{"_id":"63d572cb2b98af2143135c0c","slug":"punjab-government-earned-rs-23-crore-40-lakh-did-not-give-job-to-anyone-2023-01-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Punjab: सरकार ने कमाए 23.40 करोड़, नौकरी किसी को नहीं दी, चुने हुए नायब तहसीलदारों को नहीं मिले नियुक्ति पत्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Punjab: सरकार ने कमाए 23.40 करोड़, नौकरी किसी को नहीं दी, चुने हुए नायब तहसीलदारों को नहीं मिले नियुक्ति पत्र
Sun, 29 Jan 2023 12:38 AM IST
भूपेंद्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Sun, 29 Jan 2023 12:38 AM IST
सार
नकल का केस दर्ज कर सरकार ने परीक्षा रद्इ कर दी थी। हर महीने मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री को पत्र लिख जा रहे हैं। दिसंबर 2020 में नोटिफिकेशन जारी किया। इन पदों के लिए 78000 उम्मीदवारों ने आवेदन किया। पीपीएससी ने इस पद के लिए आवेदन शुल्क 3000 रुपये प्रति उम्मीदवार रखा।
विज्ञापन
PPSC JE Recruitment
- फोटो : Social Media
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पंजाब सरकार ने नायब तहसीलदारों के 78 पद भरने के लिए दिसंबर 2020 में नोटिफिकेशन जारी किया। इन पदों के लिए 78000 उम्मीदवारों ने आवेदन किया। पीपीएससी ने इस पद के लिए आवेदन शुल्क 3000 रुपये प्रति उम्मीदवार रखा, जिससे सरकार के खाते में 23.40 करोड़ रुपये आ गए। इसी दौरान परीक्षा में नकल करने और बाहरी लोगों द्वारा परीक्षा में बैठने के आरोप सामने आने के बाद सरकार ने परीक्षा रद्द दी। इसके चलते चुने गए किसी भी उम्मीदवार को नौकरी नहीं मिल सकी।
विज्ञापन
नायब तहसीलदार के पद के लिए आवेदन करने वालों में से 45000 उम्मीदवारों ने परीक्षा दी और उनमें से 1700 उम्मीदवार ही पास हुए। मई 2022 में हुई परीक्षा का परिणाम अक्तूबर 2022 में आ गया था। चयन की बाकी प्रक्रिया पूरी करने के बाद 78 उम्मीदवारों को नौकरी के लिए चुन लिया गया। इनमें से 60 उम्मीदवारों ने सरकार से परीक्षा रद्द न करने और चुने गए उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र जारी करने की मांग की है।
विज्ञापन
शनिवार को चंडीगढ़ प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में उपस्थित, चुने गए उम्मीदवारों में ह्रदयवीर सिंह, हरप्रीत सिंह, कशिश गर्ग, जसप्रीत कौर, पुखराज सिंह और जश्न कुमार ने कहा कि जांच में सभी दोषियों का पता चल चुका है और उनके खिलाफ अदालत में चार्जशीट भी जारी हो चुकी है।
विज्ञापन
कुछ गलत लोगों के कारण ऐसे सभी उम्मीदवार जिन्होंने ईमानदारी से परीक्षा दी और चयन प्रक्रिया की सभी शर्तें पूरी की हैं, उन्हें नियुक्ति दी जानी चाहिए। उम्मीदवारों ने कहा कि पूरी परीक्षा रद्द करने से चुने गए उम्मीदवारों को बहुत नुकसान होगा, क्योंकि उन्हें बिना किसी अपराध के सजा मिलेगी।
उन्होंने बताया कि अक्तूबर में नौकरी के लिए चुने जाने के बाद से वह मुख्यमंत्री, वित्त मंत्री, पीपीएससी के चेयरमैन, एफसीआर को लगातार पत्र भेजकर नियुक्ति पत्र जारी करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक उनके पत्रों का सरकार ने जवाब नहीं दिया।