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पंजाब कांग्रेस में बगावत, महासचिव पद छोड़ेंगे कंग
अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 01 Jan 2014 04:49 PM IST
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पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रधान प्रताप सिंह बाजवा द्वारा नई कार्यकारिणी के गठन के बाद से उठ रहे विरोध के सुर तेज होते जा रहे हैं।
पूर्व मंत्री गुरकंवल कौर के बाद अब खरड़ के विधायक जगमोहन कंग ने भी बाजवा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कंग ने दावा किया है कि वह भी प्रदेश प्रधान पद के मजबूत दावेदार थे।
बाजवा ने जानबूझ कर उन्हें महासचिव बनाकर बेइज्जत किया है। वह जल्द ही पार्टी हाईकमान से मिलकर महासचिव पद से इस्तीफा सौंपेंगे। उन्होंने कहा कि वे विधायक के तौर पर पार्टी की मजबूती के लिए काम करते रहेंगे।
कंग ने कहा कि वह पिछले 39 सालों से पार्टी की सेवा कर रहे हैं। हाल ही में घोषित कार्यकारिणी में उनकी सीनियॉरिटी और काबलियत को नजरंदाज करते महासचिव पद दिया गया है।
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प्रदेश प्रधान बाजवा ने जानबूझ कर उन्हें साजिश करके उन्हें जूनियर पोजीशन दी है। कंग ने आरोप लगाया कि बाजवा को उनसे भविष्य में खतरा हो सकता था। इसलिए उन्होंने यह किया।
कंग ने कहा कि बाजवा को समझना चाहिए कि वह एआईसीसी की प्रदेश कमेटी केप्रधान हैं, न कि प्रताप सिंह बाजवा प्राइवेट लिमिटेड के। जानबूझ कर बाजवा ने उन्हें जलील करने की कोशिश की है, जोकि कोई भी बर्दाश्त नहीं करेगा।
कंग ने यह भी आरोप लगाया कि नई कार्यकारिणी में कुछ लोगों को गलत ढंग से अच्छी जिम्मेदारी दी गई है, तो पुराने लोगों को नजरंदाज किया गया है। जिससे पार्टी में गहरा असंतोष है।
पिछले दस महीनों में बाजवा पार्टी को साथ लेकर नहीं चल सके। जिससे पार्टी का ग्राफ लगातार गिर रहा है।
उधर, प्रदेश प्रधान प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि वह सबको संतुष्ट नहीं कर सकते। पार्टी हाईकमान के अप्रूवल के बाद ही कार्यकारिणी घोषित की गई है।
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पूर्व मंत्री गुरकंवल कौर के बाद अब खरड़ के विधायक जगमोहन कंग ने भी बाजवा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कंग ने दावा किया है कि वह भी प्रदेश प्रधान पद के मजबूत दावेदार थे।
बाजवा ने जानबूझ कर उन्हें महासचिव बनाकर बेइज्जत किया है। वह जल्द ही पार्टी हाईकमान से मिलकर महासचिव पद से इस्तीफा सौंपेंगे। उन्होंने कहा कि वे विधायक के तौर पर पार्टी की मजबूती के लिए काम करते रहेंगे।
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कंग ने कहा कि वह पिछले 39 सालों से पार्टी की सेवा कर रहे हैं। हाल ही में घोषित कार्यकारिणी में उनकी सीनियॉरिटी और काबलियत को नजरंदाज करते महासचिव पद दिया गया है।
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प्रदेश प्रधान बाजवा ने जानबूझ कर उन्हें साजिश करके उन्हें जूनियर पोजीशन दी है। कंग ने आरोप लगाया कि बाजवा को उनसे भविष्य में खतरा हो सकता था। इसलिए उन्होंने यह किया।
कंग ने कहा कि बाजवा को समझना चाहिए कि वह एआईसीसी की प्रदेश कमेटी केप्रधान हैं, न कि प्रताप सिंह बाजवा प्राइवेट लिमिटेड के। जानबूझ कर बाजवा ने उन्हें जलील करने की कोशिश की है, जोकि कोई भी बर्दाश्त नहीं करेगा।
कंग ने यह भी आरोप लगाया कि नई कार्यकारिणी में कुछ लोगों को गलत ढंग से अच्छी जिम्मेदारी दी गई है, तो पुराने लोगों को नजरंदाज किया गया है। जिससे पार्टी में गहरा असंतोष है।
पिछले दस महीनों में बाजवा पार्टी को साथ लेकर नहीं चल सके। जिससे पार्टी का ग्राफ लगातार गिर रहा है।
उधर, प्रदेश प्रधान प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि वह सबको संतुष्ट नहीं कर सकते। पार्टी हाईकमान के अप्रूवल के बाद ही कार्यकारिणी घोषित की गई है।