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सेहत मंत्री का फोन नहीं उठाया, एसएमओ को नोटिस
ब्यूरो/अमर उजाला, बरनाला
Updated Mon, 16 Jun 2014 10:05 PM IST
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सेहत मंत्री सुरजीत ज्याणी ने रविवार रात बारह बजे सिविल अस्पताल बरनाला का औचक दौरा किया। इस दौरान उन्होंने मरीजों का हाल-चाल पूछा और उनसे अस्पताल में मिल रही सेहत सहूलियतों के बारे में पूछा। इस दौरान उन्होंने फोन न उठाने पर एसएमओ को नोटिस जारी किया है।
रविवार रात 12 बजे सिविल अस्पताल पहुंचे सेहत मंत्री ने सबसे पहले इमरजेंसी वार्ड का दौरा किया, जहां इमरजेंसी ड्यूटी पर डॉ. विक्रमजीत सिंह तैनात थे। सेहत मंत्री ने डॉ. विक्रमजीत से कहा कि सिविल सर्जन को कहें कि अस्पताल में हादसे के मरीज आए हैं, इसलिए वह तुरंत अस्पताल पहुंचे। इस दौरान सेहत मंत्री ने सिविल सर्जन को फोन करवाकर समय जांचा। सिविल सर्जन विशालवीर फोन करने के सात मिनट बाद अस्पताल पहुंच गए लेकिन एसएमओ डॉ. जसबीर सिंह औलख ने फोन नहीं उठाया। सेहत मंत्री ने एसएमओ औलख को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है।
लापरवाही बरतने वाले डॉक्टरों पर होगी कार्रवाई
इसके बाद सेहत मंत्री ज्याणी ने सरकारी एंबुलेंस के ड्राइवर को बुलाकर एंबुलेंस का आक्सीजन सिलेंडर चैक किया और दवा वाले स्टोर की भी चेकिंग की। सफाई प्रबंधों का जायजा लेते हुए उन्होंने आदेश जारी किए कि अस्पताल के बाथरूम इत्यादि की हालत अच्छी बनाई जाए। सेहत मंत्री ने कहा कि ड्यूटी में लापरवाही करने वाले डॉक्टरों के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी। मरीजों का आर्थिक शोषण करने वाले डॉक्टरों को भी बख्शा नहीं जाएगा। सेहत मंत्री ने कहा कि वह राज्य के सिविल अस्पतालों और सरकारी डिस्पेंसरियों की इसी तरह औचक चेकिंग जारी रखेंगे और कोताही करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
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रविवार रात 12 बजे सिविल अस्पताल पहुंचे सेहत मंत्री ने सबसे पहले इमरजेंसी वार्ड का दौरा किया, जहां इमरजेंसी ड्यूटी पर डॉ. विक्रमजीत सिंह तैनात थे। सेहत मंत्री ने डॉ. विक्रमजीत से कहा कि सिविल सर्जन को कहें कि अस्पताल में हादसे के मरीज आए हैं, इसलिए वह तुरंत अस्पताल पहुंचे। इस दौरान सेहत मंत्री ने सिविल सर्जन को फोन करवाकर समय जांचा। सिविल सर्जन विशालवीर फोन करने के सात मिनट बाद अस्पताल पहुंच गए लेकिन एसएमओ डॉ. जसबीर सिंह औलख ने फोन नहीं उठाया। सेहत मंत्री ने एसएमओ औलख को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है।
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लापरवाही बरतने वाले डॉक्टरों पर होगी कार्रवाई
इसके बाद सेहत मंत्री ज्याणी ने सरकारी एंबुलेंस के ड्राइवर को बुलाकर एंबुलेंस का आक्सीजन सिलेंडर चैक किया और दवा वाले स्टोर की भी चेकिंग की। सफाई प्रबंधों का जायजा लेते हुए उन्होंने आदेश जारी किए कि अस्पताल के बाथरूम इत्यादि की हालत अच्छी बनाई जाए। सेहत मंत्री ने कहा कि ड्यूटी में लापरवाही करने वाले डॉक्टरों के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी। मरीजों का आर्थिक शोषण करने वाले डॉक्टरों को भी बख्शा नहीं जाएगा। सेहत मंत्री ने कहा कि वह राज्य के सिविल अस्पतालों और सरकारी डिस्पेंसरियों की इसी तरह औचक चेकिंग जारी रखेंगे और कोताही करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
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