिल हुए थे। वर्ष 2021 में कैंसर से पीड़ित इन बच्चों की संख्या 68 हो गई, जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि बच्चों में यह बीमारी किस तरह से बढ़ती जा रही है। वर्ष 2022 में जनवरी माह में ही डीएमसी में 10 कैंसर पीड़ित बच्चे दाखिल हो चुके हैं। इस समय डीएमसी में कैंसर से पीड़ित 17 बच्चे दाखिल हैं, जिनकी उम्र 18 साल से कम है। बच्चों में बढ़ते कैंसर के बारे में डॉ. श्रुति कक्कड़ का कहना है कि हमारा लाइफ स्टाइल, प्रोसेस्ड और केमिकल युक्त फूड बच्चों में इसका कारण हो सकता है, लेकिन इसका कोई वैज्ञानिक प्रूफ नहीं है। उनका कहना है कि वे केवल इतना कहेंगी कि बच्चों को प्रोसेस्ड और केमिकल फूड से बचाना होगा। साथ ही लाइफ स्टाइल में बदलाव लाकर इस बीमारी को हराना होगा। (संवाद)

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