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रिश्वत मामले में बरी पूर्व कर्मचारी का निलंबन काल ड्यूटी माना जाएगा: हाईकोर्ट

Fri, 19 Dec 2025 08:52 PM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 19 Dec 2025 08:52 PM IST
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The suspension period of the former employee acquitted in a bribery case will be considered as time on duty: High Court
-एफसीआई की अपील खारिज, एकल न्यायाधीश का आदेश बरकरार
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चंडीगढ़। पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) की अपील खारिज करते हुए एक महत्वपूर्ण निर्णय दिया है। कोर्ट ने रिश्वत मामले में बरी किए गए एफसीआई के पूर्व कर्मचारी वेद प्रकाश मल्होत्रा के निलंबन काल को ड्यूटी अवधि मानने का आदेश बरकरार रखा। यह मामला एफसीआई बनाम वेद प्रकाश मल्होत्रा से जुड़ा है जिसमें जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा और जस्टिस रोहित कपूर की खंडपीठ ने सुनवाई की। कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के यूनियन ऑफ इंडिया बनाम मेथु मेडा फैसले का हवाला देते हुए कहा कि यदि किसी कर्मचारी को झूठे फंसाने या आरोप से बरी किया जाता है तो इसे सम्मानजनक बरी माना जाएगा।
वेद प्रकाश मल्होत्रा जो एफसीआई में सहायक प्रबंधक (इलेक्ट्रिकल) के पद पर कार्यरत थे, पर अप्रैल 2005 में आदमपुर (जालंधर) में 10,000 रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप लगा था। एंटी करप्शन ब्यूरो ने उन्हें रंगे हाथ पकड़ने का दावा किया था और उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की थी। इस मामले में मल्होत्रा को 7 अप्रैल 2005 से 24 फरवरी 2006 तक निलंबित रखा गया था और फिर 27 अगस्त 2009 को उन्हें ट्रायल कोर्ट से सजा मिलने पर फिर से निलंबित किया गया।
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2014 में किया था बरी
एकल बेंच ने 20 अगस्त 2014 को मल्होत्रा को बरी करते हुए कहा था कि आरोपों के खिलाफ कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिले जिससे मामला संदेहास्पद हो गया। बाद में मल्होत्रा ने निलंबन अवधि को ड्यूटी अवधि मानने की मांग की जिस पर एफसीआई ने आपत्ति जताई थी। हाईकोर्ट ने एफसीआई के इस दृष्टिकोण को खारिज करते हुए यह स्पष्ट किया कि बरी होने के बाद कर्मचारी को पूरा वेतन और भत्ते मिलेंगे और निलंबन अवधि को ड्यूटी माना जाएगा। कोर्ट ने यह भी कहा कि संदेह का लाभ शब्दों का प्रयोग निर्णायक नहीं है बल्कि पूरे फैसले और तथ्यों को ध्यान में रखते हुए इसका अर्थ समझा जाना चाहिए। इस निर्णय से बरी कर्मचारी को राहत मिली है और न्याय की प्रक्रिया में पारदर्शिता की दिशा में एक और कदम बढ़ाया गया है।
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