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बेरोजगार लाइनमैनों पर पुलिस का कहर, महिलाओं समेत किए गिरफ्तार, जेल भेजे
ब्यूरो,अमर उजाला/पटियाला
Updated Mon, 11 Apr 2016 10:15 PM IST
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सोमवार को पटियाला में बेरोजगार लाइनमैनों के धरनास्थल से टैंट उखाड़ कर व अन्य सामान गाड़ी में भर कर ले जाती पुलिस।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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मांगों को लेकर पावरकॉम हेडआफिस के सामने पिछले कई दिन से पक्का धरना लगाकर बैठे बेरोजगार लाइनमैनों पर सोमवार को तड़के पुलिस का कहर बरपा।
भारी गिनती में पुलिस फोर्स धरनास्थल पहुंची और बेरोजगार लाइनमैनों के टेंट उखाड़कर उन्हें, उनके परिवार की महिलाओं और बच्चों समेत जबरन गिरफ्तार करके थाने ले गई। इस दौरान यूनियन ने आरोप लगाया कि खजांची भोला सिंह गगडपुर की दस्तार उतर गई। उन्हें पुलिस ने बालों से घसीटा, जिस कारण उन्हें चोटें भी लगीं। बाद दोपहर जिन महिलाओं के बच्चे थे, उन्हें छोड़ दिया गया। बाकी सभी को जेल भेज दिया गया।
बेरोजगार लाइनमैनों यूनियन पावरकॉम में नियुक्तियों की मांग को लेकर पिछले कई दिन से आंदोलन कर रही है। सोमवार तड़के करीब पांच बजे काफी गिनती में पुलिस फोर्स पावरकॉम हेडआफिस के सामने माल रोड पर बेरोजगार लाइनमैनों के धरना स्थल पर पहुंची। घटना के संबंध में यूनियन के प्रदेश प्रधान पिरमल सिंह ने बताया कि पुलिस ने आते ही उन्हें धरना समाप्त करने को कहा। इनकार करने पर पुलिस ने टेंट उखाड़ दिए और बेरोजगार लाइनमैनों का सामान जिसमें पंखे, रजाइयां, गद्दे, रसोई का सामान, फ्रिज इत्यादि था, सब गाड़ियों में डाल लिया। इसके बाद जबरन 23 बेरोजगार लाइनमैनों, उनके परिवारों की 10 महिलाओं को गिरफ्तार करके गाड़ियों में डाल लिया और थाने ले गई।
जिन महिलाओं के छोटे बच्चे थे, वह भी उनके साथ ही थाने ले जाए गए। इस दौरान यूनियन के प्रदेश खजांची भोला सिंह गगड़पुर जो अमृतधारी हैं, उन्होंने जब पुलिस की इस कार्रवाई का विरोध किया, तो पुलिस ने उनके साथ बदसलूकी की। इस दौरान भोला सिंह की दस्तार उतर गई। पुलिस ने उन्हें बालों से पकड़ कर घसीटा। उन्हें चोटें भी आई हैं। हालांकि बाद दोपहर पुलिस ने उन महिलाओं को छोड़ दिया, जिनके साथ में बच्चे थे। बाकी 23 बेरोजगार लाइनमैनों और चार महिलाओं को जेल भेज दिया गया।
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यूनियन के प्रदेश प्रधान पिरमल सिंह ने पुलिस की इस कार्रवाई की निंदा की है। उन्होंने आरोप लगाया कि अकाली-भाजपा सरकार के इशारे पर पटियाला प्रशासन की ओर से यह कार्रवाई की गई है क्योंकि यूनियन ने वैसाखी मेले पर अकाली दल (बादल) की रैली में रोष प्रदर्शन करके गिरफ्तारियां देने का ऐलान किया था। उन्होंने चेतावनी दी कि सरकार की यह धक्केशाही बेरोजगार लाइनमैनों को संघर्ष के रास्ते से पीछे नहीं मोड़ सकती है। इस धक्केशाही का मुंह तोड़ जवाब 13 अप्रैल को वैसाखी मेले पर दिया जाएगा।
प्रदेश सलाहकार सोमा सिंह ने कहा कि 2013 में भी जब यूनियन इसी तरह से आंदोलन कर रही थी, तो पुलिस ने टेंट उखाड़ दिए थे और सामान उठा कर ले गई थी। उस समय उनका काफी सामान पुलिस ने अपने पास ही रख लिया था, जिससे यूनियन को काफी आर्थिक नुकसान हुआ था।
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भारी गिनती में पुलिस फोर्स धरनास्थल पहुंची और बेरोजगार लाइनमैनों के टेंट उखाड़कर उन्हें, उनके परिवार की महिलाओं और बच्चों समेत जबरन गिरफ्तार करके थाने ले गई। इस दौरान यूनियन ने आरोप लगाया कि खजांची भोला सिंह गगडपुर की दस्तार उतर गई। उन्हें पुलिस ने बालों से घसीटा, जिस कारण उन्हें चोटें भी लगीं। बाद दोपहर जिन महिलाओं के बच्चे थे, उन्हें छोड़ दिया गया। बाकी सभी को जेल भेज दिया गया।
बेरोजगार लाइनमैनों यूनियन पावरकॉम में नियुक्तियों की मांग को लेकर पिछले कई दिन से आंदोलन कर रही है। सोमवार तड़के करीब पांच बजे काफी गिनती में पुलिस फोर्स पावरकॉम हेडआफिस के सामने माल रोड पर बेरोजगार लाइनमैनों के धरना स्थल पर पहुंची। घटना के संबंध में यूनियन के प्रदेश प्रधान पिरमल सिंह ने बताया कि पुलिस ने आते ही उन्हें धरना समाप्त करने को कहा। इनकार करने पर पुलिस ने टेंट उखाड़ दिए और बेरोजगार लाइनमैनों का सामान जिसमें पंखे, रजाइयां, गद्दे, रसोई का सामान, फ्रिज इत्यादि था, सब गाड़ियों में डाल लिया। इसके बाद जबरन 23 बेरोजगार लाइनमैनों, उनके परिवारों की 10 महिलाओं को गिरफ्तार करके गाड़ियों में डाल लिया और थाने ले गई।
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जिन महिलाओं के छोटे बच्चे थे, वह भी उनके साथ ही थाने ले जाए गए। इस दौरान यूनियन के प्रदेश खजांची भोला सिंह गगड़पुर जो अमृतधारी हैं, उन्होंने जब पुलिस की इस कार्रवाई का विरोध किया, तो पुलिस ने उनके साथ बदसलूकी की। इस दौरान भोला सिंह की दस्तार उतर गई। पुलिस ने उन्हें बालों से पकड़ कर घसीटा। उन्हें चोटें भी आई हैं। हालांकि बाद दोपहर पुलिस ने उन महिलाओं को छोड़ दिया, जिनके साथ में बच्चे थे। बाकी 23 बेरोजगार लाइनमैनों और चार महिलाओं को जेल भेज दिया गया।
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यूनियन के प्रदेश प्रधान पिरमल सिंह ने पुलिस की इस कार्रवाई की निंदा की है। उन्होंने आरोप लगाया कि अकाली-भाजपा सरकार के इशारे पर पटियाला प्रशासन की ओर से यह कार्रवाई की गई है क्योंकि यूनियन ने वैसाखी मेले पर अकाली दल (बादल) की रैली में रोष प्रदर्शन करके गिरफ्तारियां देने का ऐलान किया था। उन्होंने चेतावनी दी कि सरकार की यह धक्केशाही बेरोजगार लाइनमैनों को संघर्ष के रास्ते से पीछे नहीं मोड़ सकती है। इस धक्केशाही का मुंह तोड़ जवाब 13 अप्रैल को वैसाखी मेले पर दिया जाएगा।
प्रदेश सलाहकार सोमा सिंह ने कहा कि 2013 में भी जब यूनियन इसी तरह से आंदोलन कर रही थी, तो पुलिस ने टेंट उखाड़ दिए थे और सामान उठा कर ले गई थी। उस समय उनका काफी सामान पुलिस ने अपने पास ही रख लिया था, जिससे यूनियन को काफी आर्थिक नुकसान हुआ था।