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महिला की मौत पर लोगों का हंगामा
अमर उजाला, संगरूर
Updated Fri, 14 Mar 2014 10:28 PM IST
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शेरपुर के सरकारी अस्पताल में उस समय स्थिति तनावपूर्ण बन गई जब एक महिला की मौत के मामले में लोगों ने अस्पताल के डाक्टरों का घेराव कर दिया।
प्रदर्शनकारी लोगों का आरोप था कि अस्पताल के डाक्टरों की लापरवाही के कारण महिला की मौत हुई है। जबकि सेहत विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अस्पताल में लाने से पहले ही महिला की मौत हो चुकी थी।
जानकारी के अनुसार शेरपुर निवासी नछतर सिंह की पत्नी सोमा रानी को बुखार होने पर अस्पताल में लाया गया और उसकी हालत भी काफी ज्यादा गंभीर बनी हुई थी।
अस्पताल में मौजूद एसएमओ डा. राजीव पुरी ने जब उसकी जांच की तो वह मृत थी। इसके बाद मौके पर मौजूद लोगों ने महिला की मौत के लिए अस्पताल के स्टाफ को जिम्मेवार ठहराते हुए कहा कि यदि महिला की समय रहते इलाज किया जाता तो उसकी मौत नहीं होनी थी।
सूचना मिलते ही धूरी के डीएसपी कृष्ण कुमार पैंथे और डिप्टी सीएमओ डा. प्रदीप चावला सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी पहुंच गए, जिनके समझाने के बाद लोगों का गुस्सा शांत हो गया।
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डिप्टी सीएमओ डा. प्रदीप चावला ने बताया कि महिला की मौत के पीछे अस्पताल की कोई लापरवाही नहीं है। यहां लाने से पहले महिला किसी निजी अस्पताल में भर्ती थी और जब उसे यहां लाया गया तो वह मृतक हालत में थी। उन्होंने कहा कि मृतका का पोस्टमार्टम करवाकर उसके मौत के कारणों की जांच की जाएगी।
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प्रदर्शनकारी लोगों का आरोप था कि अस्पताल के डाक्टरों की लापरवाही के कारण महिला की मौत हुई है। जबकि सेहत विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अस्पताल में लाने से पहले ही महिला की मौत हो चुकी थी।
जानकारी के अनुसार शेरपुर निवासी नछतर सिंह की पत्नी सोमा रानी को बुखार होने पर अस्पताल में लाया गया और उसकी हालत भी काफी ज्यादा गंभीर बनी हुई थी।
अस्पताल में मौजूद एसएमओ डा. राजीव पुरी ने जब उसकी जांच की तो वह मृत थी। इसके बाद मौके पर मौजूद लोगों ने महिला की मौत के लिए अस्पताल के स्टाफ को जिम्मेवार ठहराते हुए कहा कि यदि महिला की समय रहते इलाज किया जाता तो उसकी मौत नहीं होनी थी।
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सूचना मिलते ही धूरी के डीएसपी कृष्ण कुमार पैंथे और डिप्टी सीएमओ डा. प्रदीप चावला सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी पहुंच गए, जिनके समझाने के बाद लोगों का गुस्सा शांत हो गया।
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डिप्टी सीएमओ डा. प्रदीप चावला ने बताया कि महिला की मौत के पीछे अस्पताल की कोई लापरवाही नहीं है। यहां लाने से पहले महिला किसी निजी अस्पताल में भर्ती थी और जब उसे यहां लाया गया तो वह मृतक हालत में थी। उन्होंने कहा कि मृतका का पोस्टमार्टम करवाकर उसके मौत के कारणों की जांच की जाएगी।