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Hindi News ›   Punjab ›   Railways have suffered loss of about Rs 2550 crore due to farmers agitation 

असर: किसान आंदोलन से रेलवे को 2550 करोड़ का नुकसान, 24 सितंबर 2020 को बंद कर दिए गए थे ट्रैक

Sat, 20 Nov 2021 12:31 AM IST
निवेदिता वर्मा अनिल कुमार, संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजपुर (पंजाब)
अनिल कुमार, संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजपुर (पंजाब) Published by: निवेदिता वर्मा Updated Sat, 20 Nov 2021 12:31 AM IST
सार

किसानों के रेल रोको आंदोलन के कारण फिरोजपुर डिवीजन में लंबे समय तक लोडिंग प्वाइंट करतारपुर, ब्यास, भगतां वाला, कपूरथला, सुल्तानपुर, मक्खू, नकोदर, शाहकोट, मलसियां, मोगा, फगवाड़ा, नवां शहर व टांडा बंद पड़े रहे।

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Railways have suffered loss of about Rs 2550 crore due to farmers agitation 
रेल रोको आंदोलन। - फोटो : फाइल

विस्तार

किसान आंदोलन के चलते रेलवे को लगभग 2550 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। पिछले साल 24 सितंबर से करीब 650 मालगाड़ियां और 325 पैसेंजर ट्रेनें काफी दिनों तक बंद रही थीं। किसानों ने पंजाब में बिछी रेल पटरियों पर कई जगहों पर धरना देकर पंजाब, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर के बीच दौड़ने वाली सभी ट्रेनों को बंद कर दिया था। 

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ब्यास और अमृतसर के बीच पड़ने वाले जंडियाला गुरु रेलवे स्टेशन के नजदीक किसानों ने 163 दिन तक रेल यातायात ठप रखा था। पंजाब में कोयले की कमी के चलते बिजली उत्पादन कम होने और खानपान की वस्तुएं के दाम आसमान छूने पर किसान जत्थेबंदियां पैसेंजर ट्रेनों के बजाय मालगाड़ियां चलाने पर राजी हुई थीं। वहीं केंद्र सरकार मालगाड़ियों के संग पैसेंजर ट्रेनें चलाने पर अड़ी रही। जब किसानों ने कुछेक ट्रेनें चलाने की अनुमति दी तो रेल मंत्रालय ने मालगाड़ियां भी चलाईं थीं।
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रेल डिवीजन फिरोजपुर के एडीआरएम रैंक के एक अधिकारी ने बताया कि किसान जत्थेबंदियों के रेल रोको आंदोलन से 2550 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान होने का अनुमान है। ब्यास-अमृतसर सेक्शन पर किसानों का लंबे समय तक आंदोलन चला। इस सेक्शन से कोई भी ट्रेन नहीं गुजरती थी। तरनतारन होकर ट्रेन को अपने निर्धारित स्टेशन तक पहुंचाया जाता था। किसान आंदोलन के दौरान ही लॉकडाउन लग गया। पैसेंजर ट्रेनें रद्द होने के कारण रेलवे को तकरीबन 60 लाख रुपये रिफंड यात्रियों को देना पड़ा था। 
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डिवीजन में लंबे समय तक लोडिंग प्वाइंट करतारपुर, ब्यास, भगतां वाला, कपूरथला, सुल्तानपुर, मक्खू, नकोदर, शाहकोट, मलसियां, मोगा, फगवाड़ा, नवां शहर व टांडा बंद पड़े रहे। 22 अक्तूबर 2020 में जब डिवीजन में लगभग चालीस मालगाड़ियां चलाने की अनुमति मिली तो रेल डिवीजन फिरोजपुर ने पैसेंजर ट्रेनों से होने वाले नुकसान की भरपाई को पूरा करने का प्रयास किया। बताते हैं कि मालगाड़ियों से डिवीजन के अकेले लुधियाना से लगभग 65 करोड़ रुपये की कमाई हुई है। लुधियाना में हौजरी की फैक्ट्रियां हैं। 

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