{"_id":"b418d81ae57418ad3e2384422d113aba","slug":"revealed-large-networks-of-drugs-in-europe-and-canada","type":"story","status":"publish","title_hn":"यूरोप और कनाडा में ड्रग्स के बड़े नेटवर्क का खुलासा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूरोप और कनाडा में ड्रग्स के बड़े नेटवर्क का खुलासा
अमर उजाला, पटियाला
Updated Tue, 12 Nov 2013 10:25 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पटियाला में अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्कर गिरोह के सरगना जगदीश भोला और उसके चार साथियों ने कई बड़े खुलासे किए हैं। उन्होंने यूरोप और कनाडा की मार्केट में ड्रग्स की सप्लाई के बड़े नेटवर्क की बात कही है।
इनमें यूके भी शामिल है। पूछताछ में सामने आया है कि भोला 300 किलोग्राम सिंथेटिक ड्रग्स जैसे आइस और हेरोइन की भारत के बाहर स्मगलिंग कर चुका है।
यह ड्रग्स भारत के बाहर विदेशों में एयर कार्गो और ह्यूमन कूरियर के जरिये भेजी जाती थी। इन सभी आरोपियों को सोमवार को हरियाणा के सोनीपत के पास गन्नौर से पकड़ा था।
एसएसपी हरदियाल सिंह मान ने बताया कि ड्रग्स की जूतों की हील में छिपाकर, किताबों या फिर लेडीज सूटों, खाने-पीने की चीजों के डिब्बों में यहां तक कि धार्मिक शख्सियतों के पिक्चर फ्रेमों में छिपाकर तस्करी की जाती थी।
विज्ञापन
यह नेटवर्क बड़े प्लान तरीके से चलाया जाता था। ड्रग्स की पैकिंग, ट्रांसपोर्टेशन, रिसीविंग और वितरण के लिए अलग-अलग लोगों का इस्तेमाल किया जाता था।
पूछताछ में यह भी सामने आया है कि कनाडा और यूरोप के स्पोर्ट्स क्लबों का भी इन ड्रग्स को बांटने में इस्तेमाल किया जाता था। चाइनीज, वियतनाम और अन्य कई विदेशों की इस ड्रग रैकेट में संलिप्तता सामने आई है।
इन बाहरी देशों के कुछ नागरिक विभिन्न रासायनिक पदार्थों से सिंथेटिक ड्रग्स तैयार करते थे और भारत भेजते थे। इससे इन तैयार की गईं सिंथेटिक ड्रग्स की क्वालिटी यकीनी बनाई जा सके। भारत के ड्रग ट्रेड में शामिल इन विदेशी नागरिकों की पहचान के लिए अहम सुराग मिले हैं।
ड्रग्स की खेप प्राप्त करने वालों में कई खिलाड़ी
एसएसपी ने बताया कि जांच के दौरान भोला नेटवर्क की ओर से भेजी ड्रग्स की खेप को प्राप्त करने वाले कई आरोपियों की पहचान हुई है। इनमें पूर्व कबड्डी खिलाड़ी सर्बजीत सिंह उर्फ निक निवासी समराला (वर्तमान में वेंकूवर निवासी), निरंकारा सिंह ढिल्लों फिल्लौर (वर्तमान में कनाडा निवासी) हैं।
निरंकारा सिंह अनूप सिंह काहलों केस में पुलिस की ओर से काबू किए गए कुलवंत सिंह का ससुर है। इनके अलावा हरबंस सिद्धू निवासी लुधियाना (वर्तमान में टोरंटो निवासी), दारा सिंह मथोड़ा निवासी गांव मथोड़ा पुलिस स्टेशन फिल्लौर (वर्तमान में वेंकूवर निवासी) की पहचान हुई है।
सब्बा ने चोरी कर बेचे सैकड़ों वाहन
भोला के साथ गिरफ्तार उसका साथी सरबजीत सिंह उर्फ सब्बा ने अपना आपराधिक जीवन एक माहिर वाहन चोर के तौर पर शुरू किया। उसने हरियाणा, गुजरात, राजस्थान और पंजाब में सैकड़ों वाहन चोरी करके बेचे।
बाद में वह भोला के ड्रग रैकेट का हिस्सा बन गया। उस खिलाफ कई मामले पंचकूला, बनूड़, राजासांसी और सूरत में दर्ज हैं। उनका एक अन्य साथी बलजिंदर सिंह भी नशीले पदार्थों की तस्करी का काम बड़े स्तर पर करता है। वह भोला के हेरोइन और सिंथेटिक ड्रग्स के धंधे में बड़ा रोल निभा रहा था।
पुलिसकर्मियों को इनाम की घोषणा
डीजीपी सुमेध सिंह ने इस मामले में शानदार प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों काउंटर इंटेलीजेंस के एआईजी सिमरतपाल सिंह ढींढसा, एसपी राजपुरा भूपिंदर सिंह खटड़ा, डीएसपी काउंटर इंटेलीजेंस तेजिंदरजीत सिंह विर्क के लिए डायरेक्टर जनरल कमेंडेशन डिस्क देने का ऐलान किया है। पांच पुलिस कर्मचारियों के लिए लोकल रैंक प्रमोशन देने का ऐलान किया है।
विज्ञापन
इनमें यूके भी शामिल है। पूछताछ में सामने आया है कि भोला 300 किलोग्राम सिंथेटिक ड्रग्स जैसे आइस और हेरोइन की भारत के बाहर स्मगलिंग कर चुका है।
यह ड्रग्स भारत के बाहर विदेशों में एयर कार्गो और ह्यूमन कूरियर के जरिये भेजी जाती थी। इन सभी आरोपियों को सोमवार को हरियाणा के सोनीपत के पास गन्नौर से पकड़ा था।
विज्ञापन
एसएसपी हरदियाल सिंह मान ने बताया कि ड्रग्स की जूतों की हील में छिपाकर, किताबों या फिर लेडीज सूटों, खाने-पीने की चीजों के डिब्बों में यहां तक कि धार्मिक शख्सियतों के पिक्चर फ्रेमों में छिपाकर तस्करी की जाती थी।
विज्ञापन
यह नेटवर्क बड़े प्लान तरीके से चलाया जाता था। ड्रग्स की पैकिंग, ट्रांसपोर्टेशन, रिसीविंग और वितरण के लिए अलग-अलग लोगों का इस्तेमाल किया जाता था।
पूछताछ में यह भी सामने आया है कि कनाडा और यूरोप के स्पोर्ट्स क्लबों का भी इन ड्रग्स को बांटने में इस्तेमाल किया जाता था। चाइनीज, वियतनाम और अन्य कई विदेशों की इस ड्रग रैकेट में संलिप्तता सामने आई है।
इन बाहरी देशों के कुछ नागरिक विभिन्न रासायनिक पदार्थों से सिंथेटिक ड्रग्स तैयार करते थे और भारत भेजते थे। इससे इन तैयार की गईं सिंथेटिक ड्रग्स की क्वालिटी यकीनी बनाई जा सके। भारत के ड्रग ट्रेड में शामिल इन विदेशी नागरिकों की पहचान के लिए अहम सुराग मिले हैं।
ड्रग्स की खेप प्राप्त करने वालों में कई खिलाड़ी
एसएसपी ने बताया कि जांच के दौरान भोला नेटवर्क की ओर से भेजी ड्रग्स की खेप को प्राप्त करने वाले कई आरोपियों की पहचान हुई है। इनमें पूर्व कबड्डी खिलाड़ी सर्बजीत सिंह उर्फ निक निवासी समराला (वर्तमान में वेंकूवर निवासी), निरंकारा सिंह ढिल्लों फिल्लौर (वर्तमान में कनाडा निवासी) हैं।
निरंकारा सिंह अनूप सिंह काहलों केस में पुलिस की ओर से काबू किए गए कुलवंत सिंह का ससुर है। इनके अलावा हरबंस सिद्धू निवासी लुधियाना (वर्तमान में टोरंटो निवासी), दारा सिंह मथोड़ा निवासी गांव मथोड़ा पुलिस स्टेशन फिल्लौर (वर्तमान में वेंकूवर निवासी) की पहचान हुई है।
सब्बा ने चोरी कर बेचे सैकड़ों वाहन
भोला के साथ गिरफ्तार उसका साथी सरबजीत सिंह उर्फ सब्बा ने अपना आपराधिक जीवन एक माहिर वाहन चोर के तौर पर शुरू किया। उसने हरियाणा, गुजरात, राजस्थान और पंजाब में सैकड़ों वाहन चोरी करके बेचे।
बाद में वह भोला के ड्रग रैकेट का हिस्सा बन गया। उस खिलाफ कई मामले पंचकूला, बनूड़, राजासांसी और सूरत में दर्ज हैं। उनका एक अन्य साथी बलजिंदर सिंह भी नशीले पदार्थों की तस्करी का काम बड़े स्तर पर करता है। वह भोला के हेरोइन और सिंथेटिक ड्रग्स के धंधे में बड़ा रोल निभा रहा था।
पुलिसकर्मियों को इनाम की घोषणा
डीजीपी सुमेध सिंह ने इस मामले में शानदार प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों काउंटर इंटेलीजेंस के एआईजी सिमरतपाल सिंह ढींढसा, एसपी राजपुरा भूपिंदर सिंह खटड़ा, डीएसपी काउंटर इंटेलीजेंस तेजिंदरजीत सिंह विर्क के लिए डायरेक्टर जनरल कमेंडेशन डिस्क देने का ऐलान किया है। पांच पुलिस कर्मचारियों के लिए लोकल रैंक प्रमोशन देने का ऐलान किया है।