{"_id":"628a69fb653e762f6e6cd29b","slug":"two-units-of-ropar-closed-amid-increasing-demand-for-electricity-in-punjab-patiala-news-pkl4514246113","type":"story","status":"publish","title_hn":"पंजाब में बिजली की बढ़ती मांग के बीच रोपड़ की दो यूनिटें बंद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पंजाब में बिजली की बढ़ती मांग के बीच रोपड़ की दो यूनिटें बंद
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पटियाला। पंजाब में बिजली की बढ़ती मांग के बीच रविवार को रोपड़ थर्मल प्लांट की दो यूनिटों को बंद कर दिया गया। बताया जा रहा है कि पावरकॉम ने थर्मलों में कोयले के लगातार गहराते संकट के चलते आने वाले पैडी सीजन के लिए कोयला बचाने के लिए यह कदम उठाया है। जबकि लहरा मुहब्बत की तीन और प्राइवेट में गोइंदवाल की एक यूनिट पहले ही बंद पड़ी है। अब इन छह यूनिटों के बंद पड़ने से कुल 1360 मेगावाट बिजली सप्लाई बंद पड़ गई है।
उधर, पंजाब में रविवार को सरकारी दफ्तर व दुकानें बंद होने के बावजूद बिजली की मांग 10,000 मेगावाट के पार दर्ज की गई। दिन के वक्त बिजली की अधिकतम मांग 10,097 मेगावाट रही, वहीं शनिवार को बिजली की अधिकतम मांग 10,640 मेगावाट रही थी। जो इस गर्मी के सीजन में अब तक सबसे अधिक मांग थी। ऐसे में साफ है कि पंजाब में बिजली की मांग लगातार 10 हजार मेगावाट से अधिक रह रही है। आने वाले पैडी सीजन में बिजली की मांग में और बढ़ोतरी की पूरी संभावना है। बावजूद इसके थर्मलों में कोयले के स्टाक में भारी कमी के चलते बिजली की बड़ी किल्लत पैदा हो सकती है।
रोपड़ प्लांट में पांच, लहरा में आठ, तलवंडी साबो में साढ़े पांच दिनों का, गोइंदवाल में तीन दिनों और राजपुरा में 21 दिनों का कोयला शेष है। रविवार को पंजाब में 10097 की अधिकतम मांग के मुकाबले पावरकॉम के पास बिजली की उपलब्धता करीब 3600 मेगावाट की रही। बाकी की बिजली पावरकॉम ने बाहर से खरीदी और वह भी सस्ते दामों में। इस कारण रविवार को भी उपभोक्ताओं को कटों का सामना नहीं करना पड़ा।
विज्ञापन
विज्ञापन
उधर, पंजाब में रविवार को सरकारी दफ्तर व दुकानें बंद होने के बावजूद बिजली की मांग 10,000 मेगावाट के पार दर्ज की गई। दिन के वक्त बिजली की अधिकतम मांग 10,097 मेगावाट रही, वहीं शनिवार को बिजली की अधिकतम मांग 10,640 मेगावाट रही थी। जो इस गर्मी के सीजन में अब तक सबसे अधिक मांग थी। ऐसे में साफ है कि पंजाब में बिजली की मांग लगातार 10 हजार मेगावाट से अधिक रह रही है। आने वाले पैडी सीजन में बिजली की मांग में और बढ़ोतरी की पूरी संभावना है। बावजूद इसके थर्मलों में कोयले के स्टाक में भारी कमी के चलते बिजली की बड़ी किल्लत पैदा हो सकती है।
विज्ञापन
रोपड़ प्लांट में पांच, लहरा में आठ, तलवंडी साबो में साढ़े पांच दिनों का, गोइंदवाल में तीन दिनों और राजपुरा में 21 दिनों का कोयला शेष है। रविवार को पंजाब में 10097 की अधिकतम मांग के मुकाबले पावरकॉम के पास बिजली की उपलब्धता करीब 3600 मेगावाट की रही। बाकी की बिजली पावरकॉम ने बाहर से खरीदी और वह भी सस्ते दामों में। इस कारण रविवार को भी उपभोक्ताओं को कटों का सामना नहीं करना पड़ा।
विज्ञापन