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वाइस आफ पंजाब के फाइनलिस्ट परख को बचपन से है गायकी से प्यार
संगरूर
Updated Sun, 12 Feb 2017 03:25 PM IST
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संगरूर में टीवी शो वाइस आफ पंजाब के फाइनल राउंड में एंट्री पाने वाले परखजीत सिंह का स्वागत करते लोग।
- फोटो : अमर उजाला
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टीवी शो वाइस आफ पंजाब के फाइनल राउंड में अपनी एंट्री करवाने वाले संगरूर के परखजीत सिंह को बचपन से ही गायकी से प्यार है और परख ने सातवीं कक्षा से संगीत सीखना शुरू कर दिया था।
परखजीत सिंह जैसे ही संगरूर पहुंचा तो पूरा शहर उसके स्वागत के लिए उमड़ आया और उसे फूलों से लाद दिया। परखजीत ने सबसे पहले मंदिर माता श्री काली देवी में माथा टेककर माता का आशीर्वाद लिया। इसके बाद शहर में रोड शो निकाला, जिसका हर जगह जोरदार स्वागत किया गया।
परखजीत सिंह ने बताया कि गायकी का उसे शुरू से ही शौक है और उसने सातवीं कक्षा में ही गायकी सीखना शुरू कर दिया था। इससे पहले 2016 में हुए सुरताल मुकाबले में अपनी गायकी का लोहा मनवाते हुए पहली पोजीशन हासिल की थी। परख ने शहर के रणबीर कालेज में ग्रेजुएशन (मैथ) किया। परख गायकी को रूह की खुराक मानता है और उसे फाइनल में कामयाब होने की पूरी उम्मीद है।
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मौके पर मौजूद उसके पिता हरदयाल सिंह, माता गुरजंट कौर और बहन अमनजोत कौर ने बताया कि उन्हें परख पर गर्व है जिसने अपने परिवार का ही नहीं बल्कि संगरूर का नाम चमकाया है। इस दौरान परखजीत के दोस्तों, रिश्तेदारों ने भंगड़ा डाला और लड्डू बांटकर अपनी खुशी का इजहार किया।
इस मौके पर सहारा फाउंडेशन के चेयरमैन सरबजीत सिंह रेखी, अशोक कुमार, दिनेश ग्रोवर ने परखजीत का स्वागत करते हुए उसकी कामयाबी के लिए शुभकामनाएं दीं।
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परखजीत सिंह जैसे ही संगरूर पहुंचा तो पूरा शहर उसके स्वागत के लिए उमड़ आया और उसे फूलों से लाद दिया। परखजीत ने सबसे पहले मंदिर माता श्री काली देवी में माथा टेककर माता का आशीर्वाद लिया। इसके बाद शहर में रोड शो निकाला, जिसका हर जगह जोरदार स्वागत किया गया।
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परखजीत सिंह ने बताया कि गायकी का उसे शुरू से ही शौक है और उसने सातवीं कक्षा में ही गायकी सीखना शुरू कर दिया था। इससे पहले 2016 में हुए सुरताल मुकाबले में अपनी गायकी का लोहा मनवाते हुए पहली पोजीशन हासिल की थी। परख ने शहर के रणबीर कालेज में ग्रेजुएशन (मैथ) किया। परख गायकी को रूह की खुराक मानता है और उसे फाइनल में कामयाब होने की पूरी उम्मीद है।
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मौके पर मौजूद उसके पिता हरदयाल सिंह, माता गुरजंट कौर और बहन अमनजोत कौर ने बताया कि उन्हें परख पर गर्व है जिसने अपने परिवार का ही नहीं बल्कि संगरूर का नाम चमकाया है। इस दौरान परखजीत के दोस्तों, रिश्तेदारों ने भंगड़ा डाला और लड्डू बांटकर अपनी खुशी का इजहार किया।
इस मौके पर सहारा फाउंडेशन के चेयरमैन सरबजीत सिंह रेखी, अशोक कुमार, दिनेश ग्रोवर ने परखजीत का स्वागत करते हुए उसकी कामयाबी के लिए शुभकामनाएं दीं।