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Patiala News: पंजाब में 11 जगह जली पराली, सात दिन में 39 मामले आ चुके
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बारिश की कमी व पराली जलने से वायु प्रदूषण बढ़ने का खतरा
अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला। सरकार के दावों के विपरीत पंजाब में पराली जलाने का सिलसिला थम नहीं रहा है। रविवार को 11 नए मामले दर्ज हुए, जिसके बाद इस सीजन में अब तक के केसों की गिनती बढ़कर 63 पहुंच गई। पराली जलाने में अमृतसर जिला लगातार नंबर वन बना है। यहां 15 सितंबर से लेकर अब तक पराली जलाने के कुल 39 मामले रिपोर्ट हो गए हैं। हालांकि फिलहाल पंजाब के शहरों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) संतोषजनक हालत में है, लेकिन जिस रफ्तार से पराली जलाने के मामले लगातार बढ़ रहे हैं और ऊपर से बारिश की भी कमी हो गई है। ऐसे में पर्यावरण माहिरों का मानना है कि आने वाले दिनों में पंजाब की हवा प्रदूषित होने का खतरा है।
रविवार को पराली जलाने के 11 नए मामले रिपोर्ट हुए, जिनमें सबसे अधिक छह मामले जिला अमृतसर के रहे, वहीं, चार गुरदासपुर और एक पटियाला से रहा। आंकड़ों के मुताबिक, पिछले साल 22 सितंबर को पराली जलाने का एक भी मामला सामने नहीं आया था। हालांकि साल 2022 में 30 मामले रिपोर्ट हुए थे। इससे साफ है कि साल 2023 के मुकाबले अब तक पंजाब में पराली ज्यादा जल रही है, जबकि सरकार के दावे थे कि 2023 के मुकाबले इस बार पराली जलाने के मामलों में काफी गिरावट दर्ज की जाएगी। लेकिन यह होता नजर नहीं आ रहा है।
पंजाब में 15 सितंबर से लेकर अब तक पराली जलाने के कुल 39 मामले रिपोर्ट हो गए हैं। वहीं साल 2023 में इस समय अवधि के दौरान मात्र सात पराली जलाने के मामले सेटेलाइट के जरिये रिपोर्ट किए गए थे। साल 2022 में हालांकि इस समय अवधि में पराली जलाने के 136 मामले हो गए थे। यहां गौरतलब है कि पंजाब में सेटेलाइट के जरिए 30 नवंबर तक पराली जलाने के मामलों की मॉनिटरिंग की जाएगी।
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बीते 4 साल में कितने हुए पराली जलाने के मामले
साल 2020 में पराली जलाने के कुल मामले 83002 रिपोर्ट हुए थे। वहीं 2021 में 71304, साल 2022 में 49922 और 2023 में कुल 36663 मामले सामने आए थे। यहां खास बात यह है कि साल 2020 में पराली जलाने के मामलों में बीते कुछ सालों की तुलना में 44.5 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई थी। हालांकि 2023 में पराली जलाने के मामलों में 2021 के मुकाबले 49 फीसदी और 2020 के मुकाबले 56 फीसदी व साल 2022 के मुकाबले 27 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई थी। लेकिन इस बार सरकार के तमाम दावों के विपरीत साल 2023 के मुकाबले लगातार ज्यादा पराली जल रही है।
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अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला। सरकार के दावों के विपरीत पंजाब में पराली जलाने का सिलसिला थम नहीं रहा है। रविवार को 11 नए मामले दर्ज हुए, जिसके बाद इस सीजन में अब तक के केसों की गिनती बढ़कर 63 पहुंच गई। पराली जलाने में अमृतसर जिला लगातार नंबर वन बना है। यहां 15 सितंबर से लेकर अब तक पराली जलाने के कुल 39 मामले रिपोर्ट हो गए हैं। हालांकि फिलहाल पंजाब के शहरों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) संतोषजनक हालत में है, लेकिन जिस रफ्तार से पराली जलाने के मामले लगातार बढ़ रहे हैं और ऊपर से बारिश की भी कमी हो गई है। ऐसे में पर्यावरण माहिरों का मानना है कि आने वाले दिनों में पंजाब की हवा प्रदूषित होने का खतरा है।
रविवार को पराली जलाने के 11 नए मामले रिपोर्ट हुए, जिनमें सबसे अधिक छह मामले जिला अमृतसर के रहे, वहीं, चार गुरदासपुर और एक पटियाला से रहा। आंकड़ों के मुताबिक, पिछले साल 22 सितंबर को पराली जलाने का एक भी मामला सामने नहीं आया था। हालांकि साल 2022 में 30 मामले रिपोर्ट हुए थे। इससे साफ है कि साल 2023 के मुकाबले अब तक पंजाब में पराली ज्यादा जल रही है, जबकि सरकार के दावे थे कि 2023 के मुकाबले इस बार पराली जलाने के मामलों में काफी गिरावट दर्ज की जाएगी। लेकिन यह होता नजर नहीं आ रहा है।
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पंजाब में 15 सितंबर से लेकर अब तक पराली जलाने के कुल 39 मामले रिपोर्ट हो गए हैं। वहीं साल 2023 में इस समय अवधि के दौरान मात्र सात पराली जलाने के मामले सेटेलाइट के जरिये रिपोर्ट किए गए थे। साल 2022 में हालांकि इस समय अवधि में पराली जलाने के 136 मामले हो गए थे। यहां गौरतलब है कि पंजाब में सेटेलाइट के जरिए 30 नवंबर तक पराली जलाने के मामलों की मॉनिटरिंग की जाएगी।
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बीते 4 साल में कितने हुए पराली जलाने के मामले
साल 2020 में पराली जलाने के कुल मामले 83002 रिपोर्ट हुए थे। वहीं 2021 में 71304, साल 2022 में 49922 और 2023 में कुल 36663 मामले सामने आए थे। यहां खास बात यह है कि साल 2020 में पराली जलाने के मामलों में बीते कुछ सालों की तुलना में 44.5 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई थी। हालांकि 2023 में पराली जलाने के मामलों में 2021 के मुकाबले 49 फीसदी और 2020 के मुकाबले 56 फीसदी व साल 2022 के मुकाबले 27 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई थी। लेकिन इस बार सरकार के तमाम दावों के विपरीत साल 2023 के मुकाबले लगातार ज्यादा पराली जल रही है।