फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   second round of talks on Shambhu border failed

बढ़ा इंतजार: शंभू बॉर्डर खोलने पर हुई दूसरी बैठक भी बेनतीजा, किसान बोले- कमेटी न बनाए केंद्र, सीधे करे संवाद

Sun, 25 Aug 2024 08:24 PM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटियाला (पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटियाला (पंजाब) Published by: चंडीगढ़ ब्यूरो Updated Sun, 25 Aug 2024 08:24 PM IST
सार

पंजाब के किसानों ने अपनी मांगों को लेकर 13 फरवरी को दिल्ली कूच किया था। हरियाणा में उन्हें शंभू बॉर्डर पर रोक लिया गया था। इसके बाद से किसानों ने वहीं पर पक्का मोर्चा लगा दिया था।

विज्ञापन
second round of talks on Shambhu border failed
बैठक में मौजूद किसान नेता - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

शंभू बॉर्डर खोलने पर किसानों और पुलिस प्रशासन के बीच दूसरे दौर की वार्ता भी बेनतीजा रही। इस बैठक में किसान जत्थेबंदियों के अलावा पंजाब एवं हरियाणा से पुलिस व प्रशासन के अधिकारी मौजूद थे। 

विज्ञापन


बैठक में किसानों को शंभू बॉर्डर आंशिक रूप से खोलने के लिए कहा गया तो उन्होंने कहा कि बॉर्डर किसानों ने नहीं, बल्कि हरियाणा सरकार ने केंद्र की शह पर बंद कर रखा है। यह बैठक सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर आयोजित की गई थी। 
विज्ञापन


विज्ञापन
विज्ञापन


मामले में सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि हरियाणा व पंजाब सरकार अपने स्तर पर किसानों से बैठक करे और समाधान निकालें। वहीं, किसानों की मांग है कि सुप्रीम कोर्ट जल्द से जल्द शंभू बॉर्डर को खुलवा दे, ताकि आम जनता व व्यापारियों को परेशान न होना पड़े। 

अधिकारियों ने बैठक में किसानों से सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक गठित की जाने वाली कमेटी में शामिल किए जाने वाले सदस्यों के बारे में राय मांगी। जवाब में किसान नेताओं ने साफ शब्दों में कहा कि कमेटी मामले को लटकाने की कोशिश है। उचित होगा कि मांगों को हल करने के लिए केंद्र सरकार सीधे किसानों से संवाद करे। इसके लिए किसान जत्थेबंदियां तैयार हैं। 

बैठक में किसानों की ओर से सरवण सिंह पंधेर, सुरजीत सिंह आदि किसान नेता मौजूद थे। वहीं, पंजाब की ओर से पटियाला के डीआईजी हरचरन सिंह भुल्लर व एसपी डॉ. नानक सिंह मौजूद थे।

कमेटी किसानों के मुद्दों को लटकाने का जरिया

किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने कहा कि 2021 में भी मोदी सरकार की ओर से एमएसपी की कानूनी गारंटी देने के लिए एक कमेटी का गठन किया गया था, लेकिन इसका नतीजा शून्य रहा है। इसके अलावा 2004 में स्वामीनाथन आयोग बना, जिसकी सिफारिशों को सरकारों की ओर से अब तक लागू नहीं किया गया है। इसलिए कमेटी का गठन किसानों की मांगों को लटकाने का एक जरिया मात्र है।

रास्ता खुलते ही दिल्ली कूच करेंगे

डल्लेवाल ने कहा कि किसान अपने स्टैंड पर अड़िग हैं। दिल्ली बिना ट्रैक्टर ट्रॉली के नहीं जाएंगे। ट्रैक्टर ट्रॉली ही किसानों को हर तरह के मौसम से बचाती हैं और इन्हीं में किसान अपनी हर जरूरत का सामान लेकर चलते हैं।

31 के बाद बनाएंगे आगे की रणनीति

किसान नेता सरवन सिंह पंधेर और जगजीत सिंह डल्लेवाल ने कहा कि किसानों की अन्य जत्थेबंदियों से मीटिंग हुई है। 31 अगस्त को शंभू बॉर्डर समेत 3 जगह पर किए जाने वाले प्रदर्शन को लेकर रणनीति बनाई गई है। इसके बाद दो सितंबर को शीर्ष अदालत में सुनवाई होनी है। सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद ही आगे की रणनीति बनाई जाएगी।

सकारात्मक माहौल में किसानों के साथ बैठक हुई है और पूरी उम्मीद है कि जल्द ही मसले का कोई हल निकलेगा। जल्द ही किसानों के साथ अगली बैठक की जाएगी। -हरचरन सिंह भुल्लर, डीआईजी, पटियाला
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed