{"_id":"56f178b34f1c1b2d72f14d45","slug":"shastriye-sangeet-programe-pu-rabab-patiala","type":"story","status":"publish","title_hn":"शास्त्रीय संगीत गायन और वादन की पेशकारी ने सबका मन मोहा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शास्त्रीय संगीत गायन और वादन की पेशकारी ने सबका मन मोहा
ब्यूरो/अमर उजाला, पटियाला
Updated Tue, 22 Mar 2016 10:24 PM IST
विज्ञापन
पटियाला की पंजाबी यूनिवर्सिटी में मंगलवार को आयोजित आठवें रबाबी भाई मरदाना शास्त्रीय संगीत सम्मेलन के दूसरे दिन अपने फन का प्रदर्शन करते कलाकार।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पंजाबी यूनिवर्सिटी में आयोजित आठवें रबाबी भाई मरदाना शास्त्रीय संगीत सम्मेलन के दूसरे दिन मंगलवार को शास्त्रीय संगीत गायन और वादन की पेशकारी हुई।
इस मौके पर मुख्य मेहमान सरबत दा भला चैरिटेबल ट्रस्ट के चेयरमैन एसपी सिंह ओबराय और विशेष मेहमान एडिशनल डीन रिसर्च डा. राकेश मोहन शर्मा रहे। दूसरे दिन का आगाज शास्त्रीय गायन के साथ हुआ। इसमें ग्वालियर घराने के संगीत विद्वान पंडित ओम प्रकाश के शार्गिद अर्शप्रीत सिंह ने शास्त्रीय गायन पेश किया। उन्होंने राग शुद्ध सारंग में विलंबित ख्याल और द्रुत ख्याल में बंदिश की सुरीली पेशकारी की।
इनके साथ तबले पर संगत ओम प्रकाश और हारमोनियम पर अली अकबर ने दी। इनके बाद सुरजीत सिंह सारंगी वादक और पंडित राम नारायण के शार्गिद अमनदीप सिंह ने ताउस और दिलरूबा का वादन किया। उन्होंने राग वाचसपती में विलंबित और द्रुत गत की शानदार पेशकारी की। इनके साथ तबले पर संगत सिद्धार्थ चटर्जी ने की।
संगीत सम्मेलन के अंत में पंजाब घराने के तबला वादक उस्ताद काले राम की बेटी व इंदौर घराने के सितार वादक अरुण मिश्रा की शार्गिद वनिता ने सितार वादन पेश किया। उन्होंने राग पटदीप में विलंबित और द्रुत गत की पेशकारी की। इनके साथ तबले पर संगत राजविंदर सिंह ने की।
विज्ञापन
आज संगीत नाटक एकेडमी के वाइस चेयरमैन और आर्ट क्रिटिक एसडी शर्मा को पंजाबी यूनिवर्सिटी सम्मान पत्र व दुशाला के साथ विशेष तौर पर सम्मानित किया गया। इस मौके पर गुरमत संगीत चेयर के प्रमुख डा. गुरनाम सिंह ने कहा कि पीयू के कलाकारों की राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसा होती है।
विज्ञापन
इस मौके पर मुख्य मेहमान सरबत दा भला चैरिटेबल ट्रस्ट के चेयरमैन एसपी सिंह ओबराय और विशेष मेहमान एडिशनल डीन रिसर्च डा. राकेश मोहन शर्मा रहे। दूसरे दिन का आगाज शास्त्रीय गायन के साथ हुआ। इसमें ग्वालियर घराने के संगीत विद्वान पंडित ओम प्रकाश के शार्गिद अर्शप्रीत सिंह ने शास्त्रीय गायन पेश किया। उन्होंने राग शुद्ध सारंग में विलंबित ख्याल और द्रुत ख्याल में बंदिश की सुरीली पेशकारी की।
इनके साथ तबले पर संगत ओम प्रकाश और हारमोनियम पर अली अकबर ने दी। इनके बाद सुरजीत सिंह सारंगी वादक और पंडित राम नारायण के शार्गिद अमनदीप सिंह ने ताउस और दिलरूबा का वादन किया। उन्होंने राग वाचसपती में विलंबित और द्रुत गत की शानदार पेशकारी की। इनके साथ तबले पर संगत सिद्धार्थ चटर्जी ने की।
विज्ञापन
संगीत सम्मेलन के अंत में पंजाब घराने के तबला वादक उस्ताद काले राम की बेटी व इंदौर घराने के सितार वादक अरुण मिश्रा की शार्गिद वनिता ने सितार वादन पेश किया। उन्होंने राग पटदीप में विलंबित और द्रुत गत की पेशकारी की। इनके साथ तबले पर संगत राजविंदर सिंह ने की।
विज्ञापन
आज संगीत नाटक एकेडमी के वाइस चेयरमैन और आर्ट क्रिटिक एसडी शर्मा को पंजाबी यूनिवर्सिटी सम्मान पत्र व दुशाला के साथ विशेष तौर पर सम्मानित किया गया। इस मौके पर गुरमत संगीत चेयर के प्रमुख डा. गुरनाम सिंह ने कहा कि पीयू के कलाकारों की राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसा होती है।