बठिंडा में शिअद का धरना: प्रकाश सिंह बादल बोले- बेअदबी मामले में हमने नहीं बरती ढील, कांग्रेस पर साधा निशाना
प्रकाश सिंह बादल ने कहा कि गुलाबी सुंडी से बर्बाद हुई कपास की फसल का मुआवजा सरकार जल्द किसानों और खेत मजदूरों को दे। उन्होंने कहा कि कपास बर्बाद होने से अकेले किसानों और मजदूरों का ही नहीं, बल्कि कॉटन फैक्टरी मालिकों और आढ़तियों का भी नुकसान हुआ है। किसानों की फसल को लेकर प्रदेश सरकार की पूरी जिम्मेदारी बनती है लेकिन कांग्रेस सरकार ने अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाई। सरकार को जगाने के लिए शिअद को धरना देना पड़ा।
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मालवा क्षेत्र में गुलाबी सुंडी के हमले से बर्बाद हुई किसानों की लाखों एकड़ फसल का मुआवजा दिलाने के लिए रविवार को थर्मल के खेल स्टेडियम में शिअद और बसपा ने किसानों के समर्थन में धरने के रूप में शक्ति प्रदर्शन किया गया। पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने धरने को संबोधित करते हुए बेअदबी मामलों पर शिअद की पूर्व सरकार की स्थिति स्पष्ट की।
उन्होंने कहा कि बेअदबी मामलों में कोई ढील नहीं की गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस कांग्रेस की नेता इंदिरा गांधी ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब पर गोलियां चलवाई, उस पार्टी के नेता बेअदबी के मामलों में उन पर झूठे आरोप लगा रहे हैं। कृषि कानूनों पर उन्होंने कहा कि भाजपा ने देश के किसानों के साथ विश्वासघात किया।
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भारी पुलिस सुरक्षा के बीच पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल, सांसद हरसिमरत कौर बादल, सांसद सुखबीर सिंह बादल, राज्यसभा सांसद बलविंदर सिंह भूंदड़ रैली स्थान पहुंचे। पूर्व मुख्यमंत्री बादल ने अपने 35 मिनट के भाषण में कहा कि बेअदबी मामलों में हमारी सरकार ने कोई ढील नहीं की। बल्कि कांग्रेस का इतिहास रहा कि उसने शिअद पर झूठे आरोप लगाकर उसे बदनाम किया है।
भाजपा ने बिना राय बनाया कानून
बादल ने कहा कि जब भाजपा कृषि कानून विधेयक संसद में लाई तब सांसद हरसिमरत और सांसद सुखबीर बादल ने विधेयक के विरोध में वोटिंग की थी। इस के अलावा सांसद हरसिमरत कौर बादल ने भाजपा सरकार से कहा था कि वो एक बार किसानों की राय लें लेकिन भाजपा ने पहले हां की बाद में बिना किसानों की राय के कृषि कानून बना दिए।
पूर्व मुख्यमंत्री बादल ने कहा कि शिरोमणि अकाली दल हमेशा किसानों के साथ रही है और भविष्य में भी किसानों के साथ रहेगी। उन्होंने कहा कि किसान संयुक्त मोर्चा शिअद नेताओं को कहीं पर भी बुलाकर उनसे सवाल जवाब कर सकता है। जिसके लिए शिअद नेता तैयार हैं और शिअद का कोई नेता किसानों के सवाल से नहीं भागेगा।
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शिअद 13 सूत्रीय एजेंडे पर लडे़गा चुनाव: सुखबीर
सुखबीर बादल ने एलान किया कि शिअद 13 सूत्रीय एजेंडे पर 2022 का चुनाव लडे़गा। उन्होंने कहा कि अगर चन्नी सरकार ने एक सप्ताह में पीड़ित किसानों को मुआवजा नहीं दिया तो शिअद नेता मुख्यमंत्री चन्नी की कोठी को घेरेंगे। सुखबीर बादल ने कहा कि कांग्रेस नेता कुर्सी के लिए लड़ रहे हैं। प्रदेश सरकार को किसानों की परवाह नहीं है।
उन्होंने कहा कि गुलाबी सुंडी ने लाखों एकड़ किसानों की कपास की फसल बर्बाद कर दी लेकिन सरकार ने अभी तक पीड़ित किसानों को मुआवजा नहीं दिया। बादल ने कहा कि जब चन्नी बठिंडा दौरे पर आए थे तो उन्हें उम्मीद हुई थी कि शायद चन्नी पीड़ित किसानों और मजदूरों को मुआवजे का एलान करेंगे लेकिन चन्नी एवं उपमुख्यमंत्री रंधावा सिर्फ स्प्रे भेजने की बात कहकर चले गए।
सांसद सुखबीर बादल ने एलान किया कि 13 सूत्रीय एजेंडे के तहत नीले कार्ड दोबारा बनाए जाएंगे, दो हजार रुपये हर माह घर चलाने वाली महिलाओं के खाते में जमा करवाए जाएंगे, 800 यूनिट बिजली हर वर्ग को निशुल्क दी जाएगी, कृषि काम के लिए 10 रुपये सस्ता डीजल और ट्यूबवेल कनेक्शन किसानों को दिए जाएंगे।
हर व्यक्ति का 10 लाख का मेडिकल कार्ड बनाया जाएगा, 500 बेड वाले अस्पताल खोले जाएंगे, मेरिटोरियस स्कूल खुलेंगे। हर कॉलेज यूनिवर्सिटी में 33 फीसदी आरक्षण होगा, विदेश में पढ़ाई करने वाले बच्चों को 10 लाख का छात्र कार्ड बनाया जाएगा, पंजाब में लगने वाली हर बड़ी फैक्टरी में 75 फीसदी पंजाबी लोगों को रोजगार मिले, उसके लिए बाकायदा एक्ट लाया जाएगा, इसके अलावा सरकारी नौकरियों में महिलाओं के लिए 50 फीसदी कोटा रखा जाएगा।