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नियुक्ति प्रक्रिया जारी रहेगी, ज्वाइनिंग लेटर पर रोक
अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 16 Dec 2013 11:51 PM IST
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पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब में 5078 रूरल एसोसिएट टीचरों की भर्ती के मामले में नियुक्ति प्रक्रिया को जारी रखने के निर्देश दिए हैं।
सोमवार को मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस तजिंदर सिंह ने स्पष्ट किया कि सफल रहने वाले उम्मीदवारों को अगली सुनवाई तक नियुक्ति पत्रों के आवंटन पर रोक जारी रहेगी।
हाईकोर्ट ने मामले पर पंजाब शिक्षा विभाग और पंजाब एजूकेशन रिक्रूटमेंट बोर्ड को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
हाईकोर्ट ने मामले की आगामी सुनवाई 12 फरवरी के लिए निर्धारित की है।
हाईकोर्ट में दाखिल याचिका में कहा गया कि इन पदों के लिए सीएमजी यूनिवर्सिटी शिलांग से डिग्री हासिल करने वालों ने भी इन पदों के लिए आवेदन किया है।
याचिका में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट 13 सितंबर 2013 को आदेश जारी कर चुका है कि इस विश्वविद्यालय से ली जाने वाली उपाधियां मान्य नहीं हैं।
याचिकाकर्ता का कहना है कि उन्होंने खुद इन पदों के लिए आवेदन किया है।
वहीं एजूकेशन रिक्रूटमेंट बोर्ड खुद अपनी आफिशियल वेबसाइट में 423 ऐसे उम्मीदवारों के नाम जाहिर कर चुका है, जिन्होंने शिलांग विश्वविद्यालय से डिग्री हासिल की है।
याचिका में हाईकोर्ट से इस नियुक्ति प्रक्रिया पर रोक लगाने का अनुरोध किया गया है।
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सोमवार को मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस तजिंदर सिंह ने स्पष्ट किया कि सफल रहने वाले उम्मीदवारों को अगली सुनवाई तक नियुक्ति पत्रों के आवंटन पर रोक जारी रहेगी।
हाईकोर्ट ने मामले पर पंजाब शिक्षा विभाग और पंजाब एजूकेशन रिक्रूटमेंट बोर्ड को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
हाईकोर्ट ने मामले की आगामी सुनवाई 12 फरवरी के लिए निर्धारित की है।
हाईकोर्ट में दाखिल याचिका में कहा गया कि इन पदों के लिए सीएमजी यूनिवर्सिटी शिलांग से डिग्री हासिल करने वालों ने भी इन पदों के लिए आवेदन किया है।
याचिका में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट 13 सितंबर 2013 को आदेश जारी कर चुका है कि इस विश्वविद्यालय से ली जाने वाली उपाधियां मान्य नहीं हैं।
याचिकाकर्ता का कहना है कि उन्होंने खुद इन पदों के लिए आवेदन किया है।
वहीं एजूकेशन रिक्रूटमेंट बोर्ड खुद अपनी आफिशियल वेबसाइट में 423 ऐसे उम्मीदवारों के नाम जाहिर कर चुका है, जिन्होंने शिलांग विश्वविद्यालय से डिग्री हासिल की है।
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याचिका में हाईकोर्ट से इस नियुक्ति प्रक्रिया पर रोक लगाने का अनुरोध किया गया है।