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किसान आंदोलन में लंगर, वाटरप्रूफ टेंट और चिकित्सा की एसजीपीसी ने की व्यवस्था
Mon, 28 Dec 2020 06:40 PM IST
ajay kumar
पीटीई, चंडीगढ़
पीटीई, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Mon, 28 Dec 2020 06:40 PM IST
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एसजीपीसी अध्यक्ष बीबी जागीर कौर।
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शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी दिल्ली सीमा पर किसानों के विभिन्न धरनास्थलों पर लंगर और अन्य सेवाएं प्रदान कर रही है। यह जानकारी एसजीपीसी अध्यक्ष बीबी जागीर कौर ने दी। उन्होंने बताया कि कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के आंदोलन में एसजीपीसी हरियाणा के गुरुद्वारों से लंगर की व्यवस्था कर रही है। इसके अलावा आवास, चिकित्सा सहायता और शौचालय की भी व्यवस्था की गई है। एसजीपीसी के सदस्य समय-समय पर दिल्ली सीमा पर इन सेवाओं का निरीक्षण भी करते हैं।
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उन्होंने कहा कि पंजाब-हरियाणा और देश के अन्य हिस्सों के हजारों किसान दिल्ली की विभिन्न सीमाओं पर एक महीने से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। वह इन तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने की मांग कर रहे हैं, जिन्हें सत्तारूढ़ भाजपा किसानों के हित में बता रही है।
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दिल्ली पहुंचे एसजीपीसी के सदस्य गुरिंदरपाल सिंह रणीके ने किसानों के लिए किए गए प्रबंधों की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि सेवादार दिन रात किसानों को सेवा प्रदान करने में जुटे हैं। रणीके ने कहा कि किसानों के लिए वाटरप्रूफ टेंट, गद्दे, रजाई और शौचालय की व्यवस्था की गई है। वहीं तीन मेडिकल टीमों को भी तैनात किया गया है। उन्होंने कहा कि दिल्ली के टिकरी, सिंघु बॉर्डर और अंबाला में लंगर की व्यवस्था की गई है। एसजीपीसी के तहत विभिन्न 'गुरुद्वारों' के कर्मचारी बड़ी संख्या में दिल्ली में तैनात हैं।
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