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अमृतसर सिटी केबल स्कैंडल के चारों आरोपी बरी
ब्यूरो, अमर उजाला, पटियाला
Updated Mon, 18 Apr 2016 10:26 PM IST
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- फोटो : Demo
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करीब 13 साल पुराने अमृतसर सिटी केबल स्कैंडल में सोमवार को पटियाला की सीबीआई स्पेशल कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए चारों आरोपियों को बरी कर दिया। आरोपी केबल आपरेटरों को विभिन्न चैनलों के सिग्नल प्रोवाइड करते थे। इन पर आरोप थे कि ये केबल ऑपेरटरों से ज्यादा पैसे उगराहते हैं और धमकियां भी देते हैं।
आरोपियों की तरफ से वकील सतनाम सिंह कलेर ने बताया कि फरवरी 2003 में अमृतसर के केबल आपरेटर सर्वजीत वेरका समेत अन्य केबल आपरेटरों ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के रिटायर जज अजीत सिंह बैंस के पास शिकायत की थी कि केबल आपरेटरों को विभिन्न चैनलों के सिग्नल/सर्विस प्रोवाइड करने वाले अमृतसर के सर्वजीत सिंह राजू, गगन बेदी, हरि ओम धानुका और प्रवीण चड्डा उनसे ज्यादा पैसे लेकर धक्का कर रहे हैं। न देने पर केबल आपरेटरों को धमकियां दी जाती हैं। इस पर रिटायर जज अजीत सिंह बैंस ने हाईकोर्ट में रिट दायर करके केस सीबीआई को सौंपने की मांग की थी। रिट पर सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने केस सीबीआई को सौंप दिया था।
इसके बाद सीबीआई ने तीन जून 2003 को सर्वजीत सिंह राजू, गगन बेदी, हरि ओम धानुका और प्रवीण चड्डा के खिलाफ धारा 384, 506, 120-बी के तहत केस दर्ज किया था। आरोपियों के खिलाफ पटियाला अदालत में चालान पेश हुआ। तब से यह केस कोर्ट में चल रहा था। केस की सुनवाई के दौरान सीबीआई ने 74 गवाहों के बयान दर्ज कराए। इनमें एक रिटायर जज बैंस खुद भी थे। इन गवाहियों के बावजूद कोर्ट में साबित नहीं हो सका कि केबल आपरेटरों से आरोपियों द्वारा सिग्नल देने के लिए ज्यादा पैसे लिए जा रहे थे। आज इस केस की सुनवाई के बाद कोर्ट ने सभी आरोपियों को बरी कर दिया।
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आरोपियों की तरफ से वकील सतनाम सिंह कलेर ने बताया कि फरवरी 2003 में अमृतसर के केबल आपरेटर सर्वजीत वेरका समेत अन्य केबल आपरेटरों ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के रिटायर जज अजीत सिंह बैंस के पास शिकायत की थी कि केबल आपरेटरों को विभिन्न चैनलों के सिग्नल/सर्विस प्रोवाइड करने वाले अमृतसर के सर्वजीत सिंह राजू, गगन बेदी, हरि ओम धानुका और प्रवीण चड्डा उनसे ज्यादा पैसे लेकर धक्का कर रहे हैं। न देने पर केबल आपरेटरों को धमकियां दी जाती हैं। इस पर रिटायर जज अजीत सिंह बैंस ने हाईकोर्ट में रिट दायर करके केस सीबीआई को सौंपने की मांग की थी। रिट पर सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने केस सीबीआई को सौंप दिया था।
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इसके बाद सीबीआई ने तीन जून 2003 को सर्वजीत सिंह राजू, गगन बेदी, हरि ओम धानुका और प्रवीण चड्डा के खिलाफ धारा 384, 506, 120-बी के तहत केस दर्ज किया था। आरोपियों के खिलाफ पटियाला अदालत में चालान पेश हुआ। तब से यह केस कोर्ट में चल रहा था। केस की सुनवाई के दौरान सीबीआई ने 74 गवाहों के बयान दर्ज कराए। इनमें एक रिटायर जज बैंस खुद भी थे। इन गवाहियों के बावजूद कोर्ट में साबित नहीं हो सका कि केबल आपरेटरों से आरोपियों द्वारा सिग्नल देने के लिए ज्यादा पैसे लिए जा रहे थे। आज इस केस की सुनवाई के बाद कोर्ट ने सभी आरोपियों को बरी कर दिया।
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