फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Punjab ›   Patiala News ›   SSA, Rmsa teacher, hunger strikes, DC office, protesting, Sangrur

एसएसए,रमसा अध्यापकों ने की भूख हड़ताल

Mon, 20 Jun 2016 10:03 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, संगरूर
ब्यूरो, अमर उजाला, संगरूर Updated Mon, 20 Jun 2016 10:03 PM IST
विज्ञापन
SSA, Rmsa teacher, hunger strikes, DC office, protesting, Sangrur
संगरूर में भूख हड़ताल पर बैठे एसएसए, रमसा टीचर। - फोटो : अमर उजाला
आठ साल से ठेका आधारित सेवाएं शिक्षा विभाग के अधीन लाकर रेगुलर करवाने और रुके वेतन जारी करवाने की मांग को लेकर सोमवार को एसएसए रमसा अध्यापक यूनियन ने डीसी दफ्तर के सामने भूख हड़ताल कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। यूनियन के जिला महासचिव गुरप्रीत पिशौर और प्रदेश कमेटी सदस्य अमन वशिष्ठ ने कहा कि  सर्व शिक्षा अभियान के तहत भर्ती करीब बारह हजार अध्यापक, हेडमास्टर और लैब अटेंडेंट आठ साल से सरकार की अनदेखी का शिकार हैं। सरकार नियमों के तहत भर्ती होने के बावजूद एसएसए रमसा अध्यापकों को रेगुलर करने में टालमटोल कर रही है। इससे अध्यापकों में रोष है। 
विज्ञापन


यूनियन नेता दिनेश बजाज, अवतार सिंह और निखलेश जैन ने कहा कि सरकार उनकी मांगों को स्वीकार न करके उन्हें संघर्ष के लिए विवश कर रही है। अब इन अध्यापकों के सब्र का बांध टूटता जा रहा है। सतनाम सिंह और नूतन कपूर ने कहा कि सरकार उनकी जायज मांगों को मानने की बजाय उनपर डंडे बरसाकर जेलों में बंद कर रही है और उनपर झूठे मामले बनाए जा रहे हैं। इसे सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि उनकी मांगों को पूरा न किया गया तो वह सरकार के खिलाफ पोल खोल अभियान चलाएंगे। मौके पर यूनियन के नेता गगन कुप, दिनेश बांसल, सज्जाद, नूर मोहम्मद, जावेद, पवन कुमार, गुरजंट जखेपल, सुखदेव भुटाल, पंकज कुमार, रामवीर सिंह मौजूद थे।
विज्ञापन


 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed