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टूटा रिकार्ड : पंजाब में बिजली की मांग 10729 मेगावाट पहुंची, थर्मलों में कोयले का संकट बरकरार, मात्र से 20 दिन का कोयला शेष
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पटियाला। पंजाब में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच शुक्रवार से धान का सीजन भी शुरू हो गया। इससे बड़े उछाल के साथ प्रदेश में बिजली की अधिकतम मांग 10729 मेगावाट तक पहुंच गई, जो इस सीजन में अब तक की सबसे अधिक रही। उधर, सरकार के लगातार दावों के बावजूद पंजाब के थर्मल प्लांटों में कोयले का संकट गंभीर बना हुआ है। थर्मलों में तीन से लेकर 20 दिन का ही कोयला शेष है। शुक्रवार को सरकारी थर्मलों की दो और प्राइवेट की भी दो यूनिटें बंद रहीं। इससे 1350 मेगावाट बिजली सप्लाई प्रभावित रही। उधर, किसानों ने धान का सीजन शुरू होते ही बिजली की पूरी सप्लाई न मिलने को लेकर रोष जताया है। भाकियू एकता डकौंदा के किसान नेता टहल सिंह के मुताबिक पूरे दिन में केवल पांच घंटे ही बिजली मिली, जो नाकाफी है। उन्होंने मांग की कि रोजाना निर्विघ्न आठ घंटे बिजली सप्लाई मिले, तभी भीषण गर्मी के मौसम में खेतों में रोपी जा रही पनीरी बचेगी।
पंजाब के रोपड़ थर्मल प्लांट में इस समय करीब 13, लहरा मुहब्बत में 15, तलवंडी साबो में पांच, गोइंदवाल में तीन और राजपुरा में 20 दिन का कोयला शेष है। प्रदेश में शुक्रवार को बिजली की अधिकतम मांग 10729 मेगावाट दर्ज की गई। इस बढ़ी मांग को पूरा करने के लिए पावरकॉम के पास बिजली की उपलब्धता 3938 मेगावाट की रही। इसमें से पावरकॉम को अपने रोपड़ व लहरा की छह यूनिटों से 981 मेगावाट, हाइडल प्रोजेक्टों से 570 मेगावाट और प्राइवेट थर्मलों की पांच यूनिटों से 2226 मेगावाट बिजली प्राप्त हुई। शुक्रवार को रोपड़, लहरा मुहब्बत, तलवंडी साबो व गोइंदवाल की एक-एक यूनिट बंद रहीं। इससे 1350 मेगावाट बिजली की सप्लाई ठप रही। ऐसे में पावरकॉम को बढ़ी मांग के मद्देनजर बाहर से बिजली खरीदनी पड़ी। जानकारी के मुताबिक पावरकॉम ने बाहर से करीब सात रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से करीब 4800 मेगावाट बिजली खरीदी। जबकि पावरकॉम को बैंकिंग के जरिये 1720 मेगावाट बिजली प्राप्त हुई।
52 फीडरों से बिजली सप्लाई रही बाधित, पावरकॉम को मिली 63960 शिकायतें
बिजली की मांग ज्यादा रहने के कारण 35 फीडरों से दो घंटे के लिए, 9 फीडरों से दो से चार घंटे के लिए, पांच फीडरों से चार से छह घंटों के लिए और तीन फीडरों से छह घंटे से ज्यादा समय के लिए बिजली सप्लाई प्रभावित रही। इस तरह से कुल 52 फीडरों से बिजली सप्लाई बाधित रही। इससे पावरकॉम को शुक्रवार को पूरे दिन में 63,960 शिकायतें मिलीं, जिनमें से 49545 शिकायतों का निपटारा खबर लिखे जाने तक हो गया था। यहां गौरतलब है कि सरहद के साथ लगते कांटों वाली तार के पार वाले क्षेत्रों में शुक्रवार से धान की बुआई शुरू हो गई है, जबकि बाकी जिलों में 17 जून से धान की बुआई शुरू होगी।
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पंजाब के रोपड़ थर्मल प्लांट में इस समय करीब 13, लहरा मुहब्बत में 15, तलवंडी साबो में पांच, गोइंदवाल में तीन और राजपुरा में 20 दिन का कोयला शेष है। प्रदेश में शुक्रवार को बिजली की अधिकतम मांग 10729 मेगावाट दर्ज की गई। इस बढ़ी मांग को पूरा करने के लिए पावरकॉम के पास बिजली की उपलब्धता 3938 मेगावाट की रही। इसमें से पावरकॉम को अपने रोपड़ व लहरा की छह यूनिटों से 981 मेगावाट, हाइडल प्रोजेक्टों से 570 मेगावाट और प्राइवेट थर्मलों की पांच यूनिटों से 2226 मेगावाट बिजली प्राप्त हुई। शुक्रवार को रोपड़, लहरा मुहब्बत, तलवंडी साबो व गोइंदवाल की एक-एक यूनिट बंद रहीं। इससे 1350 मेगावाट बिजली की सप्लाई ठप रही। ऐसे में पावरकॉम को बढ़ी मांग के मद्देनजर बाहर से बिजली खरीदनी पड़ी। जानकारी के मुताबिक पावरकॉम ने बाहर से करीब सात रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से करीब 4800 मेगावाट बिजली खरीदी। जबकि पावरकॉम को बैंकिंग के जरिये 1720 मेगावाट बिजली प्राप्त हुई।
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52 फीडरों से बिजली सप्लाई रही बाधित, पावरकॉम को मिली 63960 शिकायतें
बिजली की मांग ज्यादा रहने के कारण 35 फीडरों से दो घंटे के लिए, 9 फीडरों से दो से चार घंटे के लिए, पांच फीडरों से चार से छह घंटों के लिए और तीन फीडरों से छह घंटे से ज्यादा समय के लिए बिजली सप्लाई प्रभावित रही। इस तरह से कुल 52 फीडरों से बिजली सप्लाई बाधित रही। इससे पावरकॉम को शुक्रवार को पूरे दिन में 63,960 शिकायतें मिलीं, जिनमें से 49545 शिकायतों का निपटारा खबर लिखे जाने तक हो गया था। यहां गौरतलब है कि सरहद के साथ लगते कांटों वाली तार के पार वाले क्षेत्रों में शुक्रवार से धान की बुआई शुरू हो गई है, जबकि बाकी जिलों में 17 जून से धान की बुआई शुरू होगी।
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