{"_id":"08fddce9b0037453408f7edc6bdd9d8f","slug":"punjab-ludhiana-vat","type":"story","status":"publish","title_hn":"सिगरेट पर वैट कम करने पर गोसाईं नाराज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सिगरेट पर वैट कम करने पर गोसाईं नाराज
अमर उजाला, लुधियाना
Updated Wed, 29 Jan 2014 10:49 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पंजाब में सिगरेट पर वैट कम करने के फैसले की चौतरफा निंदा हो रही है। कई सामाजिक एवं धार्मिक जत्थेबंदियों ने इसके खिलाफ आवाज बुलंद की है। अब पंजाब के पूर्व सेहत मंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता सतपाल गोसाईं ने भी साफ किया है कि इस फैसले से आम लोगों में गलत संदेश गया है।
इस संबंध में गोसाईं ने मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल को बाकायदा पत्र लिख कर सिगरेट के बजाय पेट्रोल पर वैट कम करने की गुहार लगाई है, ताकि राज्य की आम जनता को राहत मिल सके।
गोसाईं ने अपने पत्र में लिखा है कि पंजाब सरकार ने एक साल से कम वक्त में ही सिगरेट पर वैट 55 फीसदी से कम करके बीस फीसदी कर दिया है। पत्र में गोसाईं ने हवाला दिया है कि मानव बचाओ संगठन के प्रधान एवं कैंसर सर्जन डा. प्रह्लाद दुग्गल एवं प्रोजेक्ट डायरेक्टर असीमा सरीन के अनुसार पांच साल में 33 हजार मरीज केवल कैंसर से ही मरे हैं। इनमें से अस्सी फीसदी तंबाकू से पीड़ित थे।
विज्ञापन
गोसाईं ने तर्क दिया कि एक तरफ तो सरकार ने कैंसर के खिलाफ जंग छेड़ रखी है। कैंसर मरीजों को इलाज के लिए डेढ़ लाख रुपये तक की सहायता दी जा रही है। करोड़ों रुपये खर्च करके कैंसर अस्पताल बनाए जा रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ तंबाकू, सिगरेट पर वैट कम करके इनकी बिक्री को बढ़ावा दिया जा रहा है। पूर्व सेहत मंत्री ने मांग की है कि इस फैसले को वापस लिया जाए और पेट्रोल पर वैट कम किया जाए।
विज्ञापन
इस संबंध में गोसाईं ने मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल को बाकायदा पत्र लिख कर सिगरेट के बजाय पेट्रोल पर वैट कम करने की गुहार लगाई है, ताकि राज्य की आम जनता को राहत मिल सके।
विज्ञापन
गोसाईं ने अपने पत्र में लिखा है कि पंजाब सरकार ने एक साल से कम वक्त में ही सिगरेट पर वैट 55 फीसदी से कम करके बीस फीसदी कर दिया है। पत्र में गोसाईं ने हवाला दिया है कि मानव बचाओ संगठन के प्रधान एवं कैंसर सर्जन डा. प्रह्लाद दुग्गल एवं प्रोजेक्ट डायरेक्टर असीमा सरीन के अनुसार पांच साल में 33 हजार मरीज केवल कैंसर से ही मरे हैं। इनमें से अस्सी फीसदी तंबाकू से पीड़ित थे।
विज्ञापन
गोसाईं ने तर्क दिया कि एक तरफ तो सरकार ने कैंसर के खिलाफ जंग छेड़ रखी है। कैंसर मरीजों को इलाज के लिए डेढ़ लाख रुपये तक की सहायता दी जा रही है। करोड़ों रुपये खर्च करके कैंसर अस्पताल बनाए जा रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ तंबाकू, सिगरेट पर वैट कम करके इनकी बिक्री को बढ़ावा दिया जा रहा है। पूर्व सेहत मंत्री ने मांग की है कि इस फैसले को वापस लिया जाए और पेट्रोल पर वैट कम किया जाए।