{"_id":"033f0ee5a984af52a3842a33a303d990","slug":"rehabilitation-centers-districts-cm","type":"story","status":"publish","title_hn":"सभी जिलों में बनेंगे पुनर्वास केंद्र : बादल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सभी जिलों में बनेंगे पुनर्वास केंद्र : बादल
ब्यूरो/अमर उजाला, मुक्तसर
Updated Fri, 20 Jun 2014 10:13 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने कहा कि राज्य सरकार नशा तस्करों पर नकेल डालने के साथ-साथ अब नशेड़ियों के इलाज के लिए भी बड़े स्तर पर मुहिम चला रही है। राज्य के 22 जिलों में नशा छोड़ने के इच्छुक लोगों के समाज में पुनर्वास के लिए सरकार द्वारा स्पेशल पुनर्वास केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री शुक्रवार को गांव बादल में नशा मुक्ति अभियान के तहत किए जा रहे प्रबंधों का जायजा लेने के लिए आयोजित बैठक में बोल रहे थे। इस दौरान उन्होंने मुक्तसर और बठिंडा में चल रहे इस अभियान की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पुनर्वास केंद्रों के लिए ऐसा डिजाइन तैयार करवा रही है जिसकी मदद से इन केंद्रों का जल्द निर्माण हो सके।
उन्होंने कहा कि कम्युनिटी हेल्थ सेंटरों में नशेड़ियों के इलाज के लिए विशेष तौर पर सिखलाई प्राप्त डॉक्टर तैनात किए जा रहे हैं, जिससे ऐसे लोगों को इलाज के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को सिविल अस्पताल बादल और मलोट में चल रहे नशा मुक्ति केंद्रों के अलावा सभी कम्युनिटी सेंटरों में आवश्यक सहूलियतें मुहैया कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नशे के आदी मरीजों को इलाज के लिए दवा मुफ्त दी जा रही है। वहीं मरीजों के खान-पान और हर प्रकार की सेवा विभाग द्वारा की जाएगी। मुख्यमंत्री बादल ने कहा कि इस समय नशा छोड़ने के इच्छुक लोगों का पुनर्वास ही सरकार की प्राथमिकता है।
विज्ञापन
उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को इसके लिए दिन-रात एक करने की बात पर जोर देते हुए कहा कि मुक्तसर में तीन जगहों पर इनडोर और जिले के सभी पांचों कम्युनिटी हेल्थ सेंटरों पर नशे के इलाज के लिए ओपीडी सेवाएं तुरंत शुरू की जाएंगी। उन्होंने समूह स्टाफ से नशे के आदी मरीजों के साथ हमदर्दी भरा रवैया अपनाने और मरीजों की लगातार काउंसिलिंग करने की बात कही।
नशे की सप्लाई लाइन था पंजाब
इससे पहले गांव सरावां बोदला में पत्रकारों के साथ बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नशे की सप्लाई लाइन का रास्ता था। पाकिस्तान से आने वाला नशा पंजाब से होकर ही आगे सप्लाई होता था। अब इस सप्लाई लाइन को तोड़ दिया गया है। जिससे नशे का पूरी तरह खात्मा हो जाएगा। बैठक में मलोट के विधायक हरप्रीत सिंह, प्रमुख सचिव केजेएस चीमा, राष्ट्रीय देहाती स्वास्थ्य मिशन पंजाब के डायरेक्टर हुसन लाल, डीसी जसकिरन सिंह, डीसी बठिंडा डॉ. बसंत गर्ग, एसएसपी कुलदीप सिंह चाहल, विशेष कार्य अधिकारी गुरचरन सिंह, बलकरन सिंह, उप मुख्यमंत्री के पीए अवतार सिंह, चेयरमैन तेजिंदर सिंह मिड्ढूखेड़ा, शिअद के मुक्तसर हलका इंचार्ज कंवरजीत सिंह रोजी बरकंदी, गिद्दड़बाहा हलका इंचार्ज हरदीप सिंह डिंपी ढिल्लों, सिविल सर्जन डॉ. नरिंदर सिंह और डॉ. नरेश परुथी हाजिर थे।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री शुक्रवार को गांव बादल में नशा मुक्ति अभियान के तहत किए जा रहे प्रबंधों का जायजा लेने के लिए आयोजित बैठक में बोल रहे थे। इस दौरान उन्होंने मुक्तसर और बठिंडा में चल रहे इस अभियान की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पुनर्वास केंद्रों के लिए ऐसा डिजाइन तैयार करवा रही है जिसकी मदद से इन केंद्रों का जल्द निर्माण हो सके।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि कम्युनिटी हेल्थ सेंटरों में नशेड़ियों के इलाज के लिए विशेष तौर पर सिखलाई प्राप्त डॉक्टर तैनात किए जा रहे हैं, जिससे ऐसे लोगों को इलाज के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को सिविल अस्पताल बादल और मलोट में चल रहे नशा मुक्ति केंद्रों के अलावा सभी कम्युनिटी सेंटरों में आवश्यक सहूलियतें मुहैया कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नशे के आदी मरीजों को इलाज के लिए दवा मुफ्त दी जा रही है। वहीं मरीजों के खान-पान और हर प्रकार की सेवा विभाग द्वारा की जाएगी। मुख्यमंत्री बादल ने कहा कि इस समय नशा छोड़ने के इच्छुक लोगों का पुनर्वास ही सरकार की प्राथमिकता है।
विज्ञापन
उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को इसके लिए दिन-रात एक करने की बात पर जोर देते हुए कहा कि मुक्तसर में तीन जगहों पर इनडोर और जिले के सभी पांचों कम्युनिटी हेल्थ सेंटरों पर नशे के इलाज के लिए ओपीडी सेवाएं तुरंत शुरू की जाएंगी। उन्होंने समूह स्टाफ से नशे के आदी मरीजों के साथ हमदर्दी भरा रवैया अपनाने और मरीजों की लगातार काउंसिलिंग करने की बात कही।
नशे की सप्लाई लाइन था पंजाब
इससे पहले गांव सरावां बोदला में पत्रकारों के साथ बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नशे की सप्लाई लाइन का रास्ता था। पाकिस्तान से आने वाला नशा पंजाब से होकर ही आगे सप्लाई होता था। अब इस सप्लाई लाइन को तोड़ दिया गया है। जिससे नशे का पूरी तरह खात्मा हो जाएगा। बैठक में मलोट के विधायक हरप्रीत सिंह, प्रमुख सचिव केजेएस चीमा, राष्ट्रीय देहाती स्वास्थ्य मिशन पंजाब के डायरेक्टर हुसन लाल, डीसी जसकिरन सिंह, डीसी बठिंडा डॉ. बसंत गर्ग, एसएसपी कुलदीप सिंह चाहल, विशेष कार्य अधिकारी गुरचरन सिंह, बलकरन सिंह, उप मुख्यमंत्री के पीए अवतार सिंह, चेयरमैन तेजिंदर सिंह मिड्ढूखेड़ा, शिअद के मुक्तसर हलका इंचार्ज कंवरजीत सिंह रोजी बरकंदी, गिद्दड़बाहा हलका इंचार्ज हरदीप सिंह डिंपी ढिल्लों, सिविल सर्जन डॉ. नरिंदर सिंह और डॉ. नरेश परुथी हाजिर थे।